महाराष्ट्र के पुणे स्थित खड़कवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के 150वें कोर्स की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड (POP) का आयोजन खेत्रपाल परेड ग्राउंड में बेहद भव्यता के साथ किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर भारतीय सेना प्रमुख (Chief of the Army Staff) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और परेड की समीक्षा (सलामी) की। इस दीक्षांत समारोह के साथ ही कुल 355 जांबाज कैडेट सफलता पूर्वक अपना कड़ा प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सशस्त्र बलों (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) में अधिकारी के रूप में शामिल हो गए हैं।
विभिन्न शैक्षणिक धाराओं के टॉपर कैडेट हुए सम्मानित:
समारोह के दौरान देश सेवा के संकल्प के साथ-साथ कैडेटों की अकादमिक उत्कृष्टता भी देखने को मिली। अलग-अलग शैक्षणिक स्ट्रीम में प्रथम स्थान हासिल करने वाले मेधावी कैडेटों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया:
सोशल साइंस स्ट्रीम (Social Science): ‘पी’ (P) स्क्वाड्रन के बीसीसी सुशांत वर्मा ने इस स्ट्रीम में पहला स्थान हासिल किया। अपनी सफलता पर बात करते हुए सुशांत ने बेहद सादगी से कहा कि वह स्कूल के दिनों में एक बेहद औसत छात्र थे, लेकिन एनडीए में आने के बाद उन्होंने शिक्षा और प्रशिक्षण की बुनियादी बातों (Basics) पर ध्यान केंद्रित किया, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
साइंस स्ट्रीम (Science): ‘एम’ (M) स्क्वाड्रन के एसीए पीयूष रौतेला ने विज्ञान संकाय में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। पीयूष ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, बहन और एनडीए के प्रशिक्षकों (इंस्ट्रक्टर्स) को दिया। उन्होंने गर्व से बताया कि वे अपने पूरे परिवार के पहले ऐसे सदस्य हैं, जिन्होंने भारतीय रक्षा सेवाओं को एक करियर और जीवनशैली के रूप में चुना है।
कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम (Computer Science): ‘जे’ (J) स्क्वाड्रन के कैडेट रणविजय त्यागी ने कंप्यूटर विज्ञान में प्रथम स्थान का गौरव प्राप्त किया। रणविजय ने कहा कि बचपन से ही उनके माता-पिता ने उनमें नई चीजें सीखने की आदत विकसित की थी। एनडीए के कड़े माहौल में सीनियर कैडेटों और अधिकारियों के सही मार्गदर्शन व सहयोग के कारण ही वे यह मुकाम हासिल कर पाए।
बीटेक स्ट्रीम (B.Tech): ‘जी’ (G) स्क्वाड्रन के कैडेट मन्नेला नितिन ने इंजीनियरिंग (बीटेक) स्ट्रीम में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। मन्नेला नितिन को एनडीए से भारतीय नौसेना (Indian Navy) विंग आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि स्कूल के दिनों से ही उनके शिक्षक और सैन्य अधिकारी उनकी प्रेरणा रहे हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी डॉ. किरण बेदी के हाथों प्रतिष्ठित ट्रॉफी और पुरस्कार प्राप्त करना उनके जीवन के सबसे यादगार और गौरवशाली पलों में से एक है।
देश सेवा की कमान संभालेंगे नए सैन्य अधिकारी:
यह पासिंग आउट परेड केवल एक प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि भारतीय सेना की युवा लीडरशिप के एक नए युग की शुरुआत है। खेत्रपाल ग्राउंड पर कैडेटों के मार्च पास्ट में अनुशासन, अटूट दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता की साफ झलक देखने को मिली। अब ये 355 युवा अधिकारी देश की सीमाओं की सुरक्षा और संप्रभुता को अक्षुण्ण रखने के लिए जल, थल और नभ में अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।









