नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में 4 जी इंटरनेट के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि राज्य के दो जिलो में 15 अगस्त के बाद ट्रायल बेसिस पर इसकी शुरुआत की जाएगी। केंद्र ने बताया है कि 4 जी इंटरनेट सेवा का ट्रायल 15 अगस्त के बाद जम्मू और कश्मीर डिवीजन के एक-एक जिले में किया जाएगा।
बीते साल 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A के प्रावधानों को रद्द करने से एक दिन पहले ही राज्य में इंटरनेट और फोन सेवाएं रद्द कर दी गईं थी। हालांकि कुछ दिन बाद फोन लाइन, मोबाइल फोन और फिर 2 जी इंटरनेट की सेवा प्रदान की गई।
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वहीं बीते महीने जुलाई के आखिरी हफ्ते में जम्मू और कश्मीर सरकार 19 अगस्त, 2020 तक केंद्र शासित प्रदेश में हाई स्पीड इंटरनेट पर प्रतिबंध बढ़ाए जाने की बात कही है। प्रमुख सचिव गृह शालीन काबरा के एक आदेश में कहा गया है कि मोबाइल डेटा सेवाओं के माध्यम से सुरक्षा बलों राजनीतिक कार्यकर्ताओं और निर्दोष नागरिकों पर हमले सहित आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने में दुरुपयोग किये जाने की संभावनाओं के मद्देनजर उच्च गति इंटरनेट तक पहुंच पर प्रतिबंध आवश्यक है।
आदेश में कहा गया है कि रिपोर्टों ने आने वाले हफ्तों में आतंकी गतिविधियों में बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई है। इसमें कहा गया है, ‘यह भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसा करना बहुत अधिक आवश्यक था।’
हाई स्पीड इंटरनेट पर प्रतिबंध 19 अगस्त तक लागू रहेगा और मोबाइल डेटा तक इंटरनेट की पहुंच 2G की गति से उपलब्ध रहेगी।









