• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ओबीसी बेटियों की शादी का सहारा बनी याेगी सरकार, वित्तीय वर्ष में अब तक 30 हजार से अधिक को मिला अनुदान

Writer D by Writer D
20/08/2026
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
CM Yogi

CM Yogi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बन रही हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद देने के लिए संचालित शादी अनुदान योजना के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 1 लाख 5 हजार पात्र लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 210 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 106.65 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत अब तक 96,956 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 12,855 आवेदन निरस्त किये गए हैं।

आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30,466 लाभार्थियों को 60.93 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। यह आवंटित धनराशि का करीब 57.13 प्रतिशत है।

पात्र परिवार को 20 हजार रुपये की सहायता

शादी अनुदान योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ ऐसे परिवारों को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है। विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है।

आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी माना जाता है। ऐसे में योगी सरकार की शादी अनुदान योजना जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ ही बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोगी बन रही है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने गुरुवार काे बताया कि शादी अनुदान योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आर्थिक स्थिति बेटियों के विवाह में बाधा न बने। योजना में पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से सीधे उनके बैंक खातों में धनराशि भेजी जा रही है।

Tags: Yogi News
Previous Post

योगी सरकार की ओडीओपी योजना से बदली राजन की तकदीर, टेराकोटा ने दिलाई नई पहचान

Next Post

स्‍मोकी आंखें पाने के लिए फॉलो करें ये मेकअप टिप्स

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

08/10/2026
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार ने 17 हजार करोड़ से बदली यूपी की जेलों की सूरत

08/10/2026
उत्तर प्रदेश

राज्यसभा के बाद विधान परिषद और विधानसभा में भी भाजपा की जीत तय : केशव प्रसाद मौर्य

08/10/2026
उत्तर प्रदेश

दलितों, वंचितों की प्रखर आवाज थे रामविलास पासवानः मुख्यमंत्री

08/10/2026
Main Slider

‘युवा संवाद-2026’ में नितिन नवीन ने युवाओं से किया सीधा संवाद

08/10/2026
Next Post
Smokey EYes

स्‍मोकी आंखें पाने के लिए फॉलो करें ये मेकअप टिप्स

यह भी पढ़ें

CM Dhami

सीएम धामी ने की घोषणा, डिजिटल एक्स-रे मशीन भी की जाएगी उपलब्ध

04/11/2025
line hajir

छात्राओं से दुष्कर्म के प्रयास मामले में लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष लाइन हाजिर

07/12/2021
yogi

नोएडा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए योगी ने इनडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण

23/01/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version