• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस तरह बहनें अपने भाई को बांधें राखी

Desk by Desk
01/08/2020
in Main Slider, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
रक्षाबंधन

रक्षाबंधन

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। बहन और भाई के अनन्य प्रेम का त्यौहार है रक्षाबंधन। यूं तो प्यार के बंधन का और कोई बंधन या आड़ नहीं होती, जैसे चाहें इस त्यौहार को मनाएं। कोराना संकट के कारण भाई बाहर है या बहना दूर है तो परेशान न हों, वीडियो कॉल लगाएं और अपने आस पास किसी से भी शुभ मुहूर्त में बहन के नाम की राखी को बांधें। जहां मन से प्यार सच्चा होता है वहां किसी औपचारिकता की आवश्यक्ता नहीं होती।

पूजा पाठ में यकीन रखने वाले लोग अक्सर ये सवाल करते हैं कि क्या सिर्फ माथे पर तिलक लगा देना या फिर हाथ पर राखी बांध देना ही रक्षाबंधन है या फिर इसकी अलग से कोई विधिवत पूजा भी होती है। इस सवाल का जवाब अगर मन से तलाशेंगे तो यह है कि मन हो चंगा तो कठौती में गंगा। जैसा कर पाएं वो बेहतर है। लेकिन भारतीय पंचांग के हिसाब से चलने वाले कहते हैं कि भद्रा में राखी का पूजन नहीं होना चाहिए। हिन्दू मान्यता है कि हर त्यौहार की एक पूजन विधि है, उसे उसी तरीके से करना श्रेयस्कर बताया जाता है।

पंडितों के मुताबिक रक्षाबंधन पर सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। स्नान के बाद देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए। पितरों के लिए धूप-ध्यान करना बेहतर होता है। इन शुभ कामों के बाद पीले रेशमी वस्त्र में सरसों, केसर, चंदन, चावल, दूर्वा और अपने सामर्थ्य के अनुसार सोना या चांदी रख लें और धागा बांधकर रक्षासूत्र बना लें। इसके बाद घर के मंदिर में एक कलश की स्थापना करें। उस पर रक्षासूत्र को रखें, विधिवत पूजन करें। पूजा में हार-फूल चढ़ाएं। वस्त्र अर्पित करें, भोग लगाएं, दीपक जलाकर आरती करें। पूजन के बाद ये रक्षासूत्र को दाहिने हाथ की कलाई पर बंधवा लेना चाहिए।

राखी बंधवाते समय सर खाली नहीं होना चाहिए, यह भी कहा जाता है इसलिए भाई राखी बंधवाते समय सर पर कोई कपड़ा, रुमाल या फिर हाथ रखें तो बेहतर होता है। राखी बंधवाने के बाद बहने भाई को मिठाई खिलाती हैं और उनकी लम्बी उम्र की कामना करती हैं। भाई उपहार या शगुन देकर बहनों की जीवन भर रक्षा का वचन लेते हैं। गंगा जमुनी तहजीब वाले हमारे हिन्दुस्तान की खूबी है कि यहां सिर्फ हिन्दू ही नहीं, हर धर्म सम्प्रदाय के लोग राखी बांधते हैं।

Tags: Lifestyle and Relationshippuja pathrakhi 2020rakshabandhanRakshabandhan 2020Rakshabandhan importanceRakshabandhan nuhuratRakshabandhan pujaरक्षाबंधन
Previous Post

जानिए कोरोना काल में लोग कैसे माना रहे हैं बकरीद, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पढ़ी नमाज़

Next Post

मप्र के पूर्व मंत्री पी सी शर्मा कोरोना संक्रमित, अस्पताल में भर्ती

Desk

Desk

Related Posts

Dark chocolate milkshake
फैशन/शैली

बच्चों के लिए बनाएं डार्क चॉकलेट मिल्क शेक, खुशी से उछल जाएंगे

27/09/2026
men fashion
फैशन/शैली

पुरुषों के बैग में ये चीजे होनी ही चाहिए

27/09/2026
vastu tips
धर्म

नल से टपकता पानी होता है अशुभ, आ सकती है आर्थिक तंगी

27/09/2026
Cow
धर्म

गाय को भूलकर भी न खिलाएं ये चीजें, वरना हो जाएंगे पाप के भागीदार

27/09/2026
Dead Skin
फैशन/शैली

डेड स्किन को गायब कर देगी ये चीज, ऐसे करें इस्तेमाल

27/09/2026
Next Post
कांग्रेस नेता पी सी शर्मा

मप्र के पूर्व मंत्री पी सी शर्मा कोरोना संक्रमित, अस्पताल में भर्ती

यह भी पढ़ें

attacked on Hindus

इस राज्य में कट्टरपंथियों ने हिंदुओं पर किया हमला, मंदिरों और घरों में की तोड़फोड़

09/08/2021

सीएम योगी ने SSB की साइकिल रैली को दिल्ली के लिए झण्डी दिखाकर किया रवाना

21/09/2021
The entire family was found dead

चैक डेम के पानी में उतराता मिला महिला का शव

16/07/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version