• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

योगी बोले- कोरोना ने पूरी दुनिया को भारतीय चिकित्सा पद्धति के बारे में सोचने को मजबूर किया

Writer D by Writer D
05/01/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आयुष मिशन भारत की परम्परागत चिकित्सा पद्धति को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने का सबसे अच्छा माध्यम है और वैश्विक महामारी कोरोना ने पूरी दुनिया को भारत की परम्परागत चिकित्सा पद्धति के बारे में सोचने को मजबूर किया।

मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर मिशन रोजगार के तहत आयुष विभाग के नवचयनित 1065 आयुर्वेद/होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इन चिकित्सा अधिकारियों का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा किया गया है।

उन्होंने इस अवसर पर 142 योग वेलनेस सेण्टर्स का उद्घाटन तथा उत्तर प्रदेश आयुष टेलीमेडिसिन का शुभारम्भ भी किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि आयुष पद्धतियों यथा आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी तथा नेचुरोपैथी में अपार सम्भावनाएं हैं। केन्द्र व प्रदेश सरकार आयुष पद्धतियों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी गम्भीरता से कार्य कर रही हैं।

अवैध संबंधों के चलते 8 बच्चों के पिता की निर्मम हत्या, हत्यारोपी ने काटा प्राइवेट पार्ट

श्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष मिशन को एक अभियान का रूप देते हुए आयुष मंत्रालय का गठन किया, उनकी प्रेरणा से आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारतीय योग पद्धति को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दिलायी है। उनके प्रयासों से प्रत्येक वर्ष 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि जब कोई कार्य मिशन मोड में किया जाता है, तभी वह अपने उद्देश्यों की पूर्ति में सफल होता है। उन्होंने कहा कि परम्परागत चिकित्सा पद्धति में शोध किये जाने की आवश्यकता है, जिससे इस चिकित्सा पद्धति में और नवीनता आ सके। कोरोना काल खण्ड में भारतीय आयुष चिकित्सा पद्धति ने पूरी दुनिया को इससे जोड़ा है, क्योंकि आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। यह कोरोना वायरस से लड़ने में मददगार होता है। आज ग्राम पंचायत से लेकर नीति आयोग तक की बैठकों में काढ़े की मांग है। उन्होंने कहा कि ऋतु परिवर्तन के दौरान काढ़ा हम भारतीय आदि काल से पीते आये हैं। प्रदेश सरकार ने कोरोना काल खण्ड के दौरान आयुष कवच-कोविड एप को लाॅन्च किया था। इसका लाभ प्रदेशवासियों को प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवचयनित आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों के लिए बेहतर कार्य करेंगे, तो जनकल्याण के लिए एक बड़ा मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 25 वर्षाें में आयुष विभाग की सबसे बड़ी नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की गयी है। यह नियुक्तियां पूर्णरूप से निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से की गयी हैं।

अगर किसानों पर गोली चलाई तो आरएसएस मुख्यालय उड़ा देंगे : किसान नेता

उन्होंने कहा कि हेल्थ टूरिज्म सेक्टर में प्रदेश को पहचान दिलायी जाएगी। योग वेलनेस सेण्टर प्रदेश में हेल्थ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वर्तमान सरकार ने वेलनेस सेण्टर के कुशल संचालन के लिए एक योग प्रशिक्षक व एक सहायक को तैनात किया है, जिन्हें क्रमशः 27,000 रुपये एवं 10,000 रुपये मासिक देने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने निर्देश दिये कि इन वेलनेस सेण्टर्स की नियमित माॅनीटरिंग की जाए।

श्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है,जहां आयुष टेलीमेडिसिन का शुभारम्भ किया गया है। इस नई सेवा से प्रदेशवासियों को घर बैठे आयुष विशेषज्ञों से परामर्श लेने की सुविधा मिल सकेगी। प्रथम चरण में गोरखपुर, अयोध्या, लखनऊ सहित प्रदेश के 16 जिलो की 384 डिस्पेंसरियां इस व्यवस्था से जुड़ी हैं। कोरोना काल खण्ड में टेलीमेडिसिन का विशेष महत्व है। टेलीमेडिसिन कंसल्टेशन पद्धति को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है कि इसका विस्तार किया जाए। इसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को जोड़ने की व्यवस्था की जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें।

