लखनऊ: लखनऊ स्थित 5, कालीदास मार्ग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, महिला कल्याण, गृह विभाग और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। इन फैसलों में सबसे प्रमुख आकर्षण राज्य में दो नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को दी गई प्रशासनिक मंजूरी है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और विंध्य क्षेत्र में कनेक्टिविटी को एक नया आयाम मिलेगा।
प्रदेश में बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने दो नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की योजना को हरी झंडी दिखाई है। इनमें पहला 330 किलोमीटर लंबा विशाल एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सोनभद्र तक बनाया जाएगा, जो औद्योगिक व खनिज समृद्ध इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ेगा। दूसरा 117 किलोमीटर लंबा ‘विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे’ होगा, जिसे सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से आपस में जोड़ने वाले लिंक मार्ग तथा अन्य सहायक विकास परियोजनाओं के लिए ईपीसी (Engineering, Procurement, and Construction) मोड के तहत विकासकर्ताओं (Developers) के चयन प्रक्रिया संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
एक्सप्रेसवे के अलावा मंत्रिमंडल ने महिला कल्याण, सचिवालय प्रशासन, गृह विभाग, उच्च शिक्षा, राज्य कर, परिवहन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन तथा सहकारिता विभाग से जुड़े कई लोक-कल्याणकारी प्रस्तावों को पारित किया। इसके साथ ही कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के आगामी मानसून सत्र की तिथियां भी तय कर दी हैं। यह सत्र 3 अगस्त से शुरू होकर 6 अगस्त तक चलेगा, जिसमें राज्य सरकार अपने विभिन्न विधायी कार्यों और अध्यादेशों को पटल पर रखकर पारित कराएगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हालिया मुद्दों को देखते हुए मानसून सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं, जहां विपक्ष राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवादों समेत कई जनमुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।









