पिछले सप्ताह केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) सोमवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से संसद भवन पहुंचे। संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही में शामिल होने पहुंचे प्रधान का एनडीए सांसदों ने मकर द्वार पर जोरदार स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए।
प्रधान के पहुंचते ही वहां मौजूद भाजपा सांसदों ने “धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद” के नारे लगाए। इस दौरान खास बात यह रही कि जिस स्थान पर एनडीए सांसद प्रधान के समर्थन में खड़े थे, वहीं दूसरी ओर विपक्षी सांसद भी प्रदर्शन कर रहे थे।
एक ही जगह आमने-सामने दिखे सत्ता और विपक्ष
संसद के मकर द्वार पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी दलों के कई सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है तो सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों से जुड़े मामलों को गंभीरता से देखने की जरूरत है।
पेपर लीक कानून में संशोधन विधेयक पर नजर
इस बीच केंद्र सरकार की ओर से पेपर लीक रोकने वाले कानून में संशोधन से जुड़ा विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना जताई गई। हालांकि, संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों का कामकाज प्रभावित हुआ और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
प्रस्तावित संशोधन में परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती और दोषियों के खिलाफ कड़े प्रावधानों पर जोर दिया जा सकता है।
इस्तीफे के बाद खत्म हुआ छात्रों का आंदोलन
गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले सप्ताह केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद छात्रों के संगठन और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी।
प्रधान ने अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए कहा था कि देश के छात्रों का भविष्य किसी भी तरह की कानूनी या राजनीतिक उलझन में नहीं फंसना चाहिए। उन्होंने कहा था कि युवा अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, यही उनकी प्राथमिकता है।
विपक्ष ने इस्तीफे को बताया छात्रों की जीत
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के आंदोलन की सफलता बताया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा था।
वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन की सराहना करते हुए कहा था कि बदलाव के लिए उठाई गई आवाज का सम्मान होना चाहिए।









