पंजाब के चर्चित आरटीआई कार्यकर्ता सिमरनजीत सिंह की शनिवार दोपहर फगवाड़ा में गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी गई। यह घटना चहेड़ू गांव स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के लॉ गेट के बाहर हुई। बताया जा रहा है कि बाइक पर सवार दो हमलावरों ने सिमरनजीत सिंह पर नजदीक से कई गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, सिमरनजीत सिंह पर करीब एक साल पहले भी जालंधर के मॉडल टाउन इलाके में एक जिम के बाहर हमला हुआ था। उस समय वह हमले में बच गए थे। घटना के बाद सुरक्षा के तौर पर उन्हें दो गनमैन भी दिए गए थे, लेकिन हत्या के समय उनके साथ कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था।
सिमरनजीत सिंह पिछले कई वर्षों से आरटीआई और जनहित से जुड़े मामलों में सक्रिय थे। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, पंजाब पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष कई शिकायतें और याचिकाएं दायर की थीं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए थे।
जालंधर के आदर्श नगर निवासी सिमरनजीत सिंह का अपनी पहली पत्नी से तलाक हो चुका था। उन्होंने हाल ही में दूसरी शादी की थी।
घटना की सूचना मिलते ही सतनामपुरा थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि घटनास्थल से एक .32 बोर की पिस्तौल बरामद की गई है। वहीं, पास में खड़ी एक फॉर्च्यूनर गाड़ी से .12 बोर की राइफल भी मिली है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। काउंटर इंटेलिजेंस की टीमों को भी जांच में लगाया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।









