देहरादून/चमोली। चमोली के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल (THDC Tunnel) में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को टनल हादसे में प्रभावित उनके राज्यों के श्रमिकों की स्थिति और राहत-बचाव अभियान की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड सरकार ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन को युद्धस्तर पर संचालित करते हुए अब तक 16 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि अन्य प्रभावित श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।
प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता
मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिलाया कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ उपचार, दवाइयां, भोजन, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को बेहतर या उच्च स्तरीय चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है तो उसे उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
दोनों राज्यों से लगातार समन्वय
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार झारखंड और छत्तीसगढ़ सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। प्रभावित श्रमिकों की स्थिति और राहत-बचाव अभियान से संबंधित आवश्यक सूचनाएं दोनों राज्यों के साथ साझा की जा रही हैं।
उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता से खड़ी है। श्रमिकों की सुरक्षा, उपचार और सहायता के लिए राज्य सरकार का पूरा तंत्र पूरी तत्परता से काम कर रहा है।
मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है। सरकार का पूरा ध्यान टनल में प्रभावित सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालने, रेस्क्यू किए गए श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनके साथ हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने पर है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी प्रभावित श्रमिकों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान पूरी ताकत और आपसी समन्वय के साथ जारी रहेगा।









