• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इसरो और कामयाबी अब एक दूसरे के पर्याय बने

Desk by Desk
04/03/2021
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय
0
इसरो ISRO

ISRO

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सियाराम पांडेय ‘शांत’

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो और कामयाबी अब एक दूसरे के पर्याय हो चुके हैं। आजादी के बाद निर्मित हुए तमाम संस्थाओं और संगठनों में इसरो एक ऐसा संगठन है, जिसके नाम से ही हिदुस्तानियों और हिंदुस्तान को गर्व महसूस होता है। दुनिया में अंतरिक्ष के क्षेत्र में शानदार कामयाबी हासिल करने वाले 7-8 और संगठन हैं। लेकिन इसरो उन सबमें अलग और अनूठा है। इसरो जिस बजट में चंद्रयान और मंगलयान जैसे विश्वव्यापी ध्यान खींचने वाले कामयाब मिशन पूरे कर लेता है, उतने बजट में तो नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी, अपनी प्रोजेक्ट योजनाएं बनाते हैं। ऐसे महान संगठन के महानवैज्ञानिकों को सलाम।

देश के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक हालात कैसे भी हों, इसरो के वैज्ञानिक इस सबसे अप्रभावित रहते हुए लगातार कामयाबी के परचम फहराते रहते हैं। 28 फरवरी 2021 उनकी एक और कामयाबी का दिन था। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर धु्रवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान यानी पीएसएनवी-सी 51 से 19 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया गया। 1 घंटा, 55 मिनट और 7 सेकंड वाली इस प्रक्षेपण उड़ान में इसरो का ‘सिंधु नेत्र और ब्राजील का अमेजोनिया-1 प्रमुख उपग्रह थे। इसके अलावा इसरो के साल 2021 के इस पहले प्रक्षेपण मिशन में,जो कि पूरी तरह से कमर्शियल मिशन था, 13 सैटेलाइट अमेरिका के थे। इस महत्वपूर्ण प्रक्षेपण मिशन के जरिये यहां भारत सिंधु नेत्र से अपनी समुद्री जल सीमा में दुश्मन पर निगाह रखेगा, वहीं ब्राजील अपने अमेजोनिया-1 के जरिये अमेजन नदी के उन जंगलों पर नजदीकी रखेगा, जो दुनिया के फेफड़े कहे जाते हैं।

इसरो के इस सफल प्रक्षेपण के साथ ही उसके द्वारा दूसरे देशों के लांच किए गये सैटेलाइटों की संख्या बढ़कर 342 हो गई है। साल 2017 में जब इसरो ने एक साथ 104 सैटेलाइट्स लांच करके एक नया इतिहास रचा था, तभी से दुनिया हिंदुस्तान को बहुत संभावनाओं के नजर से देख रही थी बल्कि उसके भी पहले जब साल 2016 में इसरो ने एक साथ 20 उपग्रह प्रक्षेपित किये थे, तभी से दुनिया भारत को अंतरिक्ष का महत्वपूर्ण खिलाड़ी मानने लगी थी। गुजरे महज साढ़े चार सालों में अब इसरो ने भारत को अंतरिक्ष का सुपर पावर बना दिया है।

क्या भारत में है आंशिक लोकतंत्र ? इस रिपोर्ट को गंभीरता से ले केंद्र : मायवती

हालांकि इस समय एक साथ सबसे ज्यादा उपग्रह प्रक्षेपित करने का विश्व रिकर्ड एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स के पास है। 25 जनवरी 2021 को स्पेस एक्स ने एक साथ 143 उपग्रह लांच किये थे। लेकिन तीन साल तक सबसे ज्यादा एक साथ उपग्रह लांच करने का विश्व रिकर्ड भारत के पास रहा। उसके पहले यह रूस के नाम था, जिसने 2014 में एक अभियान में 37 उपग्रहों को लांच किया था। माना जा रहा है कि आज प्रक्षेपण का वैश्विक बाजार 300 बिलियन डॉलर का है और भारत आने वाले दिनों में इसमें अच्छी खासी हिस्सेदारी कर सकता है।

