• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पौष अमावस्या पर करें ये उपाय, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद!

Writer D by Writer D
16/12/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Jyeshtha Amavasya

Jyeshtha Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में पौष मास में पड़ने वाली अमावस्या (Amavasya) बहुत विशेष मानी गई है। इसे पौष अमावस्या कहा जाता है। ये दिन बहुत शुभ और पावन होता है। अमावस्या का दिन स्नान-दान और आत्मशुद्धि का माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और फिर दान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा की जाती है। अमावस्या का दिन पितरों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

पौष अमावस्या (Paush Amavasya) के दिन स्नान-दान और पूजा पाठ के साथ-साथ पितरों के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन खास उपाय करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद घर परिवार पर बनाए रखते हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि सदा बनी रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं पौष अमावस्या के दिन पितरों के लिए किए जाने वाले विशेष उपायों के बारे में।

पौष अमावस्या (Paush Amavasya) 2025 कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह की अमावस्या तिथि 19 दिसंबर, शुक्रवार के दिन सुबह 04 बजकर 59 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 20 दिसंबर सुबह 07 बजकर 12 मिनट पर होगा। ऐसे में पंचांग को देखते हुए इस साल पौष अमावस्या 19 दिसंबर, शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी।

पौष अमावस्या (Paush Amavasya) के उपाय

– पौष अमावस्या (Paush Amavasya) की सुबह पवित्र नदी या घर में पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद पितरों का तर्पण करना चाहिए। पितरों का तर्पण करते समय मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। ये दिशा पितरों की मानी जाती है। जल में तिल मिलाकर तर्पण करना चाहिए। इससे पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।
– पौष अमावस्या (Paush Amavasya) के दिन पितरों का पिंडदान करना चाहिए। इस दिन पितरों का पिंडदान करके उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। यही नहीं इस दिन पितरों का पिंडदान करके ऋण से मुक्ति की कामना की जाती है।
– पौष अमावस्या (Paush Amavasya) पर तिल का दान करना चाहिए। इस दिन तिल के दान से बहुत पुण्य प्राप्त होता है। काले तिल का उपयोग तर्पण और दान दोनों में किया जाता है। तिल के दान से पापों का नाश होता है। साथ ही सौभाग्य में वृद्धि होती है।
– इस दिन शाम के समय घर के द्वार पर और पितरों को समर्पित स्थान पर दीपक जलाना चाहिए। दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाना शुभ रहता है। इसका प्रकाश पितरों तक पहुंचता है और वो प्रसन्न होते हैं।

Tags: Paush Amavasya
Previous Post

इन राशिवालों को नहीं बनाना चाहिए जीवनसाथी

Next Post

सूर्य देव आज करेंगे धनु राशि में प्रवेश, इन राशिवालों की चमकेगी किस्मत

Writer D

Writer D

Related Posts

Eyes
फैशन/शैली

अपनी छोटी आंखों को बनाएं आकर्षक, इन टिप्स को करें फॉलो

17/05/2026
Garden
Main Slider

घर के गार्डन में घास-फूस हटाने के लिए आजमाए ये उपाय

17/05/2026
Love
Main Slider

प्यार के मामले में सबसे आगे होती है ये 4 राशि वाले, जानें कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

17/05/2026
Puja Ghar
धर्म

पूजा घर में गलती से भी ना रखें ये चीजें, तरक्की में बन सकती है बाधा

17/05/2026
salt
खाना-खजाना

ज्यादा नमक ने बिगाड़ दिया खाने का जायका, ऐसे दूर करें ये समस्या

17/05/2026
Next Post
Surya Dev

सूर्य देव आज करेंगे धनु राशि में प्रवेश, इन राशिवालों की चमकेगी किस्मत

यह भी पढ़ें

केदारनाथ मंदिर पहुंचीं जाह्नवी कपूर-सारा अली खान, फोटोज आईं सामने

01/11/2021
uppsc result

UPPSC प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

27/06/2023
पूर्व आईएएस सेंथिल Former IAS Senthil

सीएए के विरोध में इस्तीफा देने वाले पूर्व आईएएस सेंथिल ने थामा कांग्रेस का दामन

08/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version