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मोदी सरकार हठधर्मिता का त्याग कर, किसानों की मांगों पर करे विचार : रालोद

Desk by Desk
07/01/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, राष्ट्रीय
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लखनऊ। नये कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 40 दिनों से धरना दे रहे है। किसानों के प्रति सहानुभूति जताते हुये राष्ट्रीय लोकदल (रालाेद) ने कहा कि केन्द्र सरकार को हठधर्मिता का त्याग करने के लिये एक न एक दिन मजबूर होना पड़ेगा।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने गुरूवार को कहा कि केन्द्र सरकार से किसानों की आठवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा साबित हुयी। सरकार की हठधर्मिता के कारण देश के किसान 40 दिन से खुले आसमान के नीचे धरना दे रहे हैं। किसानों के लिए परीक्षा की घड़ी है, क्योंकि उन्हे मौसम की भयावह मार भी झेलनी पड़ रही है। मगर यह निश्चित है कि देश के किसान इस परीक्षा में सफल होंगे।

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श्री दुबे ने कहा कि 40 दिन से किसानों को अदालत के मुकदमे की तरह तारीख पर तारीख देकर भ्रमित किया जा रहा है ताकि किसान इस भीषण ठंड के मौसम में थक हारकर अपने घरों को वापस चले जाएं और सरकार पूंजीपतियों की हितैषी बनी रहे। सरकार के प्रतिनिधियों ने कृषि कानूनों के समर्थन में फर्जी किसान संगठनों को भी तैयार किया मगर यह भितर घात भी किसान संगठनों के मनोबल को कम नही कर सका।

रालोद नेता ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से देश आर्थिक तंगी से गुजर रहा है,लोगो के पास अपने बच्चों की स्कूल की फीस जमा करने तक के पैसे नहीं है जो किसानों के भुगतान समय पर होने चाहिए थे वे नहीं हो पा रहे हैं किसान बिजली का बिल भी नहीं चुका पा रहे है।

उन्होंने कहा कि देश में लगभग 200 से 250 कारपोरेट घराने है और उनमें से केवल चार या पांच ही मुख्य खिलाड़ी है। जिन्होंने भाजपा के सत्ता में आने के बाद सबसे अधिक लाभ उठाया है और वो लोग सरकार चला रहे है जो कानून बनाये जा रहे है, उनके पीछे इनकी ही ताकत है, लेकिन सरकार और पूंजीपतियों को पर्दे के पीछे के खेल बंद करके किसानों के आगे झुकना ही होगा।

Tags: consider farmers' demandsModi government abandons dogmaModi government will be forced to abandon dogma one day or the otherRLDकिसानों की मांगों पर करे विचारमोदी सरकार हठधर्मिता का त्याग कररालोद
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