• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

DRDO की बड़ी कामयाबी, भारत का पहला स्वदेशी टर्बोजेट इंजन तैयार

Writer D by Writer D
06/08/2026
in नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
India's first indigenous 350 kg turbojet engine ready.

India's first indigenous 350 kg turbojet engine ready.

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भारत ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE) द्वारा डिजाइन किए गए 350 किलोग्राम थ्रस्ट श्रेणी के पहले स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन की पहली उत्पादन इकाई सफलतापूर्वक सौंप दी गई है। इसका निर्माण निजी कंपनी आजाद इंजीनियरिंग ने किया है।

इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास इस तरह के कॉम्पैक्ट सैन्य टर्बोजेट इंजन को स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित करने की क्षमता है।

क्रूज मिसाइल और ड्रोन को मिलेगी नई ताकत

यह इंजन मुख्य रूप से क्रूज मिसाइलों, जेट-संचालित लोइटरिंग म्यूनिशन, हाई-स्पीड टारगेट ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) के लिए विकसित किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक भविष्य के लंबी दूरी के सटीक हमलों में भारतीय सेना की क्षमता को और मजबूत करेगी।

विदेशी निर्भरता होगी कम

अब तक भारत इस श्रेणी के छोटे जेट इंजनों के लिए काफी हद तक विदेशी तकनीक पर निर्भर था। स्वदेशी इंजन के विकसित होने से रक्षा परियोजनाओं में आयात पर निर्भरता घटेगी और भविष्य के हथियारों के विकास में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

फाइटर जेट इंजन से अलग है तकनीक

यह इंजन फाइटर जेट इंजन की तरह लंबे समय तक उपयोग के लिए नहीं बनाया गया है। इसे एक बार इस्तेमाल होने वाले सैन्य प्लेटफॉर्म के लिए डिजाइन किया गया है। मिशन पूरा होने के बाद यह इंजन हथियार के साथ ही नष्ट हो जाता है। इसलिए इसके डिजाइन में कम लागत, उच्च विश्वसनीयता और कॉम्पैक्ट आकार को प्राथमिकता दी गई है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में अधिक शक्तिशाली स्वदेशी एयरो इंजन विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगी।

Tags: National news
Previous Post

भाजपाई तरक्की की नई हवा, एक्सप्रेसवे की मरम्मत पर अखिलेश का तंज; शेयर किया ‘पंखे’ वाला वीडियो

Next Post

सिलक्यारा सुरंग बचाव के 12 रैट माइनर्स को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, गडकरी ने किया सम्मानित

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Vishnudev Sai launches 'Meri Beti-Mera Abhiman' campaign
Main Slider

मुख्यमंत्री ने ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का किया शुभारंभ

06/08/2026
CM Vishnudev Sai
छत्तीसगढ़

जनहित की योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, मुख्यमंत्री ने दिए स्पष्ट निर्देश

06/08/2026
Punjab Monsoon Session
पंजाब

भाखड़ा डैम में दरार आने का मुद्दा पंजाब विधानसभा में उठा

06/08/2026
CM Nayab Singh Saini
राष्ट्रीय

युवा संवाद में मुख्यमंत्री ने पारदर्शी भर्ती, शिक्षा, सुविधाओं का दिया भरोसा

06/08/2026
Anand Bardhan
Main Slider

24×7 अलर्ट मोड में रहें अधिकारी, बंद सड़कें जल्द खोलें: मुख्य सचिव

06/08/2026
Next Post
Silkyara tunnel: 12 rat miners receive gallantry medals.

सिलक्यारा सुरंग बचाव के 12 रैट माइनर्स को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, गडकरी ने किया सम्मानित

यह भी पढ़ें

Manipur Violence

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, भीड़ ने एसपी के दफ्तर जलाए; एक की मौत

16/02/2024

इस स्वभाव वाले मनुष्य का जिंदगी में होता है सबसे बुरा हाल

13/10/2020
अकोला पूर्ण लॉकडाउन

महाराष्ट्र : अकोला पूर्ण लॉकडाउन, तो पुणे में लगा नाइट कर्फ्यू

12/03/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version