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शहरी बाढ़ प्रबंधन और जल निकासी पर कार्यशाला का आयोजन

Writer D by Writer D
18/02/2025
in उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
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Workshop on Urban Flood Management and Drainage

Workshop on Urban Flood Management and Drainage

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग और कंस्ट्रक्शन एंड डिज़ाइन सर्विसेज द्वारा आयोजित ‘शहरी बाढ़ प्रबंधन और जल निकासी’ (Urban Flood Management and Drainage) पर नगरीय निकाय निदेशालय, लखनऊ में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही। इस कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में शहरी बाढ़ से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए जल प्रबंधन पर तकनीकी विशेषज्ञता और ज्ञान को बढ़ाना है।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में नगर विकास विभाग के सचिव एवं शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय के निदेशक अनुज कुमार झा (Anuj Jha) ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बढ़ते शहरीकरण के दौर में सतत शहरी जल निकासी समाधानों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “तीव्र विकास और जलवायु परिवर्तन के कारण शहरी बाढ़ एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। यह कार्यशाला शहरी योजनाकारों और अभियंताओं को जल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों को अपनाने में मदद करेगी, जिससे हमारे शहर प्रतिकूल मौसम की स्थितियों से निपटने में सक्षम बनेंगे।” उन्होंने कुशल जल निकासी प्रणालियों के कार्यान्वयन और उनके नियमित रखरखाव में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

कार्यशाला को नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात (Amrit Abhijat) ने संबोधित करते हुए कहा कि शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “प्रभावी जल निकासी केवल बाढ़ रोकथाम के बारे में नहीं है; यह स्थायी, रहने योग्य शहरों के निर्माण के बारे में है। हमारा दृष्टिकोण आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों को वर्षा जल संचयन और अवरोधन तालाबों जैसे प्राकृतिक समाधानों के साथ एकीकृत करना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि समग्र जल प्रबंधन रणनीति के लिए नगर निकायों, अभियंताओं और नीति निर्माताओं सहित विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

नगर विकास विभाग के विशेष सचिव सत्य प्रकाश पटेल ने उत्तर प्रदेश में शहरी जल निकासी प्रणाली की स्थिति, शहरी बाढ़ के कारणों और शहरी जल निकासी की आवश्यकता के साथ-साथ उत्तर प्रदेश जल निकासी प्रणाली दिशानिर्देशों पर एक सत्र का नेतृत्व किया। उनके सत्र ने राज्य की मौजूदा जल निकासी संरचना और आगे की राह की गहन समझ प्रदान की।

इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता वी.के. निरंजन ने जल प्रबंधन में चुनौतियां, महत्व और समाधान पर एक सत्र आयोजित किया, जिसमें विभिन्न हितधारकों द्वारा सामना की जाने वाली प्रमुख चिंताओं को संबोधित किया गया।

शहरी बुनियादी ढांचा विशेषज्ञ डॉ. एस.एम. शुभानी ने डेटा संग्रह, सर्वेक्षण और जांच, जलग्रहण क्षेत्रों का सीमांकन और एकीकृत शहरी जल निकासी मास्टर प्लान पर एक तकनीकी सत्र प्रस्तुत किया। उनके विचारों ने जल प्रबंधन में सटीक डेटा और रणनीतिक योजना के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया।

सी एंड डीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी) के महाप्रबंधक इंजीनियर नौशाद अहमद ने वर्षा विश्लेषण और अपवाह अनुमान पर एक सत्र आयोजित किया, जिसमें कुशल जल निकासी प्रणालियों के डिजाइन के लिए आवश्यक जल विज्ञान संबंधी मूल्यांकन पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

दिन का अंतिम सत्र सीपीएचईईओ के पूर्व सलाहकार डॉ. एम. धीनदयालन द्वारा आयोजित किया गया, जिन्होंने जल निकासी प्रणाली मैनुअल (अगस्त 2019) के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। उनकी प्रस्तुति ने प्रभावी जल प्रबंधन के लिए प्रमुख नियामक ढांचे और सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रकाश डाला।

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कार्यशाला के दूसरे दिन उन्नत तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें अवरोधन तालाबों का उपयोग, वर्षा जल संचयन, पूर्व चेतावनी प्रणालियां और जल निकासी प्रणालियों का हाइड्रोलिक डिजाइन शामिल है। आईआईटी रुड़की और उत्तर प्रदेश जल निगम के विशेषज्ञ आगे तकनीकी अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे।

यह कार्यशाला उत्तर प्रदेश भर में शहरी योजनाकारों और अभियंताओं को शहरी क्षेत्रों में बेहतर बाढ़ प्रतिरोध सुनिश्चित करने के लिए जल निकासी बुनियादी ढांचे में सुधार हेतु महत्वपूर्ण ज्ञान और रणनीतियों से लैस करने के लिए आयोजित की गई है।

Tags: Lucknow Newsnagar vikas
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