• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अब अपनी मर्जी से मर सकेंगे लोग, इस देश में लागू हुआ इच्छा मृत्यु वाला कानून

Writer D by Writer D
08/11/2021
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

न्यूजीलैंड (New Zealand) में रविवार सुबह से इच्छा मृत्यु वाला कानून (Law on Euthanasia) लागू हो गया है। इस कानून के तहत अब लोग अपनी मर्जी से मर सकते हैं। इससे पहले कोलंबिया, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, लग्जमबर्ग, स्पेन, नीदरलैंड और स्विटरजलैंड जैसे देशों में इच्छा मृत्यु को कानूनी दर्जा दिया गया था। न्यूजीलैंड में केवल उन्हीं लोगों को अपनी मर्जी से मरने की अनुमति मिलेगी, जो टर्मिनल इलनेस से ग्रसित हैं। यानी ऐसी बीमारी जो अगले छह महीने में जिंदगी खत्म कर देती है।

इच्छा मृत्यु के लिए न्यूजीलैंड (New Zealand Euthanasia Referendum Results) में कम से कम दो डॉक्टरों की सहमति अनिवार्य है। इस कानून को लागू करने के लिए न्यूजीलैंड में जनमत संग्रह कराया गया था, जिसमें 65 फीसदी से अधिक लोगों ने इसके पक्ष में वोट दिया। ये बेशक सुनने में थोड़ा अजीब लगता है लेकिन कुछ लोगों के लिए राहत भरी खबर भी है। 61 साल के स्टुअर्ट आर्म्सट्रॉन्ग प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित हैं, जो लाइलाज है। आर्म्सट्रॉन्ग का कहना है कि अब उन्हें चिंता नहीं है कि उनकी मौत कैसे होगी। क्योंकि इच्छा मृत्यु में दर्द नहीं होगा।

न्यूजीलैंड में कई लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। इनका कहना है कि इच्छा मृत्यु (euthanasia) से समाज का इंसानी जीवन और मूल्यों को प्रति सम्मान कमजोर होगा। इससे कमजोर लोगों, खासकर विकलांग या जीवन के अंतिम दिनों में रह रहे लोगों की देखभाल में कमी आएगी (New Zealand Election Euthanasia)। जबकि इस कानून का समर्थन करने वाले कहते हैं कि इंसान को अधिकार है कि वह कब और कैसे मरना चाहता है। ऐसे में इच्छा मृत्यु उन्हें सम्मान के साथ मरने का अधिकार देती है।

पेट्रोल-डीजल के दामों में नहीं हुआ कोई बदलाव, जाने अपने शहर के रेट

विदेशों के इसी तरह के मामलों का विश्लेषण करने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि हर साल 950 लोग इसके लिए आवेदन कर सकेंगे, जिनमें से 350 को मरने में मदद की जाएगी। लेकिन असल में कितने लोग आवेदन करते हैं, इस बारे में अभी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। इस काम के लिए डॉक्टरों को बकायदा ट्रेनिंग दी गई है।

हालांकि बहुत से डॉक्टर इसके विरोध में भी उतरे हैं । इनका मानना है कि अगर उचित देखभाल की जाए, तो जरूरी नहीं कि मरीज को इच्छा मृत्यु की जरूरत पड़े। लेकिन बहुत से मामलों में ये भी देखा गया है कि देखभाल के बावजूद भी बहुत से लोग ठीक नहीं हुए।

भारत में इच्छा-मृत्यु और दया मृत्यु दोनों ही गैर कानूनी हैं क्योंकि मृत्यु का प्रयास आईपीसी की धारा 309 के अंतर्गत आत्महत्याका अपराध है। इसी प्रकार भले ही इच्छा मृत्यु जो भले ही मानवीय भावना से प्रेरित है और पीड़ित व्यक्ति की असहनीय पीड़ा को कम करने के लिए किया जाता है, लेकिन वह भी आईपीसी की धारा 304 के अंतर्गत हत्या जैसा अपराध माना जाता है।

पीएम मोदी आज पंढरपुर जाने वाले राजमार्गों के विस्तार की रखेंगे आधारशिला

इच्छा मृत्यु को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है। पहली सक्रिय इच्छामृत्यु (ऐक्टिव यूथेनेजिया) और दूसरी निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेजिया)।सक्रिय इच्छामृत्यु में लाइलाज बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के जीवन का अंत डॉक्टर की सहायता से उसे जहर का इंजेक्शन देने जैसा कदम उठाकर किया जा सकता है।

निष्क्रिय इच्छा मृत्यु यानी वो मामले, जहां लाइलाज बीमारी से पीड़ित व्यक्ति लंबे समय से कोमा में हो। तब रिश्तेदारों की सहमति से डॉक्टर उसके जीवनरक्षक उपकरण बंद कर देते हैं। उसके जीवन का अंत हो जाता है। हालांकि बहुत से लोग मानते हैं कि सक्रिय हो या निष्क्रिय, इच्छामृत्यु हत्या है।

Tags: # world newsinternational Newslaw of euthanasianewszeeland news
Previous Post

पेट्रोल-डीजल के दामों में नहीं हुआ कोई बदलाव, जाने अपने शहर के रेट

Next Post

कैटरीना और विक्की की प्री-वेडिंग के शुरू हुए फंक्शन, पूरी हुई रोका की रस्में

Writer D

Writer D

Related Posts

Rain havoc in Uttarakhand
Main Slider

उत्तराखंड में नदियों का रौद्र रूप, ऋषिकेश-देवप्रयाग में अलकनंदा-गंगा का बढ़ा जलस्तर

01/08/2026
Several major rules changed from August 1st.
Business

आज से बदल गए कई बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा असर

01/08/2026
CM Vishnudev Sai met Nitin Nabin.
Main Slider

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने की नितिन नबीन से मुलाकात

01/08/2026
Female student apologized after remarks about PM Modi.
Main Slider

‘मुझसे गलती हो गई’… पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद छात्रा का माफीनामा आया सामने

01/08/2026
CM Dhami heard public grievances at the camp office.
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने कैंप कार्यालय में सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

31/07/2026
Next Post

कैटरीना और विक्की की प्री-वेडिंग के शुरू हुए फंक्शन, पूरी हुई रोका की रस्में

यह भी पढ़ें

LIVE TV show

LIVE टीवी शो में दो नेताओं के बीच मारपीट, जमकर चले लात-घूंसे

29/09/2023
Tej Pratap Yadav congratulated Tejashwi

परिवार-पार्टी से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप का पहला संदेश, छोटे भाई तेजस्वी को दी बधाई

27/05/2025

अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास ने छठ महोत्सव पर वरिष्ठ जनों, युवाओं और कलमकारों का किया सम्मान

10/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version