• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानें कैसे हुआ था कृष्ण और बलराम का नामकरण

Desk by Desk
10/08/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
कृष्ण जन्म नक्षत्र

कृष्ण जन्म नक्षत्र

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। भगवान श्री कृष्ण का जन्म भादो मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि के समय रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ये तो सभी को पता है कि कृष्ण जी ने माता देवकी के गर्भ से जन्म लिया जिसके बाद उनके पिता वासुदेव उन्हें नंदबाबा के यहां छोड़ गए थे। जिसके बाद उनका लालन-पालन यशोदा मां ने किया लेकिन क्या आपको पता है कि कृष्ण जी का नामकरण कैसे और किसने किया था। जानते हैं..

ऋषि गर्ग यदुवंश के कुलगुरु थे, एक दिन वे गोकुल में पधारे। नंदबाबा और यशोदा जी ने पूरे भाव से उनका आदर सत्कार किया और वासुदेव देवकी का हाल चाल पूछा। उसके बाद जब उन्होंने गर्गाचार्य से गोकुल में पधारने का कारण पूछा तब उन्होंने बताया कि वे पास ही के गांव में एक बालक का नामकरण करने आएं हैं। रास्ते में तुम्हारा घर पड़ा तो विचार किया कि तुमसे भी मिलता चलूं। जब नंदबाबा और यशोदा जी ने सुना तो उन्होंने गर्ग ऋषि से कहा कि बाबा हमारे यहां भी दो बालकों ने जन्म लिया है, कृपा करके उनका भी नामकरण कर दीजिए।

लेकिन गर्गाचार्य ने मना कर दिया उन्होंने कहा कि अगर इस बात का पता कंस को चल गया तो वह मुझे जीवित नहीं रहने देगा। इसपर नंदबाबा ने कहा कि आप चुपचाप गौशाला में नामकरण कर दीजिए हम इस बात का जिक्र किसी से नहीं करेंगे

जब रोहिणी जी को अवगत हुआ कि यदुवंश के कुल पुरोहित आए हैं, तो वे भावविभोर होकर उनके गुणों का बखान करने लगी। तभी यशोदा ने कहा कि अगर गर्गाचार्य इतने बड़े पुरोहित हैं तो हम अपने पुत्रों को बदल लेते हैं, तुम मेरे लल्ला को लेकर जाओ और मैं तुम्हारे पुत्र को लेकर आती हूं। देखते हैं कि कुलपुरोहित यह जान पाते हैं या नहीं.. इस तरह माताएं गर्ग ऋषि की परीक्षा लेने लगीं।

दोनों माताएं बालकों को लेकर गर्गाचार्य के समक्ष गई। लेकिन गर्गचार्य ने जैसे ही यशोदा के हाथ में बालक को देखा तो वे पहचान गए और कहने लगे कि यह रोहिणी पुत्र है। इस कारण बालक का नाम रौहणेय होगा, यह बालक अपने गुणों से सबको आनंदित करेगा तो एक नाम राम होगा और यह बहुत बलशाली होगा इसके बल समान कोई दूसरा न होगा, जिसके कारण इसका एक नाम बल भी होगा, इस तरह से इसका सबसे ज्यादा लिया जाने वाला नाम बलराम रहेगा। किसी में कोई भेद न करने के कारण यह सभी को अपनी ओर आकर्षित करेगा इसलिए इसका एक नाम संकर्षण होगा।

जब कृष्ण जी को देखकर ऋषिगर्ग ने खो दी अपनी सुध

जब ऋषि गर्ग मे रोहिणी की गोद के बालक को देखा तो वे बालक कि मनमोहक छवि को देखकर उसमें ही खो गए और अपमी सुध-वुध भूलगए। गर्ग ऋषि जैसे मानो एक जगह जड़ हो गए वे न कुछ कहते ने उनके शरीर में कोई हलचल होती वे तो बस एकटक लगाएं बालक को निहारने लगे। तब घबराकर यशोदा और नंदबाबा ने पूछा कि कि आचार्य क्या हुआ। तब कही जाकर गर्गाचार्य को अपनी सुधी हुई।

