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नियमों की अनदेखी, अनुशासनहीनता और लापरवाही पर नगर विकास विभाग ने की सख्त कार्रवाई

Writer D by Writer D
16/07/2025
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
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Amrit Abhijat

Amrit Abhijat

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लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के निर्देश पर नगर निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए तीन अलग-अलग जिलों में नगर विकास (Nagar Vikas) से जुड़े तीन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। योगी सरकार ने शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर व अलीगढ़ में दर्ज शिकायतों पर एक्शन लेते हुए विभागीय स्तर पर इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। शाहजहांपुर में नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा ऑडियो-‘वर्चुअल’ बैठक में हिस्सा लेकर अनुशासन का उल्लंघन किया गया, जबकि मुजफ्फरनगर में महिला अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार, आदेशों की अवहेलना पर कर निर्धारण अधिकारी पर कार्रवाई की गई। इसी तरह, अलीगढ़ में उप नगर आयुक्त की लापरवाही और कार्य से दूरी बनाए रखने पर जांच के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि शक्ति का दुरुपयोग, अनुशासनहीनता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग अमृत अभिजात (Amrit Abhijat) ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

शाहजहांपुर में नगर पंचायत अध्यक्ष पर कार्रवाई की संस्तुति

नगर पंचायत कांट (शाहजहांपुर) की अध्यक्ष मुनरा बेगम अपने स्वास्थ्य कारणों को कारण बताकर गत 27 फरवरी 2024, 3 सितंबर 2024, 23 नवंबर 2024, 27 जनवरी 2025 तथा 7 अप्रैल 2025 को 14 बोर्ड बैठकों में सशरीर उपस्थित नहीं रहीं। इसके बदले उन्होंने रईस मियां को ऑडियो कॉल द्वारा ‘वर्चुअली’ बैठकों में प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभाग कराने का माध्यम चुना, जो नगर पालिका अधिनियम, 1916 में मान्य नहीं है।

मुख्य विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट को जिलाधिकारी शाहजहांपुर ने शुक्रवार को शासन के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन करार दे दिया गया है। इस संबंध में अध्यक्ष के खिलाफ कारण बताओ नोटिस के साथ ही नियमानुसार कार्यवाही की सिफारिश की गई है।

मुजफ्फरनगर में अनुशासनहीनता पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश

नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार के खिलाफ उच्चाधिकारियों के प्रति अनुचित व्यवहार व आदेशों की अवहेलना करने, सार्वजनिक कार्यों को ठप करने तथा महिला अधीनस्थ अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। पुलिस अधिनियम-1966 एवं अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 के तहत अपर आयुक्त (प्रशासन), सहारनपुर मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त कर, विभागीय अनुशासनिक जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।

अलीगढ़ में उप नगर आयुक्त पर लापरवाही की होगी जांच

इसी तरह, नगर निगम अलीगढ़ में उप नगर आयुक्त अमित कुमार सिंह बिना किसी अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहे। गृहकर वसूली, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गमन, अतिक्रमण, सफाई-प्रवर्तन एवं आईजीआरएस से संबंधित उनकी जिम्मेदारियों में उन पर लापरवाही बरतने का आरोप है। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए अपर आयुक्त (प्रशासन), अलीगढ़ मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच के आदेश दिए गए हैं। यह कार्रवाई राज्य शासन की सेवा नियमावली 1966 एवं अनुशासन नियम 1999 के तहत की गई है।

शासन स्तर से जांच के आदेश, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी विजयेन्द्र कुमार आनन्द को दायित्व से हटाया गया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर विकास विभाग ने नगर निकायों में सुशासन, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक और सख्त कदम उठाया है। प्रमुख सचिव नगर विकास, अमृत अभिजात (Amrit Abhijat) ने विजयेन्द्र कुमार आनन्द, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, विजयनगर सम्पूर्णानन्द उप नगर आयुक्त, नगर निगम, वाराणसी के विरुद्ध गंभीर अनियमितताओं के आरोपों को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

विजयेन्द्र आनन्द पर वर्ष 2018-19 के दौरान वाराणसी स्थित नगर निगम के अंतर्गत लगभग ₹30 लाख के वित्तीय प्रकरण में अनियमित तरीके से भुगतान कराने का आरोप है। यह भुगतान उस आदेश संख्या 4350/2018 के विरुद्ध किया गया, जिसके अनुसार ₹50000 से अधिक की धनराशि भुगतान हेतु शासन की स्वीकृति अनिवार्य थी।

प्रकरण में प्रथम दृष्टया नियम विरुद्ध कार्यवाही पाए जाने पर नगर विकास विभाग ने उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक जांच की संस्तुति की है। इस संबंध में अपर आयुक्त (प्रशासन), मुरादाबाद मण्डल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच पूरी होने तक विजयेन्द्र आनन्द को उनके वर्तमान दायित्व से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

Tags: Lucknow News
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