उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी दलों ने युवाओं को साधने की कवायद तेज कर दी है। इसी बीच लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्यालय के बाहर लगा एक नया पोस्टर चर्चा में है। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में लिखा है- “Gen-Z का जनादेश बदलेगा उत्तर प्रदेश”।
सपा के इस संदेश को युवा और पहली बार मतदान करने वाले वोटरों पर पार्टी के फोकस से जोड़कर देखा जा रहा है। आगामी चुनाव में बड़ी संख्या में युवा मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में Gen-Z वोटर्स राजनीतिक दलों के लिए अहम माने जा रहे हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने भाषणों और बयानों में लगातार युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। बेरोजगारी, रोजगार, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और डिजिटल दौर में अवसर जैसे मुद्दे उनकी राजनीति में प्रमुखता से दिखाई देते हैं।
पार्टी के नए पोस्टर से संकेत मिल रहा है कि सपा अपने पारंपरिक मतदाताओं के साथ युवा वोटरों तक भी अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रही है। खासकर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय Gen-Z को लेकर आने वाले दिनों में पार्टी का अभियान और तेज हो सकता है।
अब सपा के इस पोस्टर के बाद नजर बीजेपी की रणनीति पर है। सवाल यह है कि क्या बीजेपी भी पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को लेकर कोई बड़ा राजनीतिक संदेश सामने लाएगी। चुनाव में युवा वोटर किस दल की ओर जाते हैं, इसका असर यूपी की सियासत पर कितना पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।









