• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

रंगभरी एकादशी पर करें इस स्त्रोत का पाठ, भोलेनाथ पूरी करेंगे हर मनोकामना

Writer D by Writer D
19/03/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Rangbhari Ekadashi

Rangbhari Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह तिथि उन्हें बहुत अधिक प्रिय है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी बहुत मायने रखती है। इस तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान शिव व माता पार्वती की आराधन करने से हर मनोकामना पूरी होती है। ऐसा माना जाता है कि इस तिथि को भगवान शिव व माता पार्वती ने काशी भ्रमण किया था।

20 मार्च को फाल्गुन माह में रंगभरी एकादशी (Rangbhari Ekadashi) मनाई जाएगी। कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी, भगवान शिव और मां पार्वती की सच्चे मन से पूजा करनी चाहिए। इस दौरान अगर आप शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करते हैं, तो सभी मनोकामना पूरी हो जाती है। आपकी कुंडली में अगर शनि ग्रह का दोष है, तो वह भी हो जाएगा।

शिव तांडव स्तोत्र

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले

गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् ।

डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं

चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥॥

जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी

विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि ।

धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके

किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥॥

धराधरेन्द्रनंदिनीविलासबन्धुबन्धुर

स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे ।

कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि

क्वचिद्दिगम्बरे(क्वचिच्चिदम्बरे) मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्फणामणिप्रभा

कदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे ।

मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे

मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥॥

सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर

प्रसूनधूलिधोरणी विधूसराङ्घ्रिपीठभूः ।

भुजङ्गराजमालया निबद्धजाटजूटक

श्रियै चिराय जायतां चकोरबन्धुशेखरः ॥॥

ललाटचत्वरज्वलद्धनञ्जयस्फुलिङ्गभा

निपीतपञ्चसायकं नमन्निलिम्पनायकम् ।

सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं

महाकपालिसम्पदेशिरोजटालमस्तु नः ॥॥

करालभालपट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल

द्धनञ्जयाहुतीकृतप्रचण्डपञ्चसायके ।

धराधरेन्द्रनन्दिनीकुचाग्रचित्रपत्रक

प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम ॥॥

नवीनमेघमण्डली निरुद्धदुर्धरस्फुरत्

कुहूनिशीथिनीतमः प्रबन्धबद्धकन्धरः ।

निलिम्पनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्तिसिन्धुरः

कलानिधानबन्धुरः श्रियं जगद्धुरंधरः ॥॥

प्रफुल्लनीलपङ्कजप्रपञ्चकालिमप्रभा

वलम्बिकण्ठकन्दलीरुचिप्रबद्धकन्धरम् ।

स्मरच्छिदं पुरच्छिदं भवच्छिदं मखच्छिदं

गजच्छिदांधकच्छिदं तमन्तकच्छिदं भजे ॥॥

अगर्व सर्वमङ्गलाकलाकदम्बमञ्जरी

रसप्रवाहमाधुरी विजृम्भणामधुव्रतम् ।

स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं

गजान्तकान्धकान्तकं तमन्तकान्तकं भजे ॥॥

जयत्वदभ्रविभ्रमभ्रमद्भुजङ्गमश्वस

द्विनिर्गमत्क्रमस्फुरत्करालभालहव्यवाट् ।

धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदङ्गतुङ्गमङ्गल

ध्वनिक्रमप्रवर्तित प्रचण्डताण्डवः शिवः ॥॥

दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजङ्गमौक्तिकस्रजोर्

गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः ।

तृणारविन्दचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः

समं प्रव्रितिक: कदा सदाशिवं भजाम्यहम ॥॥

कदा निलिम्पनिर्झरीनिकुञ्जकोटरे वसन्

विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरः स्थमञ्जलिं वहन् ।

विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः

शिवेति मंत्रमुच्चरन् कदा सुखी भवाम्यहम् ॥॥

निलिम्प नाथनागरी कदम्ब मौलमल्लिका-

निगुम्फनिर्भक्षरन्म धूष्णिकामनोहरः ।

तनोतु नो मनोमुदं विनोदिनींमहनिशं

परिश्रय परं पदं तदङ्गजत्विषां चयः ॥॥

प्रचण्ड वाडवानल प्रभाशुभप्रचारणी

महाष्टसिद्धिकामिनी जनावहूत जल्पना ।

विमुक्त वाम लोचनो विवाहकालिकध्वनिः

शिवेति मन्त्रभूषगो जगज्जयाय जायताम् ॥॥

इमं हि नित्यमेवमुक्तमुत्तमोत्तमं स्तवं

पठन्स्मरन्ब्रुवन्नरो विशुद्धिमेतिसंततम् ।

हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नान्यथा गतिं

विमोहनं हि देहिनां सुशङ्करस्य चिंतनम् ॥॥

पूजावसानसमये दशवक्त्रगीतं

यः शम्भुपूजनपरं पठति प्रदोषे ।

तस्य स्थिरां रथगजेन्द्रतुरङ्गयुक्तां

लक्ष्मीं सदैव सुमुखिं प्रददाति शम्भुः ॥॥

इति श्रीरावण कृतम्

शिव ताण्डव स्तोत्र संपूर्णम

Tags: rangbhari ekadashiRangbhari Ekadashi 2024Rangbhari Ekadashi dateRangbhari Ekadashi pujaRangbhari Ekadashi time
Previous Post

होलिका दहन पर करें ये उपाय, कंगाली से मिलेगी मुक्ति

Next Post

इन खास तरह की गुजिया के साथ स्पेशल बनाएं होली का त्योहार, हर कोई कहेगा ‘वाह’

Writer D

Writer D

Related Posts

Tulsi
Main Slider

घर से दूर हो जाएगी पैसों की तंगी, ले आएं ये पौधे

16/07/2026
Paush Amavasya
Main Slider

इसके बिना अधूरी मानी जाती है पूजा, जानें नियम

16/07/2026
Rudraksha ki mala
Main Slider

रुद्राक्ष धारण करने से मिलती सभी कष्टों से मुक्ति, जानें माला पहनने के नियम

16/07/2026
Hair color
Main Slider

पहली बार हेयर कलर करते समय इन बातों का रखें ख्याल

16/07/2026
Makeup
Main Slider

बारिश में नहीं खराब होगा मेकअप, इन बातों का रखें ध्यान

16/07/2026
Next Post
Gujiya

इन खास तरह की गुजिया के साथ स्पेशल बनाएं होली का त्योहार, हर कोई कहेगा ‘वाह’

यह भी पढ़ें

Rahul Gandhi

राहुल गांधी ने उठाए नोटबंदी पर सवाल, नोटबंदी देश के गरीब, किसान, मजदूर पर हमला है

03/09/2020
CM Dhami

सीएम धामी ने विभिन्न योजनाओं को दी वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति

01/09/2023

घर मे पड़ी बेकार चीजों से कुछ नया बनाकर करें घर की सजावट, जानिए कैसे

29/12/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version