अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनल मेसी मंगलवार को राष्ट्रीय टीम की जर्सी में आखिरी बार मैदान पर उतरेंगे। ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मॉन्यूमेंटल में बेनिन के खिलाफ दोस्ताना मुकाबला उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की विदाई का गवाह बनेगा।
करीब दो दशक तक अर्जेंटीना का नेतृत्व करने वाले मेसी ने टीम को कई बड़ी सफलताएं दिलाईं। उनके नाम 2022 विश्व कप के अलावा 2014 और 2026 के विश्व कप फाइनल, 2021 और 2024 कोपा अमेरिका खिताब और 2008 ओलंपिक स्वर्ण पदक है। 125 गोल के साथ वह अर्जेंटीना के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी भी हैं।
स्कालोनी बोले- मेसी जैसा कोई नहीं
कोच लियोनल स्कालोनी ने मेसी की विदाई को टीम के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि मेसी ऐसी विरासत छोड़ रहे हैं, जिसकी बराबरी करना मुश्किल है। हालांकि स्कालोनी को भरोसा है कि अर्जेंटीना उनकी गैरमौजूदगी में भी शीर्ष स्तर पर बना रहेगा।
नई पीढ़ी तैयार
मेसी के बिना अर्जेंटीना ने पिछले दो मुकाबलों में बोलीविया को 4-0 और बुर्किना फासो को 7-0 से हराया। निकोलस पाज, फ्रांको मास्टानतुओनो, जियानलुका प्रेस्तियानी और लियोनेल फ्लोरेस जैसे युवा खिलाड़ियों ने टीम के भविष्य की उम्मीद जगाई है।
अब मेसी के बाद अर्जेंटीना के सामने अपनी सफलता की लय बनाए रखने की चुनौती होगी। लाउतारो मार्टिनेज समेत नई पीढ़ी के खिलाड़ियों पर जिम्मेदारी बढ़ेगी और 2028 कोपा अमेरिका में टीम के नए दौर की असली परीक्षा होगी।









