• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब है फाल्गुन माह की अमावस्या? जानें पूजा विधि और नियम

Writer D by Writer D
08/02/2026
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Jyeshtha Amavasya

Jyeshtha Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि बहुत विशेष और महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर माह में एक अमावस्या पड़ती है। इस हिसाब से साल भर में 12 अमावस्या पड़ती है। अमावस्या पर स्नान-दान की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और फिर दान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

साथ ही फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya )पर भोलेनाथ की पूजा करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। जीवन में खुशहाली का आती है। अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित की गई है, इसलिए इस पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है। इस दिन पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए विशेष उपाय भी किए जाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल फाल्गुन माह की अमावस्या कब है? साथ ही जानते हैं इसकी पूजा विधि और नियम।

फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya ) कब है?

पंचाग के अनुसार, इस साल फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि 16 फरवरी 2026, सोमवार की शाम 05 बजकर 34 पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन 17 फरवरी 2026, मंगलवार को शाम 05 बजकर 30 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, फाल्गुन मास की अमावस्या इस साल 17 फरवरी को मनाई जाएगी। इसी दिन अमावस्या का स्नान-दान किया जाएगा।

फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya ) पूजा विधि

फाल्गुन अमावस्या के दिन सुबह उठकर पवित्र नदी, सरोवर या घर पर स्नान करें। फिर तिल, गुड़, आटे के पिंड बनाकर पितरों को अर्पित करें।पितृ तर्पण के लिए जल में काले तिल डालकर अर्पण करें। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दक्षिणा दान करें। भगवान शिव की पूजा करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya ) पर करें इन नियमों का पालन

फाल्गुन अमावस्या पर बाल, दाढ़ी और नाखून नहीं कटवाएं। इस दिन पुराने और गंदे कपड़े नहीं पहनें। किसी के साथ वाद-विवाद नहीं करें। तामसिक चीजों का सेवन नहीं करें। दूसरे व्यक्ति का दिया हुआ अन्न नहीं खाएं।

Tags: Falguna Amavasya
Previous Post

कब मनाई जाएगी शनि त्रयोदशी, जानें पूजा विधि एवं महत्व

Next Post

वैलेंटाइन डे पर पड़ेगी शनि की दृष्टि, लवर्स के लिए कठिन होगी प्यार की राह

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Vishnudev Sai launches 'Meri Beti-Mera Abhiman' campaign
Main Slider

मुख्यमंत्री ने ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का किया शुभारंभ

06/08/2026
Anand Bardhan
Main Slider

24×7 अलर्ट मोड में रहें अधिकारी, बंद सड़कें जल्द खोलें: मुख्य सचिव

06/08/2026
Uttarakhand Kanwar Yatra
Main Slider

उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा बनी मिसाल, 2.19 करोड़ से अधिक शिवभक्त सकुशल लौटे

06/08/2026
Tiranga Sangeet Samaroh
Main Slider

‘तिरंगा संगीत समारोह’ में राष्ट्र नायकों को मिलेगा सम्मान, राष्ट्रभक्ति के गीतों पर झूमेगा प्रदेश

06/08/2026
R. Rajesh Kumar
Main Slider

चारधाम यात्रा को मिलेगी नई रफ्तार, कर्णप्रयाग और सिमली में आधुनिक पार्किंग परियोजनाएं जल्द होंगी शुरू

06/08/2026
Next Post
Shani Jayanti

वैलेंटाइन डे पर पड़ेगी शनि की दृष्टि, लवर्स के लिए कठिन होगी प्यार की राह

यह भी पढ़ें

Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati

ब्रह्मलीन शंकराचार्य को आज दी जाएगी भूसमाधि, अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हजारों भक्त

12/09/2022
महाराष्ट्र के पांच जिलों में सात दिनों का लॉकडाउन

इस राज्य में 31 अगस्त तक बढ़ाया गया लॉकडाउन

15/08/2020
hotel collapsed

इस देश में निर्माणधीन होटल की इमारत गिरी, एक की मौत, दस लापता

12/07/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version