• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

30 साल का इंतजार खत्म! हरियाणा-राजस्थान जल समझौते पर लगी मुहर, अमित शाह की मौजूदगी में MOU साइन

Writer D by Writer D
29/06/2026
in राष्ट्रीय, राजनीति, हरयाणा
0
Haryana-Rajasthan water agreement

Haryana-Rajasthan water agreement

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली/चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा और राजस्थान के बीच जल बंटवारे को लेकर एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण समझौता (Water Agreement MoU) संपन्न हुआ है। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जल समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस नए समझौते के तहत तय किया गया है कि मानसून के मौसम के दौरान हरियाणा, अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए राजस्थान को पानी की आपूर्ति करेगा।

इस समझौते के लागू होने से वर्ष 1994 में गठित ‘अपर यमुना रिवर बोर्ड’ (Upper Yamuna River Board) के जल बंटवारा नियमों के अनुसार, राजस्थान को उसके कानूनी हिस्से का पानी मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे दोनों राज्यों के बीच दशकों से लंबित जल विवादों को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही, इस आपसी सहमति के बाद रेणुका डैम, किशाऊ डैम और लखवार डैम जैसी कई बहुप्रतीक्षित और बड़ी बांध परियोजनाओं के निर्माण व क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद जग गई है, जिससे दोनों राज्यों में पेयजल की उपलब्धता, सिंचाई क्षमता और जल संरक्षण को भविष्य में बड़ा लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार ने इस कदम को ‘सहयोगात्मक संघवाद’ (Cooperative Federalism) का एक बेहतरीन उदाहरण बताया है।

इनेलो (INLD) ने किया समझौते का कड़ा विरोध

दूसरी तरफ, हरियाणा की विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने इस समझौते के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व वित्त मंत्री प्रो. संपत सिंह ने चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता कर इस समझौते का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने दोटूक कहा कि उनकी पार्टी हरियाणा के जल अधिकारों पर किसी भी प्रकार की कतरब्योंत बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने हरियाणा के किसानों और जनता के हितों की अनदेखी करते हुए राजस्थान के हक में यह फैसला लिया है, जबकि पंजाब के साथ सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर का मुख्य निर्माण आज भी अधूरा पड़ा है और राज्य का एक बड़ा हिस्सा लगातार पानी की किल्लत से जूझ रहा है।

प्रो. संपत सिंह ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि 1966 में हरियाणा के गठन के समय राज्य को यमुना के जल पर पूरा वैधानिक अधिकार मिला था, लेकिन 1994 के समझौते में तत्कालीन सरकारों ने हरियाणा की हिस्सेदारी को कम कर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि पहले राजस्थान और दिल्ली को केवल अतिरिक्त (Surplus) पानी ही दिया जाता था, लेकिन बाद में इसे स्थायी आवंटन में बदल दिया गया, जो हरियाणा के साथ अन्याय है। उन्होंने रेणुका, किशाऊ, लखवार-व्यासी परियोजनाओं के लटके होने और मसानी जलाशय विवाद का भी जिक्र किया।

संपत सिंह ने कहा कि वर्ष 1994 में भी चौधरी ओम प्रकाश चौटाला के नेतृत्व में इनेलो के 17 विधायकों ने इस जल समझौते के विरोध में अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर राज्य के हक की रक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और एलान किया कि इनेलो हरियाणा के पानी की एक-एक बूंद के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में पार्टी की एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस समझौते के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

Tags: Chandigarh-Haryana Hindi SamacharChandigarh-Haryana News in Hindihome minister amit shahLatest Chandigarh-Haryana News in HindiMoUWater agreement
Previous Post

असम में दर्दनाक रेल हादसा, तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत

Next Post

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: कोर्ट ने बढ़ाई रिमांड, 13 जुलाई तक हिरासत में रहेंगे आरोपी

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाना संकल्प : मुख्यमंत्री धामी

29/06/2026
Train Accident
क्राइम

असम में दर्दनाक रेल हादसा, तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत

29/06/2026
Keshav Maurya
Main Slider

‘राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन’ में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य हुए शामिल

29/06/2026
Nitin Gadkari
राजनीति

गडकरी ने उत्तराखंड में 4,026 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की

29/06/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

कांग्रेस के पापाें के कारण पाकिस्तान और बांग्लादेश बना: योगी आदित्यनाथ

29/06/2026
Next Post
Ram Temple offering theft

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: कोर्ट ने बढ़ाई रिमांड, 13 जुलाई तक हिरासत में रहेंगे आरोपी

यह भी पढ़ें

flowers

स्किन की इन समस्याओं को दूर कर देगा ये फूल, इस्तेमाल करें ये फेस पैक

05/09/2025
बंगाल बीजेपी के उपाध्यक्ष राजू बनर्जी

बीजेपी उपाध्यक्ष का विवादित बयान, कहा- एक मिनट लगेगा सभी थानों को नष्ट करने में

07/10/2020
Terrorists

सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया आतंकी, सर्च अभियान जारी

19/02/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version