• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

हरतालिका तीज: पति की लंबी उम्र के लिए रखिए निर्जला व्रत, जानें पूजा विधि

Writer D by Writer D
09/09/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
Shukra Pradosh

Shukra Pradosh

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हरतालिका तीज पर आज पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखा जाएगा। भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करने से पहले कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखें। ये व्रत अविवाहित कन्याएं भी रख सकती हैं। ज्योतिर्विद श्रीपति त्रिपाठी ने बताया कि विधि विधान और इसके कठोर नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

भूलकर भी न करें ये काम

हरतालिका व्रत रखना शुरू कर रहे हैं, तो ये ध्यान दें कि इस व्रत को जीवनपर्यंत रखना अनिवार्य है। केवल एक स्थिति ही में इस व्रत को छोड़ा जा सकता है, जब व्रत रखने वाले गंभीर रूप से बीमार पड़ जाएं, लेकिन यहां भी ये ध्यान देना होगा, कि ऐसी स्थिति में व्रत रखने वाली महिला के पति या किसी दूसरी महिला को ये व्रत रखना होगा।

आज के दिन व्रत करने वाली महिलाएं क्रोध न करें। क्रोध करने से मन की पवित्रता का ह्रास हो जाता है। व्रत के दिन पूरी रात जागरण करके पूजा करें।

शुभ मुहूर्त

प्रातःकाल हरितालिका व्रत पूजा मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 3 मिनट से सुबह 8 बजकर 33 मिनट तक

प्रदोषकाल हरितालिका व्रत पूजा मुहूर्त- शाम 6 बजकर 33 से रात 8 बजकर 51 मिनट तक

तृतीया तिथि प्रारंभ- 9 सितंबर 2021, रात 2 बजकर 33 मिनट से

तृतीया तिथि समाप्त- 10 सितंबर 2021 रात 12 बजकर 18 तक

पूजा विधि

हरतालिका तीज की पूजा शुभ मुहूर्त में करें। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की बालू, रेत या काली मिट्टी की प्रतिमा बनाएं। पूजा के स्थान को फूलों से सजाएं और एक चौकी रखें।

कुंवारी कन्याएं इस विधि से करें हरतालिका तीज व्रत एवं पूजा

इस पर केले के पत्ते बिछाएं और भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का षोडशोपचार विधि से पूजन करें।

तीज की कथा

इसके बाद माता पार्वती को सुहाग की सारी वस्तुएं चढ़ाएं और भगवान शिव को धोती और अंगोछा चढ़ाएं। बाद में ये सभी चीजें किसी ब्राह्मण को दान दें। पूजा के बाद तीज की कथा सुनें और रात्रि जागरण करें।

हरतालिका तीज 2021: हरतालिका तीज में जरूर पर इन नियमों का पालन

अगले दिन सुबह आरती के बाद माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं और हलवे का भोग लगाकर व्रत खोलें।

Tags: hartalika teej 2021hartalika teej kathaहरतालिका तीज 2021हरतालिका तीज कब है 2021
Previous Post

घर के ईशान कोण में मिट्टी के छोटे गमले लगाना होता है शुभ

Next Post

तालिबान पर मेहरबान हुआ चीन, नई सरकार को देगा इतने डॉलर की मदद

Writer D

Writer D

Related Posts

फैशन/शैली

जाने हेपेटाइटिस-बी के लक्षणों के बारें में

02/06/2026
CM Vishnudev Sai
Main Slider

वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है : मुख्यमंत्री साय

01/06/2026
Twisha Sharma Case
Main Slider

Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह और समर्थ के साथ स्पॉट पर पहुंची CBI, डमी से करेगी सीन रीक्रिएट

01/06/2026
Roadways contract workers attempt self-immolation
Main Slider

लखनऊ में रोडवेज संविदाकर्मियों का आत्मदाह का प्रयास, मचा हड़कंप

01/06/2026
CM Nayab Singh
Main Slider

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में जुटी सैनी सरकार, हरियाणा में मजबूत होगा स्वास्थ्य ढांचा

01/06/2026
Next Post

तालिबान पर मेहरबान हुआ चीन, नई सरकार को देगा इतने डॉलर की मदद

यह भी पढ़ें

Mark Tully

मशहूर पत्रकार और लेखक मार्क टली का निधन

25/01/2026
Samajwadi Party

सपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर की निष्पक्ष मतदान कराने की अपील

14/02/2022
Compensation

टारगेट किलिंग में मारे गए यूपी के मजदूरों के परिजनों को पांच-पांच लाख का मुआवजा

19/10/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version