• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस साल आंगनवाड़ी में 5 हजार कार्यकत्रियों व 60 हजार सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य: सीएम योगी

Writer D by Writer D
30/03/2026
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
CM Yogi

CM Yogi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित आंगनवाड़ी परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि इस वर्ष 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और 60,000 से अधिक सहायिकाओं की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही 6 वर्ष से छोटे बच्चों की देखभाल करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) का लाभ उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 लाख से अधिक कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने 2017 से पहले की व्यवस्थाओं पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा, पहले प्रदेश में पोषाहार वितरण पर शराब माफिया का नियंत्रण था। कुपोषित बच्चों व माताओं के हक पर डकैती डाली जाती थी। वर्तमान सरकार ने इस माफिया तंत्र को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को बिना सिफारिश नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं, साथ ही स्मार्टफोन और आधुनिक ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण उपलब्ध कराकर पोषण एवं बाल विकास कार्यक्रमों को डिजिटल और प्रभावी बनाया जा रहा है।

सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के पास स्मार्टफोन न होने से उनके काम का रियल टाइम डाटा नहीं मिल पाता था। डाटा अपलोड ना होने की वजह से हमारी रैंकिंग कम रहती है। लखनऊ की तरह स्मार्टफोन वितरण का कार्यक्रम सभी जनपदों में होना है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका और बड़ी होने वाली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 3 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए भी आंगनवाड़ी केंद्र में ही प्री-प्राइमरी स्कूल का संचालन होना है।

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि पूर्व में बेसिक शिक्षा के तहत चलने वाले 27,000 केंद्र भी आंगनवाड़ी को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। एक बच्चे को छह वर्ष की उम्र तक विकसित करने में आंगनवाड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री व सहायिका को यशोदा मैया की उपाधि दी है। यशोदा मैया ने जिस भूमिका का निर्वहन कृष्ण कन्हैया के लिए किया था, वही भूमिका आज के परिप्रेक्ष्य में आपकी है। यह अपने आप में बहुत बड़ा सम्मान है। उस सम्मान की गरिमा की रक्षा करना, उसके अनुरूप देश के भविष्य को गढ़ना, उसको तराशना, आगे बढ़ाना, उसकी नींव को मजबूत करना यह महती जिम्मेदारी आपके ऊपर है।

कुपोषण रूपी दुश्मन से लड़ाई में सारथी हैं आप

सीएम (CM Yogi) ने कहा कि अगर नवजात सुपोषित और मां स्वस्थ है, तो भारत का भविष्य सशक्त है। इसी के लिए पिछले 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। इन तमाम प्रयासों में और बीमारी या कुपोषण रूपी दुश्मन से लड़ाई में आप सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं सारथी की भूमिका में रही हैं। इसीलिए सफल परिणाम हमारे सामने हैं।

450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि 137 करोड़ की लागत से आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण होना है। बाल विकास परियोजना के कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया गया है। 313 करोड़ की लागत से प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल विकास कार्यालयों का निर्माण हो चुका है, उसका भी आज एक साथ यहीं से उद्घाटन संपन्न हुआ है। यह अभियान सुपोषित-साक्षर-सशक्त भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, आशा व एएनएम ने महामारी से बचाया

सीएम योगी ने कहा कि विपत्ति के समय में भी मैंने आंगनवाड़ी, आशा बहनों और एएनएम द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों को नजदीक से देखा है। कोरोना कालखंड में फ्रंटलाइन के रूप में हमारी ये कार्यकत्रियां स्वयं को बचाते हुए दूसरों को भी सुरक्षित रखने का कार्य कर रही थीं। पीएम मोदी की कोरोना प्रबंधन योजना को धरातल पर उतारते हुए ये कार्यकत्रियां स्क्रीनिंग के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं प्रत्येक घर तक पहुंचा रही थीं। परिणाम यह रहा कि इतनी बड़ी आबादी वाले राज्य में कोविड का उत्कृष्ट प्रबंधन संभव हुआ और हमने अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने में सफलता पाई।

1 करोड़ 70 लाख से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य स्क्रीनिंग से जोड़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में संभव अभियान के तहत हमने 1 करोड़ 70 लाख से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग से जोड़ा। डेढ़ लाख बच्चे कुपोषित पाए गए, इनमें 80 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से मुक्त किए जा चुके हैं। बौनापन की दर 48% से घटकर 37% हो गई है। यदि यह डाटा मोबाइल फोन के माध्यम से समय पर अपलोड होता रहेगा, तो राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तर प्रदेश की स्थिति और बेहतर होगी। फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से प्रतिमाह 1 करोड़ 56 लाख लाभार्थियों को अनुपूरक पोषाहार वितरित कराया जा रहा है। ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य उत्तर प्रदेश है।

