• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

एक सुर, एक ताल में सबने बोला…केसरिया बालम पधारो म्हारे देश

Writer D by Writer D
11/02/2023
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। राग, रंग, उल्लास के साथ ही शास्त्रीय और लोक परम्परा को GIS 2023 के मुख्य मंच पर दूसरे दिन भी उकेरा गया। एक तरफ बुन्देली दल का खुशियों के मौके पर किया जाने वाला राई नृत्य था तो दूसरी ओर शास्त्रीय संगीत में घुली बंदिश समृद्ध संगीत विरासत से रू-ब-रू करा रहीं थीं। एक तरफ सूफी संगीत का जादू के साथ इन्डो वेर्स्टन फ्यूजन की दुनिया दिखायी गई तो वहीं लखनऊ का आकर्षक कथक नृत्य एक खास उल्लास के साथ संरचनाओं में पिरोकर माला तैयार की गई। मुख्य मंच की चकाचौंध कर देने वाली लाइटें, हजारों दर्शक और गीत-संगीत की बात के साथ समारोह का दूसरा दिन भी यादगार बन पड़ा और दर्शक देर शाम तक संस्कृति के आभामण्डल में खोए रहे।

समिट के मंच पर पहली प्रस्तुति के रूप में लखनऊ घराने का कथक आकर्षक रंगों के साथ देखने को मिला। जिसमें महादेव के सभी रूपों का वर्णन भी था और बृज की होली का उल्लास भी। नृत्यांगाना श्वेता वर्मा और उनके दल ने कथक में रुद्रावतार की प्रस्तुति दी। पहली संरचना में शंकर अति प्रचंड नाचम कर डमरू बाजे की प्रस्तुति दी। राग मालकोस में हुई इस प्रस्तुति में महादेव के रूपों का अभिनय किया गया। पण्डाल में बैठे में दर्शकों ने इस प्रस्तुति को पसंद किया और तालियों से सराहना की। इसके बाद मंच पर नृत्य, गुलाल और फूलों के साथ ब्रज की होली को सुन्दरता के साथ बयां किया गया। कलाकारों ने कन्हैया घर चलो गुइयां, आज खेलो होरी गीत पर लखनऊ घराने के कथक को मंच पर साकार किया। नृत्य कलाकारों के साथ गायन पर इलियास खान, तबले पर डॉ. श्रीकांत शुक्ल व इलियास हुसैन खान, सारंगी पर जीशान अब्बास, ढोलक पर शुभ भटनागर ने सफल संगत की। रुद्रावतार का निर्देशन आरती शुक्ला ने किया।

GIS

बिखरी शास्त्रीय संगीत की मनोरम छटा

कथक के बाद मंच पर शास्त्रीय संगीत सुनने का अवसर संगीत प्रेमियों को मिला। प्रयागराज की गायिका डा. रश्मि जोशी ने रागमधुवंती कार्यक्रम के माध्यम से ख्याल गायकी से सभी को परिचित कराते हुए कई खूबसूरत बंदिश से समां बांध दिया। संगीत प्रेमी दर्शकों की वजह से कलाकारों को भी बल मिला। गायिका ने ख्याल गायकी में झनक झन बाजे और माने मनाए नाहीं गीत को सुनाया तो सभी ने गायिका के सुर लय और वादन करने वालों की ताल की तारीफ गूंजती तालियों के साथ किया। डा. रश्मि के साथ तबले पर अरुणेश पांडेय, तानपुरे पर अतुल तिवारी और हारमोनियम पर दिनकर द्विवेदी ने संगत कर प्रस्तुतियों को खास बनाया।

GIS

GIS और जी 20 के उल्लास में नाचे बुन्देली

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में झांसी से आए कलाकारों ने खुशियों के मौके पर किए जाने वाले राई नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुतियां दी। रंग-बिरंगे आकर्षक परिधान और मोहित करने वाले गीतों पर किए गाए पारम्परिक नृत्य ने हर किसी के साथ नाता जोड़ लिया। बुंदेलखण्ड से आईं राधा प्रजापति एवं दल ने सबसे पहले ओरछा बिराजे राजा राम हो, चलो व्यथा मन की सुनावे. गीत पर कलाकारों ने राई नृत्य की प्रस्तुति दी। राधा प्रजापति ने बताया कि राई नृत्य को दरबारी नृत्य के नाम से भी जाना जाता है। जब राजा महाराजा युद्ध जीतकर आते थे तो ये नृत्य किया जाता था। इसके अलावा सूखे में बारिश आने की खुशी में भी राई नृत्य की प्रस्तुति होती है लेकिन हम लोग जीआईएस 2023 और भारत में जी-20 होने से मिले गर्व की खुशी के रूप में राई नृत्य की प्रस्तुति देने आए हैं। मंच पर राधा प्रजापति के साथ ही नीलम प्रजापति, अनीशा राजपूत, श्वेता, निधि, रूबी, ज्योति, अंकर जैन, ब्रम्हादीन, शीलचंद्र, अरविंद ने अपने नृत्य कौशल से परिचित कराया।

