• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

नया साल में करें गुरु प्रदोष व्रत, हर समस्या का निकलेगा हल!

Writer D by Writer D
31/12/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Pradosh Vrat

Pradosh Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सनातन धर्म में हर माह की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। एक प्रदोष (Pradosh) व्रत शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी और दूसरा कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन रखा जाता है। प्रदोष का व्रत भगवान शिव को समर्पित किया गया है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की प्रदोष काल में पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत सप्ताह के जिस दिन पड़ता है उसका नाम उसी दिन के अनुसार होता है।

प्रदोष (Pradosh) का व्रत बहुत फलदायी होता है। इस व्रत को करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। घर में सुखशाली बनी रहती है। जीवन के सारे संकट दूर होते हैं। धन से लेकर शादी तक की समस्या दूर हो जाती है। मृत्यु के बाद शिव चरणों में स्थान मिलता है। साल 2026 का पहला व्रत एक जनवरी को पड़ रहा है। इस दिन गुरुवार रहेगा।

प्रदोष व्रत (Guru Pradosh) 2026 की तिथि

द्रिक पंचांग के अनुसार, पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 31 दिसंबर 2025, बुधवार के दिन मध्य रात्रि के बाद 1 बजकर 48 मिनट पर हो जाएगा। वहीं, त्रयोदशी तिथि का समापन अगले दिन यानी 1 जनवरी 2026, गुरुवार को रात के समय 10 बजकर 23 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, साल 2026 का पहला प्रदोष व्रत 1 जनवरी को रखा जाएगा।

गुरु प्रदोष (Guru Pradosh) व्रत का महत्व

प्रदोष (Pradosh) का व्रत जब भी दिन गुरुवार को पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष के नाम से जाना जाता है। गुरु प्रदोष को बृहस्पति प्रदोष भी कहा जाता है। गुरु प्रदोष व्रत आध्यात्मिक उन्नति और धर्मज्ञान की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण होता है। गुरु प्रदोष का व्रत करने से ज्ञान, शिक्षा, धन, धर्म और सुख-समृद्धि मिलती है। पुराणों के अनुसार, अगर व्यक्ति किसी भेंट के साथ त्रयोदशी की रात के पहर में भगवान शिव की प्रतिमा के दर्शन करता है, तो उसके जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

Tags: guru pradoshPradosh
Previous Post

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से है परेशान, तो करें इन मंत्रो का जाप

Next Post

इस दिशा में न लगाएं नए साल का कैलेंडर, रुक जाएगी तरक्की

Writer D

Writer D

Related Posts

mashroom ki sabji
Main Slider

ऐसे बनाएं मशरूम की सब्जी, रोज होगी बनाने की डिमांड

24/06/2026
hands
फैशन/शैली

बेजान हाथ होंगे सॉफ्ट, अपनाएं ये आसान उपाय

24/06/2026
Oil
फैशन/शैली

डल और मुरझाई स्किन बनेंगी सॉफ्ट और ग्लोइंग, इससे करें मसाज

24/06/2026
Body Odor
फैशन/शैली

पसीने की बदबू दूर करने के लिए करें ये उपाय

24/06/2026
Cloves
फैशन/शैली

रात को लौंग खाने के ये फायदे जान रह जाएंगे हैरान

24/06/2026
Next Post
Calendar

इस दिशा में न लगाएं नए साल का कैलेंडर, रुक जाएगी तरक्की

यह भी पढ़ें

चुनाव जीतना है तो कांग्रेस से दो गज की दूरी है जरूरी : सिद्धार्थनाथ

11/11/2020
पूर्व सांसद धनंजय सिंह

सुरक्षा कारणों से पूर्व बाहुबली सांसद धनजंय सिंह को फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया

11/03/2021
khushi dubey

बिकरू कांड: आरोपी अमर दुबे की पत्नी की बिगड़ी तबीयत, सीने में दर्द की शिकायत

30/05/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version