कुपोषित माताओं के पोषाहार पर काबिज था शराब माफिया

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि प्रदेश में आज 35 लाख बच्चों को प्रतिदिन प्रोटीन-युक्त, कैलोरी-संतुलित गर्म पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ा है। क्या यह 2017 से पहले संभव था? नहीं, क्योंकि 2017 से पहले पोषाहार का वितरण कौन करता था? उत्तर भारत का सबसे बड़ा शराब माफिया जिसे सरकार ने पैसा लेकर ठेका दे रखा था, वही इसका वितरण तय करता था। मैं भौंचक था, जब 2017 में हमारी सरकार बनी, तो मुझे इस बात की जानकारी मिली कि उत्तर भारत का सबसे बड़ा शराब माफिया महिला एवं बाल विकास विभाग में भी घुसा हुआ था। सभी काम शराब माफिया ही करता था। राशन भी वही तय करता था। कहीं पहुंचता था, कहीं नहीं। गुणवत्ता इतनी खराब होती थी कि कोई खाने योग्य स्थिति में नहीं होता था। यही कारण था कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था। बचपन ही कुपोषित हो जाए, तो राज्य को बीमारू होना ही था। यह पाप कौन करता था? ये वही लोग हैं जो जाति के नाम पर समाज को बांटकर समाज की सुरक्षा में सेंध लगाते हैं और कुपोषित बच्चों व माताओं के पोषाहार पर डकैती डालते थे। ये वही लोग हैं जो आज नारेबाजी करके अव्यवस्था पैदा करते हैं।

2017 से पहले यह प्रक्रिया शुरू हुई होती, तो आपमें से किसी का भी चयन नहीं होता

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं से सीएम योगी ने कहा कि मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि आप में से किसी ने न तो सिफारिश करवाई होगी, न ही किसी को पैसा दिया होगा। क्या यह 2017 से पहले संभव था? नहीं, 2017 से पहले यदि यह प्रक्रिया शुरू हुई होती, तो आपमें से किसी का भी चयन नहीं होता। आप काम करने वाले लोग हैं, इसलिए न पैसा देते, न सिफारिश करवा सकते। इसलिए 2017 से पहले यह संभव ही नहीं था। तब सिफारिश और पैसा दोनों चलते थे। यानी ‘पर्ची भी और खर्ची भी’। तब ये लोग प्रदेश के साथ सौदेबाजी करते थे, गरीबों के हक पर डकैती डालते थे। कुपोषित मासूमों व माताओं के हक पर डकैती डालते थे। आज जब ये लोग मंच पर खड़े होकर भाषण देते हैं, तो उनकी बातों और कृत्यों पर हंसी आती है।

पारदर्शी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं

सीएम योगी ने कहा कि गत वर्ष हमने 19,424 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे। एक भी जगह शिकायत नहीं आई, कोई गुंजाइश ही नहीं रही। साथ ही, 2,519 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मुख्य सेविकाओं के पद पर नियुक्ति पत्र भी यहीं वितरित किए गए थे। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही, और आज भी हम उसी पारदर्शी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।

आंगनवाड़ी केंद्र अब डिजिटल सेवा केंद्र बने

सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि आज 69 हजार से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए जा रहे हैं। यह स्मार्टफोन आपके कार्यक्षेत्र में भी स्मार्टनेस लाएगा। रीयल टाइम डेटा समय पर अपलोड होगा। जैसे ही डेटा यहां आएगा, राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तर प्रदेश की स्थिति ऊपर उठती दिखाई देगी। इसलिए हर आंगनवाड़ी केंद्र अब एक डिजिटल सेवा केंद्र बन गया है। मुझे प्रसन्नता है कि ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए 1,33,282 स्टेडियोमीटर, 58,237 मदर एंड चाइल्ड वेइंग स्केल तथा 10,553 इन्फेंटोमीटर आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रदान किए जा रहे हैं।

जो लोग चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए, गरीब की पीड़ा नहीं समझ सकते

सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि यह कार्य पहले भी हो सकते थे, लेकिन 2017 से पहले इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती थी। क्योंकि तब गरीबों के बारे में सोचने की फुरसत ही नहीं थी। जो लोग चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, वे गरीब की पीड़ा नहीं समझ सकते। वे मंचों पर भाषण देंगे, लेकिन गरीब की पीड़ा से जुड़ नहीं सकते। उनके लिए योजनाएं नहीं बना सकते। उनके लिए तो सब कुछ अपने परिवार के लिए चाहिए। उन्हें समाज को बांटने के लिए पर्व-त्योहारों से पहले दंगा करवाने वाली गुंडों की फौज चाहिए, महिलाओं व व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले चाहिए। उनसे काम की उम्मीद करना अपने आप में दिवास्वप्न जैसा है।

स्मार्ट आंगनवाड़ी केंद्रों में स्मार्ट मानदेय भी होगा

सीएम (CM Yogi) ने बताया कि 897 बाल विकास परियोजनाओं में 5 वर्ष से छोटे बच्चों के लिए आधार ब्लॉक पर निःशुल्क जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। बच्चों को आधार से भी जोड़ा जाए। 23,647 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें एलईडी टीवी, आरओ वाटर, न्यूट्रिशन गार्डन, प्री-स्कूल किट आदि सभी सुविधाएं शामिल हैं। आंगनवाड़ी केंद्र अब स्मार्ट दिखेंगे। यदि स्मार्ट आंगनवाड़ी केंद्र होगा, तो आपका मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए। विभाग को कह दिया है कि अति शीघ्र ट्रेनिंग कराएं, मानदेय प्रस्ताव तैयार कर बड़ा समारोह आयोजित करें और इन्हें शीघ्र मानदेय प्रदान करें। सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए, अर्थात न्यूनतम मानदेय की गारंटी होनी चाहिए। हमने इसे प्रारंभ कर दिया है। इसी अप्रैल से पहले जितने भी आउटसोर्स कर्मचारी हैं, उनके लिए हमने कॉर्पोरेशन गठित किया है।

पहले माफिया संचालित करता था आउटसोर्सिंग

सीएम (CM Yogi) ने कहा कि पहले आउटसोर्सर कंपनियां ज्यादातर किसी न किसी माफिया या नेता द्वारा संचालित होती थीं। शोषण ऐसे होता था कि कंपनियां सरकार से 10,000-12,000 लेती थीं। कर्मचारी को 5,000-6,000 देती थीं और नियुक्ति के समय भी कमीशन लेती थीं। अब हम कॉर्पोरेशन आगे बढ़ा रहे हैं। शोषण-मुक्त व्यवस्था बनाएंगे, सम्मानजनक मानदेय देंगे। जो प्रदेश के हित में काम करेगा, बचपन को संवारेगा, विकास में भागीदार बनेगा, राज्य सरकार उसके साथ खड़ी रहेगी।

महिला और बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में महिला कल्याण, बाल विकास और पोषाहार विभाग की मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, लाल जी प्रसाद निर्मल, विधायक डॉ नीरज बोरा, अमरीश कुमार, जय देवी, योगेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी आदि की मौजूदगी रही।

Tags: up newsYogi News
Previous Post

मुख्यमंत्री ने बढ़ाया आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मान, दी यूनिफॉर्म राशि

Next Post

यूपी में अब इन 31 मामलों में सीधे दर्ज नहीं होगी FIR, DGP का सर्कुलर जारी

Writer D

Writer D

Related Posts

If you are a YouTuber then definitely know about copyright, read news
Main Slider

अगर आप यूट्यूबर हैं तो जरूर जाने कॉपीराइट के बारे में

07/05/2026
BJP leader Suvendu Adhikari's PA shot dead
Main Slider

बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या

06/05/2026
ODOC
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की ओडीओसी योजना में यूपी के 75 जिलों का स्वाद: हर जनपद का पारंपरिक व्यंजन बनेगा पहचान

06/05/2026
Revenue
उत्तर प्रदेश

पिछले साल की तुलना में इस बार अप्रैल में राजस्व मदों में 2416.42 करोड़ रूपये की वृद्धि

06/05/2026
The picture of Shikshamitras has changed in the Yogi government.
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में बदली शिक्षामित्रों की तस्वीर

06/05/2026
Next Post
UP Police

यूपी में अब इन 31 मामलों में सीधे दर्ज नहीं होगी FIR, DGP का सर्कुलर जारी

यह भी पढ़ें

Chandrashekhar

भीम आर्मी प्रमुख पर जानलेवा हमला, हमलावरों ने बरसाई गोलियां

28/06/2023
CM Dhami

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा बस हादसे पर जताया दुख, एआरटीओ को निलंबित करने का आदेश

04/11/2024
Arrested

मादक पदार्थ तस्कर गिरफ्तार, लाखों की चरस बरामद

29/11/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version