GIS

रागधानी का इण्डो फ्यूजन रंग

मुख्य मंच पर हुए कार्यक्रमों में दर्शकों को सबसे ज्यादा जिसने अपनी ओर खींचा तो रागधानी बैण्ड रहा। राजस्थान के रंगों को लेकर समिट में आए रागधानी बैण्ड ने इण्डो वेस्टर्न म्यूजिक का ऐसा जादू चलाया कि दर्शकों ने न सिर्फ बैण्ड कलाकारों के सुर में सुर मिलाया बल्कि खुलकर नाचे भी। सुफी रंगों के साथ बैण्ड कलाकारों ने खड़ताल, गिटार और ड्रम की जुगलबंदी की। कभी सिर्फ गिटार की धुन तो कभी ड्रम से निकलने वाली धुन हर किसी के जहन में बस गई। इसके साथ ही बैण्ड के कलाकारों ने केसरिया बालम पधारो म्हारे देस के पारम्परिक रंग बिखेरे। मां तुझे सलाम के साथ पूरे पण्डाल में देशभक्ति रस का संचार किया। इसके साथ ही कलाकारों ने छाप तिलक सब छीनी रे, मोसे नैना मिलाइके गीत से सूफी रंग से माहौल को सराबोर कर दिया। इसके अलावा दमा दम मस्त कलंदर, अंखिया उड़िक दिना जैसे गीतों के साथ कलाकार और दर्शक एक रंग में रंग गए। गायक नरेंद्र के साथ खड़ताल पर हंसराज, कीबोर्ड पर राजीव ओम प्रकाश शर्मा, तबले पर अनिल, बांसुरी पर कीर्तिमान, गिटार पर संजय व ड्रम पर रियाज ने अपना जादू बिखेरा।

GIS

नृत्य के रंग में शिव और राम

सेमीक्लासिक नृत्य प्रस्तुति रघुवीरा में भगवान शिव और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की कहानी शामिल रही। निधि श्रीवास्तव ने साथी कलाकारों के साथ शिवजी के श्लोक कर्पूरगौरं करुणावतारं से शाम का आगाज किया। तो वहीं श्लोक आदौ रामतपोवनादि गमनं हत्वा मृगं कांचनम पर आकर्षक नृत्य देखने को मिला। इसके साथ ही कलाकारों ने नृत्य के साथ ही श्रीराम के जन्म की खुशी की, राम विवाह से लेकर रावण वध को बेहद ही सुन्दर अंदाज में मंच पर प्रस्तुत किया। कलाकारों को सबसे ज्यादा तालियां रावण वध के नृत्य के दौरान मिली।

आसमान पर उभरी आकृतियों पर टिकी नजर

समिट में पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी ड्रोन और लेजर शो आकर्षण का केन्द्र रहा। सूर्यास्त होते ही आकाश रंगीन रौशनी के साथ सजने लगा तो हर किसी की नजर आसमान पर टिक गई और सभी ने फोन निकाल वीडियो बनाना शुरू कर दिया। सड़क, फुटपाथ और मंच स्थल के साथ ही पवेलियन से लेागों ने ड्रोन और लेजर का मनोरम नजारा देखा। लेजर लाइटो से उत्तर प्रदेश की बदलती सूरत के साथ ही राम मंदिर, जीआईएस, जी-20, उत्तर प्रदेश का नक्शा को दर्शाया गया।

Tags: gis 2023Lucknow Newsup gisup gis 2023
Previous Post

ये दशक उत्तर प्रदेश का है: सीएम योगी

Next Post

GIS: जो गाय का पालन करेंगे उनका पालन स्वयं गाय करेगी: पुरुषोत्तम रूपाला

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

पीएम आवास योजना-शहरी में यूपी का देशभर में परचम, दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

05/10/2026
Main Slider

नव नियुक्त कार्मिक सेवाभाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निभाएं जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री

05/10/2026
Main Slider

आईटीआई प्रवेश के पांचवें चरण की प्रक्रिया शुरू, 11 अक्टूबर तक होंगे ऑनलाइन आवेदन

05/10/2026
Prerna Canteen
उत्तर प्रदेश

यूपी में 2100 से अधिक कैंटीन बनीं आत्मनिर्भरता की ‘प्रेरणा’, दस हजार परिवारों का बनीं सहारा

05/10/2026
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में स्वच्छ-हरित विद्यालयों का बढ़ा कारवां, एसएचवीआर में 1.62 लाख स्कूलों ने दर्ज कराई भागीदारी

05/10/2026
Next Post
UP GIS

GIS: जो गाय का पालन करेंगे उनका पालन स्वयं गाय करेगी: पुरुषोत्तम रूपाला

यह भी पढ़ें

योगी आदित्यनाथ

संक्रमित लोग बीमारी काे छुपा रहे हैं, बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा : योगी

20/07/2020
holi

उमंग और उल्लास  पर भारी स्वच्छंदता

28/03/2021
Tarsem Singh

नानकमत्ता गुरुद्वारा प्रमुख की हत्या मुख्य आरोपी मुठभेड़ में ढेर

09/04/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version