• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब होगा सफला एकादशी का पारण, जानें विधि

Writer D by Writer D
26/12/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Jaya Ekadashi

Jaya Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

इस साल गुरुवार के दिन विष्णु भक्त सफला एकादशी (Saphala Ekadashi ) का व्रत रखेंगे और भगवान की उपासना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं की मानें तो सफला एकादशी का व्रत रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। वहीं, सफला एकादशी की पूजा ही नहीं पारण का भी मुहूर्त देखा जाता है। आइए जानते हैं कब होगा सफला एकादशी व्रत का पारण व विधि-

कब होगा सफला एकादशी (Saphala Ekadashi ) का पारण-

पौष महीने की कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि का व्रत पारण 27 दिसम्बर को किया जाएगा। इस दिन पारण (व्रत तोड़ने का) शुभ समय सुबह 07:12 मिनट से सुबह 09:16 मिनट तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय दिसम्बर 28 को 02:26 ए एम रहेगा।

सफला एकादशी (Saphala Ekadashi ) का व्रत पारण कैसे करें?

स्नान आदि कर साफ वस्त्र धारण करें

भगवान श्री हरि विष्णु का जलाभिषेक करें

प्रभु का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें

अब प्रभु को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें

मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करें

पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें

प्रभु को तुलसी सहित भोग लगाएं

अंत में व्रत संकल्प पूर्ण करें व क्षमा प्रार्थना करें

व्रत (Saphala Ekadashi ) पारण के समय ध्यान रखें ये बातें-

दृक पंचांग के अनुसार, एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्य के उदय होने के बाद पारण किया जाता है। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना जरूरी माना जाता है। अगर द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही किया जाता है। द्वादशी तिथि के भीतर पारण न करना शुभ नहीं माना जाता है। एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं करना चाहिए। जो विष्णु भक्त व्रत कर रहे हैं, उन्हें व्रत तोड़ने से पहले हरि वासर समाप्त होने का इंतजार करना चाहिये। हरि वासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई अवधि मानी जाती है। व्रत तोड़ने के लिए सबसे शुभ समय प्रातः काल का होता है। कुछ कारणों की वजह से अगर कोई प्रातः काल पारण करने में सक्षम नहीं है तो उसे मध्याह्न के बाद पारण करना चाहिए।

Tags: Saphala Ekadashi
Previous Post

आज है साल की आखिरी एकादशी, इन शुभ मुहूर्त में करें पूजा

Next Post

सफला एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप, हर काम में मिलेगी सफलता

Writer D

Writer D

Related Posts

Eyes
फैशन/शैली

अपनी छोटी आंखों को बनाएं आकर्षक, इन टिप्स को करें फॉलो

17/05/2026
Garden
Main Slider

घर के गार्डन में घास-फूस हटाने के लिए आजमाए ये उपाय

17/05/2026
Love
Main Slider

प्यार के मामले में सबसे आगे होती है ये 4 राशि वाले, जानें कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

17/05/2026
Puja Ghar
धर्म

पूजा घर में गलती से भी ना रखें ये चीजें, तरक्की में बन सकती है बाधा

17/05/2026
salt
खाना-खजाना

ज्यादा नमक ने बिगाड़ दिया खाने का जायका, ऐसे दूर करें ये समस्या

17/05/2026
Next Post
Devuthani Ekadashi

सफला एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप, हर काम में मिलेगी सफलता

यह भी पढ़ें

Ganesh Chaturthi

गणेश चतुर्थी पर राशिनुसार करें गणपति पूजा, खुलेंगे सफलता के द्वार

27/08/2022
murder

हिस्ट्रीशीटर ने किया अपने जिगरी दोस्त की हत्या, वजह जान कर रह जाएंगे हैरान

31/12/2020
cm channi

चुनाव से पहले मुख्यमंत्री की बढ़ी मुश्किलें, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भांजा गिरफ्तार

04/02/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version