गौरतलब है कि अब तक भारत 36 देशों के कुल 342 उपग्रह लांच कर चुका है। दुनिया के दूसरे देशों में जहां एक उपग्रह लांच करने का करीब 400 से 500 करोड़ रु पये खर्च होते हैं, वहीं भारत 180 से 200 करोड़ रु पये तक में एक सैटेलाइट लांच कर लेता है। अगर एक साथ कई सैटेलाइट लांच करने हों तो लागत कम हो जाती है। भारत ने अब तक दुनिया के जिन देशों के सैटेलाइट अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया है, उनमें अमरीका, जर्मनी, यूरोप के अन्य कई देश और इजरायल जैसे विकसित देश शामिल हैं तो गूगल और एयरबस जैसी बड़ी कारपोरेट कंपनियां भी शामिल हैं।

प्रक्षेपण के बाजार में भारत की संभावनाएं इसीलिए दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा हैं, क्योंकि अमरीका की तुलना में भारत से किसी सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजने का खर्चा करीब 60-65 फीसदी कम होता है। इस तरह देखें तो मोटे तौर पर हम अमरीका के मुकाबले महज एक तिहाई खर्च में किसी भी सैटेलाइट को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित कर सकते हैं। इस क्षेत्र में सिर्फ चीन ही हमारा बड़ा प्रतिद्वंदी हो सकता है, क्योंकि भारत की तरह चीन में भी न केवल श्रम काफी सस्ता है बल्कि चीन के पास प्रक्षेपण की संसधानीय क्षमता भारत से करीब 4 गुना ज्यादा है, लेकिन एक मामले में चीन हमसे पीछे है, वह है प्रक्षेपण के बाजार में हमारी साख। बावजूद इसके यह भी सही है कि हम तभी चीन को इस मामले में कड़ी टक्कर दे सकते हैं, जब हम छोटे उपग्रहों के साथ चीन की तरह बड़े साइज के उपग्रहों को भी प्रक्षेपित करें।

Tags: ISROISRO launched PSLV-C51इजरायलइसरोएयरबसगूगलभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
Previous Post

अहमदाबाद में फिर इंग्लैंड पहले दिन ही पस्त, भारी पड़ा भारत

Next Post

आरबीआई गवर्नर की सलाह पर एक झटके में इतने रुपए सस्ता होगा पेट्रोल

Desk

Desk

Related Posts

Cumin Seeds
Main Slider

आपकी रसोई में रखा जीरा नकली तो नहीं, ऐसे करें चेक

14/08/2026
THDC Tunnel: Dhami briefed the CMs of Jharkhand and Chhattisgarh on the rescue operation.
Main Slider

THDC Tunnel: धामी ने झारखंड-छत्तीसगढ़ के CMs को दी रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी, श्रमिकों को हर मदद का भरोसा

13/08/2026
THDC Tunnel Accident: Dhami takes charge of the rescue operation.
Main Slider

THDC Tunnel Accident: धामी ने संभाली बचाव अभियान की कमान, रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉल पर बात

13/08/2026
13 people safely rescued from THDC tunnel
Main Slider

टीएचडीसी टनल में 13 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, जिलाधिकारी मौके पर

13/08/2026
Panic due to debris and water entering THDC tunnel
Main Slider

THDC टनल में मलबा-पानी आने से हड़कंप, CM धामी ने युद्धस्तर पर रेस्क्यू के दिए निर्देश

13/08/2026
Next Post

आरबीआई गवर्नर की सलाह पर एक झटके में इतने रुपए सस्ता होगा पेट्रोल

यह भी पढ़ें

bribe

भ्रष्टाचार निवारण संगठन की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते हुए लेखपाल रंगे हाथों गिरफ्तार

03/02/2021
Dead Body

लापता सोशल मीडिया फेम हिमांशी की यमुना में तैरती मिली लाश

27/06/2021
मोहल्ला क्लास में 22 बच्चे कोरोना पॉजिटिव 22 children Corona positive in Mohalla class

इजरायल में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1.93 लाख के पार, 1.40 लाख लोग रोगमुक्त

24/09/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version