लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सत्र में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने सदन की कार्यवाही के दौरान 9 अध्यादेशों तथा 68 नियम एवं विनियमों को सदन के पटल पर प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु विपक्ष से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
श्री मौर्य ने नेता प्रतिपक्ष एवं विपक्षी सदस्यों से बार-बार आग्रह किया कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सदन की गरिमा बनाए रखें तथा जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि विधान परिषद लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है और इसकी कार्यवाही व्यवधानमुक्त एवं गरिमापूर्ण ढंग से संचालित होना सभी पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध तथा धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति के दुरुपयोग के मामलों में शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति पर कार्य कर रही है। किसी भी दोषी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के आधार पर सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विपक्ष पर साधा निशाना
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल में अंधकार, अव्यवस्था और कुशासन का दौर देखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय गुंडों और अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही है।








