लखनऊ। बलिया की दिव्यांग बेटी रागिनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उसके माता-पिता और बलिया की भाजपा विधायक केतकी सिंह भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने रागिनी से आत्मीयता से बातचीत कर उसके स्वास्थ्य, पढ़ाई और परिवार की जरूरतों की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मनियर ब्लॉक की दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की सात वर्षीय दिव्यांग रागिनी प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा है।
रागिनी ने स्कूल आने-जाने के लिए ट्राइसिकल की मांग की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बलिया के जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे दो ट्राइसिकल उपलब्ध कराईं। अब मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान रागिनी के इलाज, शिक्षा और परिवार के लिए आवास की व्यवस्था को लेकर भी भरोसा दिया गया। रागिनी के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और तत्काल मदद का यह प्रयास सरकार के मानवीय सरोकारों को दर्शाता है।
रागिनी के परिवार ने सीएम योगी का जताया आभार-
रागिनी की मां बबिता ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनकी बेटी के पैर में दिक्कत है और इसी समस्या को लेकर वे मुख्यमंत्री से मिलने आए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने रागिनी के इलाज का पूरा खर्च उठाने और उसके ऑपरेशन की व्यवस्था कराने की बात कही है। साथ ही गांव की खराब सड़क बनवाने और ट्राइसिकल दिलाने के लिए भी उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद दिया।
रागिनी के पिता देवेंद्र ने बताया कि कई साल पहले उनकी बेटी का सड़क हादसे में पैर फ्रैक्चर हो गया था। मुख्यमंत्री ने इलाज के साथ-साथ आवास और पढ़ाई में भी मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने विधायक केतकी सिंह का भी आभार जताया, जिनके प्रयास से परिवार की मुख्यमंत्री से मुलाकात हो सकी।
संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की मिसाल-
भाजपा विधायक केतकी सिंह ने कहा कि रागिनी का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री जी ने स्वयं संज्ञान लिया और जिलाधिकारी व संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रागिनी के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने, ऑपरेशन की व्यवस्था, परिवार को आवास उपलब्ध कराने और घर के पास की खराब सड़क को ठीक कराने की बात कही है। उन्होंने रागिनी की पढ़ाई जारी रखने के लिए भी हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
विधायक ने कहा कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाता है। मुख्यमंत्री तक किसी जरूरतमंद को अपनी समस्या पहुंचाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, सूचना मिलते ही वह स्वयं संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई करते हैं। रागिनी और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए आभार जताया है।









