• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

वैश्विक स्तर पर माना गया कि गंगा हुई चंगा

Writer D by Writer D
06/01/2023
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
Ganga

Ganga

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय गंगा परिषद (National Ganga Council) की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार गंगा (Ganga) एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के साथ अर्थ गंगा की परिकल्पना को साकार करने का संभव प्रयास कर रहे हैं।

इसके कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री द्वारा स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले उत्पादों को व्यापक बाजार दिलाने एवं वहां तक सस्ते में परिवहन की सुविधा मुहैया कराने के लिए योगी सरकार वाराणसी से बलिया तक 15 जेटी (छोटे बंदरगाह) बनाने की घोषणा को इसीसे जोड़कर देखा जा रहा है।

यही नहीं गंगा (Ganga) को रासायनिक खादों एवं जहरीले कीटनाशकों से मुक्ति दिलाने के लिए तटवर्ती गावों के सभी जिलों में जैविक/प्राकृतिक खेती, गंगा वन के पीछे भी यही मकसद है। अनुपूरक बजट में भी गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए 2025 तक एसटीपी के सभी कार्यों को पूरा करने की बात सरकार की ओर से कही जा चुकी है।

दरअसल अक्सर अपने संबोधनों में मुख्यमंत्री नदी सांस्कृति एवं गंगा के उर्वर मैदानों की वजह से प्रदेश की  कृषि क्षेत्र की संभवनाओं की बात करते हैं।

वह यू ही नहीं है। दरअसल गंगा के तटवर्ती इलाको में देश के करीब 52 करोड़ लोग रहते हैं। कृषि एवं पर्यटन आदि को शामिल कर लें तो देश की जीडीपी में इस क्षेत्र का योगदान करीब 40 फीसद है। देश के भौगोलिक रकबे का मात्र 11 फीसद होने के बाद अगर उत्तर प्रदेश कुल पैदा होने वाले अनाज का 20 फीसद पैदा करता है तो इसकी वजह इंडो गंगेटिक बेल्ट की वह जमीन है जिसका शुमार दुनिया की सबसे उर्वर भूमि में होता है।

दरअसल अगर नमामि गंगे परियोजना की विश्व स्तर पर सराहना हो रही है तो इसमें उत्तर प्रदेश और यहां की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि गंगा का सर्वाधिक अपवाह क्षेत्र उत्तर में ही पड़ता है। बिजनौर से लेकर बलिया तक। औद्योगिक लिहाज से प्रदेश का कभी सबसे महत्वपूर्ण महानगर रहा कानपुर एवं धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से पूरी दुनियां में अपनी अलग पहचान रखने वाला तीर्थराज प्रयागराज एवं तीन लोकों से न्यारी दुनियां के प्राचीनतम शहरों में शुमार काशी भी गंगा के ही किनारे हैं।

मालूम हो कि चंद रोज पहले कनाडा में संयुक्त राष्ट्रसंघ की ओर से आयोजित जैव विविधता सम्मेलन में नमामि गंगे परियोजना की सराहना की गई थी। स्वाभाविक रूप से इसमें योगी सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

गंगा यात्रा के जरिए आस्था को अर्थ से जोड़ने की सफल कोशिश कर चुके हैं योगी

करीब दो साल पहले गंगा की महत्ता के साथ इसके आर्थिक अहमियत को जागरूक करने के लिए योगी सरकार बिजनौर से बलिया बाया कानपुर तक।

पांच दिवसीय गंगा यात्रा (Ganga Yatra) भी निकाली चुकी है। करीब 1358 किमी की इस यात्रा के दौरान गंगा की गोद में बसे 27 जिलों, 21 नगर निकायों, 1038 ग्राम पंचायतों के करोड़ों लोगों को इस अभियान से जोडऩे की सफल कोशिश की गई थी। उस यात्रा और योगी के लिए गंगा की अहमियत क्या है यह इससे लगाया जा सकता है कि यात्रा के एक छोर (बलिया) की शुरुआत राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने की तो बिजनौर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यात्रा की शुरुआत की। मुख्यमंत्री तो मीरजापुर, प्रयागराज और यात्रा के समापन के मौके पर कानपुर में भी इसके साझीदार बने थे। जाना तो उनको वाराणसी भी था, पर मौसम आड़े आ गया।

Budget 2023: जानें भारत में कब पेश हुआ था पहला बजट, कैसे हुई थी इसकी शुरुआत

इस यात्रा के पहले सरकार ने गंगा के तटवर्ती शहरों, कस्बों और गांवों के लिए जो योजनाएं (गंगा मैदान, गंगा पार्क, औषधीय पौधों की खेती, गंगा नर्सरी, पौधरोपण, बहुउद्देशीय गंगा तालाब, जैविक खेती) की घोषणा की थी अब उनपर तेजी से अमल हो रहा है।

आस्था और अर्थ के इस संगम का लाभ गंगा की गोद में बसे करोड़ों लोगों का होगा। उनको सर्वाधिक जिनकी आजीविका का साधन कभी गंगा ही हुआ करती है। सरकार के प्रयासों से जैसे-जैसे गंगा निर्मल और अविरल होगी यह वर्ग खुशहाल होता जाएगा।

Tags: Ganga yatraLucknow Newsup newsYogi News
Previous Post

Budget 2023: जानें भारत में कब पेश हुआ था पहला बजट, कैसे हुई थी इसकी शुरुआत

Next Post

ट्विटर पर हैकर्स का धावा, 200 मिलियन यूजर्स की ई-मेल आईडी पर सेंध

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

भृगु आश्रम का विकास पौराणिक विरासत को सम्मान- जयवीर सिंह

12/10/2026
उत्तर प्रदेश

ललकारकर भागने वाले को भगोड़ा कहते हैं, ओपी राजभर ने अखिलेश पर बोला तीखा हमला

12/10/2026
उत्तर प्रदेश

महापुरुषों और महिलाओं का अपमान सपा की पुरानी पहचान, अमरपाल मौर्य का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार

12/10/2026
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की शादी अनुदान योजना से ओबीसी परिवारों को राहत, 53 हजार से अधिक को मिली सहायता

12/10/2026
Main Slider

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान तेज, योगी सरकार का जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर

12/10/2026
Next Post
Twitter's blue bird got a new owner

ट्विटर पर हैकर्स का धावा, 200 मिलियन यूजर्स की ई-मेल आईडी पर सेंध

यह भी पढ़ें

gangwar

दिनदहाड़े गैंगवार से दहल गया शहर, हिस्ट्रिशीटर को घेरकर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां

11/03/2021
AI Islaah App

अब लाइव सुन सकेंगे अजान, जामा मस्जिद ने लॉंच किया AI Islaah ऐप

27/08/2022
floating restaurant

गोरखपुर के ‘मरीन ड्राइव’ पर मिलेगा उत्तर भारत के फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का लुत्फ

18/09/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version