गौरतलब है कि कोई भी जरूरतमन्द विभाग की वेबसाइट के अलावा आयुष कवच-कोविड एप के माध्यम से अपना पंजीकरण कराकर आयुष टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ प्राप्त कर सकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने 11 नवचयनित आयुष चिकित्सकों-डाॅ0 श्रेया पाण्डेय, डाॅ0 रिषभ कुमार, डाॅ0 वसीम, डाॅ0 पारुल वर्मा, डाॅ0 पल्लवी पाण्डेय, डाॅ0 रत्नेश कुमार, डाॅ0 निहारिक गुप्ता, डाॅ0 तान्या वाष्र्णेय, डाॅ0 आशीष गोयल, डाॅ0 बवीता कैन तथा डाॅ0 अदिति सोनकर को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

पूर्व प्रधान के बेटे ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

मुख्यमंत्री ने 05 जिलो के नवनियुक्त चिकित्सकों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग द्वारा बातचीत की। इसके तहत उन्होंने जनपद गोरखपुर के डाॅ0 पशुपति नाथ त्रिपाठी, चन्दौली की डाॅ0 अर्चना राय, मथुरा की डाॅ0 दीप्ति, महोबा की डाॅ0 अमिता सिंह तथा फर्रूखाबाद के डाॅ0 प्रदीप कुमार से वर्चुअल संवाद किया।

संवाद के दौरान श्री योगी ने कहा कि आयुष पद्धति को विस्तार दिये जाने में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक लोगों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करें और ज्यादा से ज्यादा शोध करें, क्योंकि हमारे ऋषियों ने ‘नास्ति मूलं अनौषधं’ का सूत्र दिया है। इसका तात्पर्य है कि प्रकृति प्रदत्त सभी चीजों में कोई न कोई गुण अवश्य है, कुछ भी बेकार नहीं है, आवश्यकता है एक योजक की।

इससे पूर्व, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत उत्तर प्रदेश आयुष टेलीमेडिसिन योजना और राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत संचालित योग वेलनेस सेण्टर योजना पर केन्द्रित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।

आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 धरम सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयुष विभाग पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रहा है। कोरोना काल खण्ड के दौरान आयुष विभाग ने अपनी महत्ता को सिद्ध किया है। आयुर्वेदिक काढ़ा तथा होम्योपैथिक आर्सेनिक एल्बम लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सकों ने कोरोना काल खण्ड में काफी अच्छा कार्य किया है। प्रदेश सरकार द्वारा लाॅन्च आयुष कवच-कोविड एप को 16 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड कर इसका लाभ उठाया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आर के तिवारी, अपर मुख्य सचिव आयुष प्रशान्त त्रिवेदी, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार तथा सूचना निदेशक शिशिर सहित आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Tags: aayush ministrycm yogicoronaup news
Previous Post

प्रदेश में कोरोना हाॅटस्पाॅट और कन्टेनमेंट जोन में कमी आई, लेकिन अभी समाप्त नहीं हुआ : सहगल

Next Post

केशव का अखिलेश पर तंज, कहा- 2022 में जनता लगायेगी टीका

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
उत्तर प्रदेश

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पशुधन सुरक्षा की तैयारी तेज

03/09/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में आधुनिक हो रहे राजकीय नलकूप, किसानों के खेतों तक पहुंच रहा पानी

03/09/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

एलआईसी बीमा सखी कार्यक्रम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर : केशव मौर्य

03/09/2026
AK Sharma
उत्तर प्रदेश

जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर जल निकासी सुनिश्चित करें, आमजन को किसी भी दशा में न हाे परेशानी : ए.के.शर्मा

03/09/2026
cm yogi
Main Slider

योगी सरकार प्रदेशभर में चलाएगी ‘सेवा संकल्प अभियान’, गांव से महानगर तक होंगे जनसेवा के कार्यक्रम

03/09/2026
Next Post
keshav maurya

केशव का अखिलेश पर तंज, कहा- 2022 में जनता लगायेगी टीका

यह भी पढ़ें

Smriti Mandhana

WPL: मंधाना बनीं सबसे महंगी खिलाड़ी

13/02/2023
cm yogi

सोशल मीडिया की हर पोस्ट की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता जरूरी: सीएम योगी

29/05/2023
Lalu Yadav

‘नरेंद्र मोदी की गर्दन पर चढ़ने जा रहे हैं…,’ लालू का विवादित बयान

29/08/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version