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दिग्गज अर्थशास्त्री का कोरोना से निधन, वैक्सीन न लगवाने की खाई थी कसम

Writer D by Writer D
30/12/2021
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय
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डच अर्थशास्त्री रॉबिन फ्रैंसमैन  का कोरोना संक्रमण  के चलते 53 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 3 दिसंबर को फ्रांसमैन ने ट्विट के जरिए अपने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी थी। उन्हें एम्स्टर्डम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 28 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।

अर्थशास्त्री रॉबिन फ्रैंसमैन COVID-19 कोरोना वैक्सीन के एक प्रमुख संशयवादी और एंटी-लॉकडाउन  प्रचारक थे। फ्रैंसमैन ने वित्तीय क्षेत्र में एक पैरवीकार के रूप में भी काम किया। वे हर्स्टेल-एनएल नामक संगठन के सह-संस्थापकों में से एक थे।

2021 की शुरुआत में, उनके संगठन ने लॉकडाउन जारी रखने के बजाय डच समाज को फिर से खोलने की योजना का प्रस्ताव रखा। संगठन ने लॉकडाउन को खत्म करने और “सुरक्षित क्षेत्र” बनाने का प्रस्ताव रखा, जो केवल कमजोर लोगों और बुजुर्गों द्वारा इस्तेमाल किए जाने के लिए डिजाइन किया गया था।

फ्रैंसमैन ने कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाई थी। वह सोशल मीडिया पर COVID-19 के टीकों की आलोचना करते थे, उन्होंने लॉकडाउन के उपायों का विरोध किया था, उनका तर्क था कि कोरोना वायरस, लॉकडाउन प्रतिबंधों ने समाज को काफी नुकसान पहुंचाया है।

एक इंटरव्यू में फ्रैंसमैन ने कहा था “लॉकडाउन और सख्त उपाय समाज में कुछ लोगों की मदद कर सकते हैं, लेकिन सभी की नहीं”। उन्होंने कहा, “कमजोर लोगों का जीवन महत्वपूर्ण है, लेकिन कम कमजोर लोगों का जीवन भी।  वास्तव में हर दरवाजे को खोलने का हमारा इरादा नहीं है। हमें बेहतर संतुलन खोजने की जरूरत है।”

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फ्रैंसमैन ने 28 नवंबर को एक ट्वीट में कहा “उनके विचार से कमजोर लोगों के लिए टीका लगवाना ठीक था, लेकिन उन्होंने खुद वैक्सीन नहीं लेने की कसम खाई थी।”

नवंबर में, एक प्रमुख ऑस्ट्रियाई वैक्सीन विरोधी वकील ने कहा था कि वह कुछ ब्लीच उत्पादों में पाए जाने वाले पदार्थ के साथ अपने COVID-19 संक्रमण का इलाज करने का प्रयास कर रहे थे। बाद में हालत बिगड़ने पर उनकी मौत हो गई।

Tags: # world newsCorona vaccineEconomist Robin Fransmaninternational News
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