उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर खुलने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) वर्ष 2026 में बड़े पैमाने पर भर्तियों की तैयारी कर रहे हैं, जिसके तहत दिसंबर तक लगभग 62 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने की प्रबल संभावना है। चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए दोनों आयोगों ने अप्रैल से दिसंबर 2026 के बीच कुल एक लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी कड़ी में शिक्षा चयन आयोग ने एडेड महाविद्यालयों में 111 प्राचार्य पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर के 2,107 पदों के लिए जुलाई के अंतिम सप्ताह में विज्ञापन जारी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक व प्रधानाचार्य के 2,643 पदों और TGT, PGT व संलग्न प्राइमरी के 21,252 पदों का अधियाचन भी अपलोड किया जा चुका है।
विभिन्न राजकीय एवं बेसिक शिक्षण संस्थानों में भी चयन प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई है। हाल ही में आयोगों ने TGT के 3,539, PGT के 624 तथा लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रवक्ता के 1,518 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की है। राजकीय महाविद्यालयों में सहायक आचार्य के 1,253 और एलटी ग्रेड के 7,466 सहायक अध्यापकों का भी चयन हुआ है, जबकि राजकीय इंटर कॉलेजों (GIC) के 8,905 पदों का अधियाचन भेजा जा चुका है।
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी के अनुसार, नगर क्षेत्र में 11 हजार शिक्षकों की भर्ती का अधियाचन आयोग को भेजा जा चुका है, वहीं पूर्ववर्ती एडेड स्कूलों की भर्ती प्रक्रिया से 65 प्रधानाध्यापक और करीब 450 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति हुई है। इसके साथ ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा शिक्षा निदेशालय प्रयागराज के लिए 131 कनिष्ठ लिपिक और 25 आशुलिपिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
भविष्य की योजनाओं के तहत बेसिक शिक्षा परिषद ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी भर्ती की रूपरेखा तैयार कर रहा है। लगभग 62 हजार मौजूदा प्रक्रियाधीन पदों के अतिरिक्त, ग्रामीण अंचलों में करीब 35 हजार शिक्षकों तथा 2 हजार अनुदेशकों का अधियाचन भेजने की तैयारी चल रही है। साथ ही, अल्पसंख्यक महाविद्यालयों में लगभग 150 और अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में 300 पदों के लिए अधियाचन सितंबर से अक्टूबर के बीच भेजे जाने की संभावना है। इन तमाम कवायदों से प्रदेश में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सरकारी नौकरियां मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।







