सीबीआई ने अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma Case) की संदिग्ध मौत की जांच में सोमवार को बड़ा कदम उठाते हुए भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उनके घर पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया। जांच के दौरान ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास, पूर्व जज गिरिबाला सिंह के बयानों में कई अहम विरोधाभास सामने आए हैं, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।
सीबीआई टीम दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर पहुंची और वहां मौत के समय की परिस्थितियों को दोबारा समझने की कोशिश की। इसके लिए ट्विशा की लंबाई और लगभग 80 किलो वजन के बराबर एक डमी (पुतला) तैयार किया गया, जिसे फंदे पर लटकाकर पूरी घटना को दोहराया गया।
जांच के दौरान समर्थ सिंह ने डमी को पीछे से सहारा देकर ऊपर उठाने का प्रदर्शन किया, जबकि गिरिबाला सिंह ने बताया कि उन्होंने कुछ ही सेकंड में फंदा खोल दिया था। सीबीआई ने यह भी देखा कि घटना के बाद ट्विशा को कथित तौर पर किस तरह सीपीआर दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, जब आरोपियों के पुराने बयानों की तुलना घटनास्थल पर किए गए रीक्रिएशन से की गई तो कई बातें मेल नहीं खाईं। पति और सास द्वारा पहले बताई गई घटनाक्रम की कहानी मौके की वास्तविक परिस्थितियों से अलग नजर आई। इसी वजह से जांच एजेंसी को मामले में कई नए सवालों के जवाब तलाशने पड़ रहे हैं।
सीबीआई का मानना है कि अभी जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू बाकी हैं। डिजिटल डेटा, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। साथ ही आरोपियों से कुछ और बिंदुओं पर पूछताछ भी जरूरी है।
दोनों आरोपियों की पांच दिन की सीबीआई रिमांड मंगलवार को समाप्त हो रही है। ऐसे में संभावना है कि जांच एजेंसी अदालत से उनकी रिमांड तीन से पांच दिन और बढ़ाने की मांग कर सकती है, ताकि ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े सभी तथ्यों को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।









