राष्ट्र का निर्माण करना है ताे ब्राम्हणों काे जगाना होगा। ब्राम्हणों काे अपनी शक्ति काे पहचानकर राजनीतिक ताकत बनना होगा। उत्तर प्रदेश के चाैदह फीसदी ब्राम्हण चाह ले ताे उनकी पसंद की ही सरकार बनेगी।
उक्त उदगार बैसवारा ब्राम्हण उत्थान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पांडेय ने बीघापुर तहसील क्षेत्र के धानीखेडा स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित ब्राम्हणों की बैठक में कहे। उन्होने कहा कि ब्राम्हण अगर अपनी ताकत काे दिखाना चाहता है ताे उसे एकजुट होना पडेगा। सेवा निवृत्त शिक्षक प्रमाेद नारायण व्दिवेदी ने ब्राम्हणों के संस्कारों पर प्रकाश डालते हुये कहा कि आज ब्राम्हण अपने संस्कारों काे पूरी तरह से खाे चुका है।

ब्राम्हणों काे अगर अपना अस्तित्व और सम्मान बचाना है ताे उसे अपने संस्कारों पर जाेर देना होगा। कवि कमलेश कुमार शुक्ला ने बैठक काे संबोधित करते हुये कहा कि ब्राम्हणों काे आरक्षण के ऊपर अपने काे साबित करना होगा। मंचाे से भाषण देने की बजाए हमे अपनी वास्तविकता काे पहचानना हाेगा।
हमें अपने संस्कारों काे बनाए रखना होगा क्योंकि अच्छे समाज की रचना के लिए संस्कारों का बहुत महत्व है। जाग्रति के लिए जागरण चाहिए, संस्कृति के लिए आचरण चाहिए कविता की पंक्तियों से संस्कारों पर प्रकाश डाला।
बैठक में जागेश्वर अवस्थी, कमलाकांत बाजपेयी, अविनाश बाजपेई, कुलदीप अग्निहोत्री, पंकज मिश्रा, गुड्डू तिवारी, अश्वनी बाजपेयी, राेहित तिवारी, नरेश तिवारी, सुमित व्दिवेदी, अंकित पांडेय समेत करीब आधा सैकड़ा से अधिक लाेग माैजूद रहे।









