• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मदीना मस्जिद मामले में SC की दो टूक- अपने पैसे से खरीदी हुई जमीन पर बनाएं मस्जिद

Writer D by Writer D
05/01/2022
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने कराची के तारिक रोड इलाके में स्थित मदीना मस्जिद को गिराने का आदेश बरकरार रखा है। मस्जिद प्रशासन ने एक याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से इसकी समीक्षा की मांग की थी लेकिन अब शीर्ष अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया है। मंगलवार को अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अदालत अपना फैसला नहीं बदल सकती।

ये मस्जिद तारिक रोड के पास एमेनिटी पार्क की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी। पार्क की जमीन पर एक दरगाह और एक कब्रिस्तान को भी अवैध तरीके से बनाया गया था। इन सभी अवैध निर्माणों को सुप्रीम कोर्ट ने गिराने का आदेश दिया था। पाकिस्तान के न्यूज चैनल जियो टीवी’ के मुताबिक, मस्जिद के प्रशासन ने एक याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट के 28 दिसंबर के आदेश पर पुनर्विचार की मांग की थी।

मस्जिद प्रशासन ने अपनी दलील में कहा कि जिला नगर निगम (ईस्ट) ने उसे मस्जिद खाली करने के लिए एक नोटिस जारी किया है, लेकिन चूंकि डीएमसी ईस्ट के पास जमीन का मालिकाना हक नहीं है, इसलिए उसके पास इस तरह के नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं है।

याचिका में कहा गया, ‘मस्जिद के लिए जमीन PECHS (Pakistan Employees Cooperative Housing Society) द्वारा आवंटित की गई थी और निर्माण कानून के अनुसार भवन योजना की मंजूरी के बाद किया गया था। 1994 में मस्जिद के निर्माण के लिए सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं।’

‘मामला धार्मिक तनाव पैदा कर रहा, वापस लें फैसला’

इस पूरे मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ कर रही है। पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान ने मंगलवार को कोर्ट से अपील की कि ये मामला धार्मिक तनाव को जन्म दे रहा है, इसलिए वो अपने फैसले की समीक्षा करें। जस्टिस अहमद ने अटॉर्नी जनरल को बताया कि सिंध की सरकार मस्जिद के लिए कोई दूसरी जमीन दे सकती है।

अटॉर्नी जनरल खान ने सर्वोच्च न्यायालय से फैसले को पलटने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें पता है कि मस्जिद के लिए जमीन उपलब्ध कराना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है, लेकिन जब तक मस्जिद निर्माण के लिए नई जमीन आवंटित नहीं हो जाती, तब तक मस्जिद को गिराने का फैसला स्थगित किया  जाना चाहिए।

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सिंध सरकार मामले में पक्षकार नहीं है और उन्होंने अनुरोध किया कि चीफ जस्टिस मस्जिद को गिराने का आदेश जारी करने से पहले सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगे।

‘आदेश नहीं ले सकते वापस’

जवाब में जस्टिस अहमद ने कहा, ‘यह एक असल समस्या है, हम अपने आदेश वापस नहीं ले सकते।’ चीफ जस्टिस ने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि तब क्या सर्वोच्च न्यायालय को अपने सभी फैसले ऐसे ही रद्द कर देना चाहिए? अगर हम अपने फैसले वापस लेना शुरू कर देंगे तो हमारे सारी मेहनत बेकार जाएगी।

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस काजी अमीन ने कहा कि इस्लाम अतिक्रमण की गई जमीन पर मस्जिद बनाने की अनुमति नहीं देता है।उन्होंने कहा, ‘अगर आपको मस्जिद बनानी है तो अपने पैसों से खरीदी गई जमीन पर बनाएं।’

सुप्रीम कोर्ट ने समीक्षा याचिका को खारिज करते हुए सिंध सरकार को मामले पर तीन सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

कोर्ट के आदेश को दी गई थी चुनौती

मस्जिद को गिराने के कोर्ट के आदेश को जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) की तरफ से चुनौती दी गई थी। JUI-F सिंध के महासचिव मौलाना राशिद महमूद सूमरो ने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश और सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली को चुनौती देते हुए कहा था कि जब तक हम जिंदा हैं, किसी की जुर्रत नहीं कि मस्जिद का एक ईंट भी गिराए।

मौलाना ने कोर्ट को धमकी देते हुए कहा था कि अगर मस्जिद गिरी तो तुम्हारे ओहदे और दफ्तर भी सलामत नहीं रहेंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को चुनौती देते हुए कहा था कि वो मस्जिद को गिराने का आदेश बाद में दें, पहले पाकिस्तान के पेट्रोल पंप, स्कूलों और सैनिक छावनियों को गिराने का आदेश दें।

Tags: # world newsinternational Newsmadina mosquePakistan News
Previous Post

मायानगरी में कोरोना की फुल स्पीड, 24 घंटे में आए 15 हजार नए मामले, 3 मौतें

Next Post

पहले सिंचाई विभाग का मतलब काम कम, खर्च ज्यादा था : सीएम योगी

Writer D

Writer D

Related Posts

Anand Bardhan
Main Slider

प्रदेश भर में हो स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन : मुख्य सचिव

29/07/2026
CM Dhami
Main Slider

धामी सरकार ने विकास योजनाओं के लिए ₹14 करोड़ की दी मंजूरी

29/07/2026
Monsoon Session
Main Slider

एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास, नकल माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

29/07/2026
CM Dhami
Main Slider

सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध जनभागीदारी से चलाना होगा प्रभावी अभियान : मुख्यमंत्री

29/07/2026
20 Iraqi fighters killed in US-Saudi military strike.
अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिकी और सऊदी सेना के हमले में मारे गए 20 इराकी लड़ाके

29/07/2026
Next Post

पहले सिंचाई विभाग का मतलब काम कम, खर्च ज्यादा था : सीएम योगी

यह भी पढ़ें

Senior SP leader Jagdev Singh Yadav dies

सपा के वरिष्ठ नेता जगदेव सिंह यादव का निधन, पार्टी में छाई शोक की लहर

26/04/2021
cm yogi

CM योगी ने खोला खजाना, और निखरेगी रामगढ़ ताल की रंगत

02/04/2021

दिवाली पर क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने शेयर की अपनी तस्वीर, लग रहीं बेहद क्यूट

14/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version