जब कृष्ण जी ने दिखाई अपनी बाललीला

जैसे ही गर्गाचार्य यह कहने कि हुए कि नंद तुम्हारा बालक कोई साधारण इंसान नहीं है बल्कि यह तो साक्षात… यह कहते हुए जैसे ही गर्गाचार्य ने अपनी उंगली कृष्ण जी की तरफ उठाई, तभी छोटे से नंदलाल ने अपनी लीला दिखाते हुए गर्गाचार्य को आंखों ही आंखों में धमकाया कि बाबा मेरे भेद नहीं खोलना। क्योंकि अगर किसी को मेरा भेद पता चल गया तो लोग मुझे पूजने लगेंगे। यहां पर पूजा करवाने या कैद होने नहीं आया हूं मैं तो यहां माखन मिश्री खाने आया हूं, मां की ममता की अनुभूति करना चाहता हूं। अगर आपने सबके सामने मेरा भेद खोल दिया। तो सभी मुझे पूजने लगेंगे और मैं मां के प्रेम से वंचित रह जाऊंगा। लेकिन ऋषि गर्ग अपने आप को रोक  नहीं पा रहे थे जैसे ही वे दोबारा बोलने के लिए तत्पर हुए वैसे ही कान्हा ने फिर धमकाया बाबा मान जाओ नहीं तो आपकी जीभा यहीं रुक जाएगी और उंगली भी उठी की उठी रह जाएगी। आंखों ही आंखों में कृष्ण जी अपनी लीला दिखा रहे थे। परंतु इस बारे में नंद और यशोदा को कुछ भान नहीं हुआ।

इस तरह हुआ कृष्ण का नामकरण

तभी गर्गाचार्य ने कहा कि आपका पुत्र के अनेकों नामों से जाना जाएगा। यह जैसे कर्म करता जाएगा उसी के अनुसार इसके नए नाम होते जाएंगे। गर्गाचार्य ने कहा कि यह कई रंगों में इससे पहले जन्म ले चुका है परंतु इस बार यह काले रंग में आया है, इसलिए इसका नाम कृष्ण होगा, लेकिन माता यशोदा को यह नाम बिल्कुल नहीं भाया..उन्होंने कहा कि यह कैसा नाम रखा है आपने, कोई सरल और आसान नाम बताइए तब गर्गाचार्य कहा कि तुम इसे कन्हैया, कान्हा, किशन या किसना कहकर पुकार लेना। यह सुन माता यशोदा के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई। माता यशोदा कृष्ण जी को हमेशा लल्ला या कान्हा कहकर बुलाती थी।

Tags: "Krishna janmashtami in 2020Krishna JanmashtamiKrishna Janmashtami 2020krishna janmashtami utsavkrishna janmashtmi 2020 in hindiऋषिगर्गकन्हैयाकान्हाकृष्णकृष्ण जन्म नक्षत्रकृष्ण जन्माष्टमी 2020कृष्ण जी का जन्म कब हुआकृष्ण जी का नामकरणगर्गाचार्य कौन थेदेवकीनंदलालरोहिणी पुत्र बलरामवासुदेव
Previous Post

ब्राजील में कोरोना से 24 घंटों में 572 मरीजों की मौत, मृतकों की संख्या 1 लाख के पार

Next Post

महाराष्ट्र : कोल्हापुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 10 हजार के पार, मृतकों की संख्या 282

Desk

Desk

Related Posts

Keshav Prasad Maurya
Main Slider

केशव मौर्य की पहल, CM आवास योजना में एसिड अटैक पीड़ितों को प्राथमिकता

23/06/2026
Khan Global Classes sealed after Lucknow fire
Main Slider

लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रयागराज में बड़ी कार्रवाई, खान ग्लोबल क्लासेस सील

23/06/2026
UP Police SI Exam
Main Slider

यूपी पुलिस भर्ती का अगला चरण शुरू, PET के लिए एडमिट कार्ड जारी

23/06/2026
Consensus reached on Yamuna water dispute
राजनीति

पानी के मुद्दे पर हरियाणा-राजस्थान में बनी सहमति

23/06/2026
CM Dhami
राजनीति

राष्ट्रवाद के मजबूत स्तंभ थे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: CM धामी

23/06/2026
Next Post
महाराष्ट्र में कोरोना

महाराष्ट्र : कोल्हापुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 10 हजार के पार, मृतकों की संख्या 282

यह भी पढ़ें

नीतीश की पकाऊ, थकाऊ, उबाऊ, और बासी बातों से जनता पक चुकी : तेजस्वी

25/10/2020
onion supply

नेफेड ने जारी किया 15000 टन आयातित प्याज की सप्लाई का आदेश

06/11/2020
Air India

काबुल से 129 यात्रियों को लेकर एयर इंडिया का विमान पहुंचा दिल्ली

15/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version