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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ‘सुप्रीम’ राहत, पॉक्सो केस में बरकरार रहेगी अग्रिम जमानत

Writer D by Writer D
29/05/2026
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, प्रयागराज
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Swami Avimukteshwarananda

Swami Avimukteshwarananda

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सुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज के चर्चित POCSO मामले में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Avimukteshwaranand) को मिली अग्रिम जमानत को बरकरार रखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके साथ ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwaranand) को मिली राहत जारी रहेगी।

यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 25 मार्च 2026 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं किया।

मामले की सुनवाई जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन.के. सिंह की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान जस्टिस सुंदरेश ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि जब उन्हें कथित तौर पर नाबालिगों के शोषण की जानकारी थी, तो पुलिस के पास जाने में छह दिन की देरी क्यों हुई?

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने 22 पन्नों के आदेश में कहा था कि पीड़ितों का अपने परिजनों के बजाय किसी अन्य व्यक्ति को घटना बताना “असामान्य व्यवहार” माना जा सकता है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस दलील को भी खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि POCSO एक्ट की धारा 29 के तहत आरोपी के खिलाफ कानूनी धारणा लागू होती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यह प्रावधान गिरफ्तारी से पहले लागू नहीं किया जा सकता।

हाई कोर्ट ने यह भी नोट किया था कि पीड़ितों ने 18 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता को घटना की जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस में शिकायत 24 जनवरी को दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने देरी का कारण पूजा और यज्ञ में व्यस्त होना बताया था। हालांकि कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि इसी दौरान उन्होंने 21 जनवरी को एक अन्य मामले में अलग अर्जी दायर की थी।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने मीडिया ट्रायल और मामले में मीडिया की दखलंदाजी पर भी कड़ी टिप्पणी की थी।

Tags: avimukteshwaranandbreaking newscrime newsgoogle newslatest newsPrayagraj Newsup crime newsup newsviral news
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