• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आज है कुम्भ संक्रांति, जानें इसका शुभ मुहूर्त एवं महत्व

Writer D by Writer D
12/02/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Mahakumbh-2025

Mahakumbh-2025

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

कुंभ संक्रांति 12 फरवरी २०२१ शुक्रवार को है. आज सूर्यदेव (Sun Transit) कुंभ राशि में गोचर करेंगे और 14 मार्च तक इसी राशि में निवास करेंगे. इसके बाद सूर्यदेव मीन राशि में गोचर करेंगे. हिंदू पंचांग के अनुसार, सूर्य का यह राशि परिवर्तन हर राशि के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आता है.

हालांकि अभी सूर्य मकर राशि में स्थित हैं और उनके साथ 5 अन्य ग्रह भी हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कुंभ संक्रांति के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है. आइए जानते हैं कुंभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त, और महत्व ….

कुंभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त:

कुम्भ संक्रान्ति का पुण्य काल मुहूर्त 12 फरवरी.

कुम्भ संक्रान्ति – दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 9 मिनट तक रहेगी.

कुम्भ संक्रान्ति की कुल अवधि- 05 घंटे 34 मिनट है.

कुम्भ संक्रान्ति का महा पुण्य काल- शाम 4 बजकर 18 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 9 मिनट तक है.

कुम्भ संक्रान्ति के महा पुण्य काल की अवधि- 01 घंटा 51 मिनट है.

कुम्भ संक्रान्ति का समापन – रात 9 बजकर 27 मिनट पर होगा.

कुंभ संक्रांति का महत्व:

हिंदू धर्म में कुंभ संक्रांति की विशेष महिमा बताई गई है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कुंभ संक्रांति का महत्व पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि से ज्यादा है. मान्यताओं के अनुसार, कुंभ संक्रांति के दिन जो जातक पवित्र जल से स्नान करता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. एक अन्य मान्यता के अनुसार, यदि कुंभ संक्रांति के दिन कोई जातक स्नान से वंचित रहता है तो वो कई जन्मों तक गरीबी का सामना करता है. इस दिन दान करने से भी कई गुना पुण्य फल मिलता है.

Tags: kumbh sankrantikumbh sankranti importancekumbh sankranti kab haikumbh sankranti kya hota haikumbh sankranti shubh muhurt
Previous Post

RLD नेता जयंत चौधरी समेत 5 हजार से अधिक लोगों पर केस दर्ज, जानें पूरा मामला

Next Post

जानें कब है बसंत पंचमी, शुभ मुहूर्त और पौराणिक महत्व

Writer D

Writer D

Related Posts

Mrityunjay Tiwari
Main Slider

लालू को तगड़ा झटका, RJD के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी भाजपा में शामिल

24/07/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने जन समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश

24/07/2026
Obstructing 'Vande Mataram' will prove costly.
Main Slider

अब ‘वंदे मातरम्’ में बाधा डालना पड़ेगा भारी, सरकार लाई सख्त कानून

24/07/2026
Government Jobs
Main Slider

यूपी के युवाओं के लिए खुशखबरी, 62 हजार सरकारी नौकरियों का रास्ता साफ

24/07/2026
Talks between CJP and Centre fail
Main Slider

CJP और केंद्र के बीच वार्ता बेअसर, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा

24/07/2026
Next Post
Basant Panchami

जानें कब है बसंत पंचमी, शुभ मुहूर्त और पौराणिक महत्व

यह भी पढ़ें

वसीम रिजवी ने मौलानाओं को दी चेतावनी, बोले- हाथ हमारे पास भी है….

16/03/2021
Rain wreaks havoc in Maharashtra

महाराष्ट्र में बारिश का कहर, पुणे में सबसे ज्यादा तबाही; बचाव में उतरी सेना

25/07/2024
Life Imprisonment

मासूम बेटियों की हत्या के दोषी पिता को उम्रकैद सजा

24/05/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version