• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस दिन बांधे मौली, होंगे ये फायदे

Writer D by Writer D
11/02/2026
in धर्म, फैशन/शैली
0
kalava

kalava

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में कलावा (Kalava) अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. किसी भी शुभ कार्य के समय हाथ में कलावा (Kalava) या मौली बांधने का चलन प्राचीन काल से चला आ रहा है. इसे रक्षा सूत्र भी कहा जाता है. मान्यता है कि इसे हाथ में बांधने से व्यक्ति की हर तरह से रक्षा होती है. लाल और पीले रंग से बने कलावे (Kalava) को लेकर धर्म शास्त्रों में कई सारी मान्यताएं प्रचलित हैं. मान्यताओं के अनुसार जीवन में आने वाले संकट और परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए कलावा बांधा जाता है. कलावा (Kalava) बांधने से त्रिदेवों और तीन महादेवियों की कृपा बनी रहती है. तीन देवियों मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और महाकाली से धन सम्पति, विद्या-बुद्धि और शक्ति की प्राप्ति होती है.

कलावा (Kalava) बांधने को लेकर कई नियम हैं. जिनमें किस दिन बांधना चाहिए, किस दिन खोलना चाहिए, कितनी बार लपेटना चाहिए, किस हाथ में बांधा जाता है. इन सब के बारे में बताया गया है. आइए जानते हैं कलावा बांधते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

किस दिन खोलना चाहिए कलावा (Kalava) ?

भोपाल के रहने वाले पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार रक्षा सूत्र या कलावा (Kalava) ऐसे किसी भी दिन नहीं खोल सकते. इसे बांधने से जातक की रक्षा होती है. इसलिए इसे खोलने के लिए मंगलवार या शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है. इसे खोलने के बाद पूजा घर में बैठकर दूसरा कलावा बांध लेना चाहिए.

किस हाथ में बांधना चाहिए कलावा (Kalava) ?

कलावा (Kalava) बांधने का भी नियम है. पुरुषों और कुंवारी कन्याओं को दाहिने हाथ में और विवाहित महिलाओं को बाएं हाथ में कलावा बांधना चाहिए.

इस दिशा में पौधे रखने से होती है धन हानि

कलावा (Kalava) कितनी बार लपेटना चाहिए?

कलावा (Kalava) बांधते समय कभी भी हाथ खाली नहीं होना चाहिए. जिस हाथ में कलावा बांधा जाता है. उसमें एक सिक्का होना चाहिए और दूसरा हाथ सिर के ऊपर रखना चाहिए. सामने खड़े व्यक्ति से दो, तीन या पांच बार हाथ में कलावा लपेटवाएं. उसके बाद हाथ में रखी दक्षिणा उस व्यक्ति को भेंट करें.

कहां रखें पुराना कलावा (Kalava)?

कलावा पुराना (Kalava) होने के बाद उसे यहां-वहां कहीं भी नहीं फेंकना चाहिए. कलावा निकालकर या तो पीपल के पेड़ के नीचे रखें या फिर किसी बहते पानी में प्रवाहित करें.

Tags: Astrologyastrology tips for tbenefits of KalavaKalava
Previous Post

भगवान की आरती करने के दौरान जरूर करें इन नियमों का पालन

Next Post

महाशिवरात्रि पर शिवजी को लगाएं इन चीजों का भोग, बरसेगी कृपा

Writer D

Writer D

Related Posts

Shardiya Navratri
धर्म

नवरात्रि में कलश स्थापना से पहले जुटा लें ये सामग्री, जानें पूरी लिस्ट

11/10/2026
Main Slider

नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने जा रहे हैं? जान लें सही दिशा और जरूरी सावधानियां

11/10/2026
Sharadiya Navratri
Main Slider

शारदीय नवरात्रि आज से, हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

11/10/2026
Main Slider

नवरात्रि के पहले दिन कब करें घटस्थापना? जानें दोनों शुभ मुहूर्त

10/10/2026
Navratri
Main Slider

शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से, हाथी पर आएंगी मां दुर्गा; इस बार 9 नहीं 10 दिन होगी पूजा

08/10/2026
Next Post
Masik Shivaratri

महाशिवरात्रि पर शिवजी को लगाएं इन चीजों का भोग, बरसेगी कृपा

यह भी पढ़ें

rape

नाबालिग बालिका से दुष्कर्म, मुकदमा दर्ज

10/11/2021
Funeral

अंतिम संस्कार के बाद लौटते समय पीछे मुड़कर न देखें, जानें कारण

07/05/2026
Mukhtar Ansari

कृष्णानंद राय हत्याकांड: मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा, गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट का फैसला

29/04/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version