रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। राहुल ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने की अपील की है।
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी बाकी चिंताओं का समाधान निकालने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
‘शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का अधिकार’
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन संविधान से मिला अधिकार है और लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों को कांग्रेस का समर्थन देने की बात कही।
राहुल ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर आरएसएस और बीजेपी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के हितों की अनदेखी हो रही है।
बातचीत के बाद भी नहीं थमा आंदोलन
राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए कमेटी बनाई है। कई मांगों पर सहमति बनने के बावजूद आंदोलन जारी है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से खुद छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलने का आग्रह किया। राहुल के मुताबिक, मुख्यमंत्री की सीधी बातचीत से छात्रों की बाकी चिंताओं का समाधान निकालने में मदद मिल सकती है।
आज सरकार से फिर आमने-सामने होंगे छात्र
रांची में छात्रों का आंदोलन 20 दिनों से ज्यादा समय से चल रहा है। 16 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले भी जलाए थे।
इसके बाद झारखंड सरकार ने छात्रों को फिर बातचीत के लिए बुलाया है। 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे होने वाली बैठक में एसडीओ और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर की मौजूदगी में छात्रों से चर्चा प्रस्तावित है।
अब नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्रों के बीच होने वाली इस बैठक से कोई ठोस समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।









