• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

दावा: वैक्सीन लगवाने वालों को डेल्टा वैरिएंट से मौत का खतरा 99% तक कम

Desk by Desk
17/07/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, नई दिल्ली, राष्ट्रीय, स्वास्थ्य
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली. वैक्सीनेशन पर की गई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) की स्टडी में कुछ ऐसी जानकारी सामने आई है। जो तीसरी लहर के बीच हर किसी को मुस्कुराने पर मजबूर कर देगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वैक्सीन कोरोना के सबसे खतरनाक और तेजी से फैलने वाले डेल्टा वैरिएंट से होने वाली मौतों से 99% तक सुरक्षा मुहैया कराती है। रिसर्च के रिजल्ट से पता चला है कि वैक्सीनेशन के बाद संक्रमित होने वाले 9.8% लोगों को ही अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी, जबकि सिर्फ 0.4% संक्रमितों की मौत हुई। वैक्सीनेट व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने पर उसे ब्रेकथ्रो इंफेक्शन कहा जाता है।

 वैरिएंट का पता लगाने के लिए 244 सैंपल लिए गए  

NIV की स्टडी में सामने आया है कि डेल्टा वैरिएंट का पहला केस अक्टूबर 2020 में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में मिला था। कोरोना की दूसरी लहर के लिए इस वैरिएंट को ही जिम्मेदार माना जाता है। स्टडी के लिए 53 सैंपल महाराष्ट्र से मार्च और जून के बीच लिए गए थे। सबसे ज्यादा 181 सैंपल कर्नाटक और सबसे कम 10 पश्चिम बंगाल से लिए गए। वायरस के वैरिएंट का पता लगाने के लिए इन सैंपल्स की जेनेटिक सिक्वेंसिंग भी की गई।

ज्यादातर युवाओं के सैंपल लिए गए

स्टडी के लिए ज्यादातर 31 से 56 साल के लोगों के सैंपल लिए गए थे। इसमें 65.1% पुरुष थे। 71% मरीजों में संक्रमण के लक्षण ज्यादा थे। 69% को बुखार (समान्य लक्षण) था। 56% संक्रमितों को सिरदर्द और उल्टी के लक्षण थे। 45% को कफ और 37% को गले में दर्द की समस्या थी।

Tags: Breakthrough InfectionCorona infectedCorona vaccinedelta variantnational institute of virologyNIV StudyNIV की स्टडीResearchthird waveVaccinate PersonVaccinationकोरोना वैक्सीनकोरोना संक्रमितडेल्टा वैरिएंटतीसरी लहरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजीब्रेकथ्रो इंफेक्शनरिसर्चवैक्सीनेट व्यक्तिवैक्सीनेशन
Previous Post

कोरोना वायरस का नया खतरा, संक्रमित के शरीर पर मंकीपॉक्स वायरस का हमला

Next Post

कैप्टन की सोनिया को चेतावनी, ‘पंजाब की राजनीति में दखल न दें, वर्ना बड़ा नुकसान होगा’

Desk

Desk

Related Posts

Puja Ghar
Main Slider

पूजा घर से बनी रहेगी सकारात्मक ऊर्जा, जानें कैसा हो मंदिर

14/06/2026
Asthma
Main Slider

इन संकेतों को ना करें नजरअंदाज, करते हैं इस बड़ी बीमारी की ओर इशारा

14/06/2026
Horseshoe
Main Slider

घर में लगाएं ये एक चीज, नहीं होगी किसी चीज की कमी

14/06/2026
CM Dhami
राजनीति

एडवेंचर स्पोर्ट्स की नई राजधानी बनेगा उत्तराखंड: धामी

13/06/2026
CM Yogi inaugurated 39 development projects
Main Slider

डबल इंजन की सरकार के साथ चलिए आजमगढ़ को हम सुरक्षित और समृद्ध बनायेंगे : मुख्यमंत्री योगी

13/06/2026
Next Post

कैप्टन की सोनिया को चेतावनी, ‘पंजाब की राजनीति में दखल न दें, वर्ना बड़ा नुकसान होगा’

यह भी पढ़ें

रोहिंग्या के बयान से कर्नाटक सरकार पलटी, SC में दायर किया हलफनामा

30/10/2021
Bullion Traders

डकैत डर की ही भाषा समझते हैं, जब तक डर नहीं होगा-तब तक घटनाएं नहीं रुकेंगी

12/09/2024
corona in Uttar Pradesh

यूपी में 31 हजार से अधिक नए मामले, 40,852 मरीज हुए रोगमुक्त

05/05/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version