• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करती है बलरामपुर की रामलीला

Desk by Desk
18/10/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, बलरामपुर
0
रामलीला

बलरामपुर की रामलीला

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

दूषित राजनीति के जरिए देश मे धर्म के नाम पर जहर घोलने और समाज को बांटने का भले ही असफल प्रयास किया जा रहा हो, लेकिन उत्तर प्रदेश मे बलरामपुर के उतरौला रियासत के मुस्लिम शासक द्वारा दान स्वरुप दिये गये जमीन पर सैंकडो सालो से रामलीला का आयोजन आज भी बदस्तूर जारी है।

उतरौला कस्बे मे दशहरा के मौके पर 12 दिनो तक चलने वाली रामलीला अपने सैकडो साल पुराने रिवायत को आज भी कायम रखे हुए है। यहाँ की रामलीला का मंचन बलरामपुर ही नही गोंडा, बहराईच, सिद्धार्थ नगर और अयोध्या तक मशहूर है।

CM केजरीवाल ने शुरू किया “‘10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट” अभियान, मांगा दुकान मालिकों का सहयोग

सैकडो सालो से आयोजित हो रहे रामलीला के कार्यक्रम को हिन्दु मुस्लिम सौहार्द के तौर पर जाना जाता है। बताया जाता है कि उतरौला रियासत के राजा को रामलीला के आयोजन से खासा लगाव था।यही वजह है कि जिस स्थान पर रामलीला का आयोजन होता, उस भूमि को यहाँ के मुस्लिम शासक मुमताज अली खाँ ने दान स्वरूप दिया था।

उतरौला रियासत के राजा मुमताज अली खाँ ने अपने शासन काल मे रामलीला के अलावा द:खहरणनाथ मंदिर और पोखरे के लिए भी जमीने दी थी।

उतरौला रियासत के मुस्लिम शासको को रामलीला और भरत मिलाप के कार्यक्रमो से लगाव होने की वजह से ज्वाला महारानी मंदिर और बडी मस्जिद के बीचो बीच आयोजित होने वाले भरत मिलाप के कार्यक्रमो को राजा अपने महल मे बैठ कर दरबारियो के साथ देखा करते थे। जटायु रावण युद्ध, सुनहले पन्नो से बनी सोने की लंका का दहन, लगभग तीस फिट ऊंचे रावण के पुतले का अतिशबाजी के साथ दहन आज भी लोगो के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

अवैध संबंध चलते हुई थी बूथ अध्यक्ष के बेटे की हत्या, तीनों हत्यारोपी गिरफ्तार

दु:खहरण नाथ मंदिर के महंत और रामलीला आयोजन समिति के संरक्षक मंयक गिरी ने कहा कि रामलीला के विभिन्न कार्यक्रमों को देखने के लिए नगर सहित दूर दराज से लोग आते हैं।

पोखरे पर भगवान राम, सीता व लक्ष्मण का जाना राम केवट संवाद, सोने के मृग का वध, पन्द्रह फिट जटायु का रावण से युद्ध , सीता हरण से रावण वध तक के कार्यक्रम आज भी लोगो को अपनी ओर आकर्षित करते हुए सामुदायिक भावना का संदेश दे रहा है।

Tags: 24ghante online.comBalrampur newsLatest Uttar Pradesh News in Hindiramlela of balrampurगंगा-जमुनी की मिसालबलरामपुर की रामलीला
Previous Post

CM केजरीवाल ने शुरू किया “10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट” अभियान, मांगा दुकान मालिकों का सहयोग

Next Post

यूपी के इन तीन जिलों की बसों की लखनऊ में नो एंट्री, जानें वजह

Desk

Desk

Related Posts

Diabetes
Main Slider

डायबिटीज में खतरनाक होती है ये आदत, ऐसे पहुँचता है नुकसान

26/05/2026
Guava Chutney
Main Slider

ये बढ़ाएगी खाने का स्वाद, जानें बनाने का तरीका

26/05/2026
Amritsari Tadka Tea
Main Slider

घर पर ही बनाएं कुल्हड़ फ्लेवर वाली चाय, अपनाएं ये आसान ट्रिक

26/05/2026
cotton clothes
फैशन/शैली

कॉटन के कपड़ों की इस तरह करें देखभाल, लंबे समय तक बनी रहेगी इनकी चमक

26/05/2026
cm yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

25/05/2026
Next Post
बसों की लखनऊ में नो एंट्री No entry in Lucknow

यूपी के इन तीन जिलों की बसों की लखनऊ में नो एंट्री, जानें वजह

यह भी पढ़ें

पुलिस स्मृति दिवस 21 को, लखनऊ पुलिस लाइन में शुरु हुईं तैयारियां

17/10/2021
pulses

सब्जियों के बाद महंगी दालों के लिए भी रहें तैयार, 100 रुपये किलो के पार हुई कीमत

28/09/2020
Arvind Kejriwal

वोटर लिस्ट से BJP कटवा रही नाम, चुनाव आयोग पहुंचे अरविंद केजरीवाल

11/12/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version