• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

Radhashtami: राधा जी की आठ सखियां, जिनको कान्हा से था लगाव

Writer D by Writer D
04/09/2022
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Radha Ashtami

Radha Ashtami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

श्रीकृष्ण की बाल्‍यावस्‍था में उनके अनेक सखा-सखी थे, जिन सखियों का उनसे ज्‍यादा लगाव था, वे आठ सखी थीं- राधा, विशाखा, ललिता, इंदुलेखा, चम्पकलता, सुदेवी, तुंगविद्या और चित्रा सखी. इन्हें अष्टसखी (Ashtsakhi) कहा जाता है. कान्हा के अनेक नाम हैं, उसी तरह भक्तजन उनकी सखियों को भी कई नामों से पुकारते हैं. राधाष्टमी (Radhashtami) पर जानते हैं इन अष्टसखियों के बारे में.

राधा बरसाना गांव की रहने वाली थीं. हालांकि उनका जन्म यमुना नदी के किनारे रावल में हुआ था.  ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, सीता जी की तरह राधा भी गर्भ से नहीं जन्‍मीं.  उन्हें वृषभानु ने पाला, इसलिए उन्हें वृषभानु-दुलारी कहा जाता है.  अब बहुत से लोगों को लगता है कि राधा जी बरसाने वाली थीं, हालांकि जहां उनका प्राकट्य हुआ- वो जगह रावल है.  मथुरा से सांसद बनी हेमामालिनी ने इसी रावल गांव को गोद लिया. रावल में राधा जी की कई निशानियां मिलती हैं, जबकि बरसाना में उनके प्राचीन और भव्य मंदिर हैं.

राधा की सहेली चित्रा, बरसाना से सटे चिकसौली गांव से थीं.  ये दोनों गांव एक-दूजे से ऐसे जुड़े हैं कि पता नहीं चलता कि आप कब किस गांव में प्रवेश कर गए. बरसाना के पास ही कई और गांव भी हैं, जिनके बीच अरावली पर्वत श्रृंखला में ब्रह्मांचल पहाड़ मौजूद है. यहां मौजूद मंदिर और बगीचे राधा-कृष्ण के अमर-प्रेम की गवाही देते हैं.

ब्रह्मांचल पहाड़ पर राधा रानी का भानुगढ़, दान गढ़, विलासगढ़ व मानगढ़ हैं. पास में ही अष्टसखी- रंगदेवी, सुदेवी, ललिता, विशाखा, चंपकलता, चित्रा, तुंग विद्या व इंदुलेखा के निवास स्थान हैं.  यहां स्थित मोर कुटी, गहवखन व सांकरी खोर भी प्रसिद्ध हैं. सांकरी खोर में ही कृष्ण समेत ग्वाला-बाल छिपकर गोपियों का दूध-दही व मक्खन लूट लेते थे.

Tags: RadhashtamiRadhashtami 2022Radhashtami celebrationRadhashtami dateRadhashtami puja
Previous Post

04 सितंबर राशिफल: इन राशि वालों को हो सकता है नुकसान

Next Post

गणपति के हर अंग देता है जीवन में आगे बढ़ने की सीख

Writer D

Writer D

Related Posts

Jyeshtha Amavasya
धर्म

आषाढ़ अमावस्या पर इस विधि से करें पूजन, पितरों को मिलेगी शांति

14/07/2026
Jade Plant
धर्म

घर में लगा ले ये जादुई पौधा, नहीं होगी धन की कमी

14/07/2026
cardamom
Main Slider

इस दर्द में आराम दे सकती है ये छोटी सी चीज

14/07/2026
onion-curd curry
Main Slider

अचानक आए मेहमानों के लिए बनाएं ये टेस्टी सब्जी, मिनटों में हो जाएगी तैयार

14/07/2026
Honey Face Pack
Main Slider

डल हो गए चेहरे पर लगाएं ये फेस पैक, खिल जाएगी स्किन

14/07/2026
Next Post
Ganesha

गणपति के हर अंग देता है जीवन में आगे बढ़ने की सीख

यह भी पढ़ें

The entire family was found dead

मकान में मिला अधजला शव

23/08/2023
Amit Shah

उत्तर प्रदेश आज देश का फूड बास्केट बन चुका है: अमित शाह

24/01/2026
Oxygen

होम आइसोलेशन के मरीजों को ऑक्सीजन व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी नामित

17/05/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version