• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ई-रूपी प्रणाली राज्य के अन्नदाताओं के लिए एक नई पहल: सीएम धामी

Writer D by Writer D
17/05/2025
in उत्तराखंड, राजनीति, राष्ट्रीय
0
CM Dhami

CM Dhami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देहारादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने शनिवार को सचिवालय में आधुनिक तकनीक पर आधारित “ई-रूपी” प्रणाली का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने राज्य की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए चार महत्वाकांक्षी कृषि नीतियों (कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट, सेब तुड़ाई उपरांत तुड़ाई योजना और मिलट मिशन) का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकार जल्द ही प्रदेश में फ्लावर और हनी पॉलिसी भी तैयार करेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि ई-रूपी प्रणाली राज्य के अन्नदाताओं के लिए एक नई पहल है। “ई-रूपी प्रणाली” किसानों के लिए पारदर्शी, तेज और बिचौलिया-मुक्त डिजिटल भुगतान का नया माध्यम बनेगी। इस प्रणाली के अंतर्गत पायलट परियोजनाओं में किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि ई-वाउचर (SMS या QR code) के माध्यम से सीधे उनके मोबाइल पर भेजी जाएगी, जिसे वे अधिकृत केंद्रों या विक्रेताओं से खाद, बीज, दवाएं आदि खरीदने में उपयोग कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने ई-रूपी प्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को जागरूक किया जाए, ताकि वे इस तकनीक का समुचित लाभ उठा सकें। इन सभी पहलों का उद्देश्य राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में कृषि एवं रोजगार को सुदृढ़ करना है, जिससे पलायन जैसी समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। ये योजनाएं उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं अग्रणी कृषि राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने चार नई कृषि नीतियों का शुभारंभ करते हुए कहा कि ये सभी योजनाएं राज्य की कृषि विविधता को बढ़ावा देंगी और कृषकों की आय में वृद्धि का आधार बनेंगी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2030-31 तक 5,000 हैक्टेयर में अति सघन बागवानी का लक्ष्य तय किया गया है। सेब भंडारण व ग्रेडिंग हेतु ₹144.55 करोड़ की योजना लॉन्च की गई है, जिसमें सी.ए. स्टोरेज व सोर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयों को 50-70% तक राजसहायता दी जाएगी। कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि मिलेट नीति के अंतर्गत 2030-31 तक 70,000 हैक्टेयर क्षेत्र आच्छादित करने के लिए ₹134.893 करोड़ का लॉन्च की गई है। इसमें किसानों को बीज बोआई और उपज खरीद पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। साथ ही ये नीतियाँ राज्य के कृषकों की आर्थिकी को सशक्त बनाएंगी और उत्तराखंड के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएंगी।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष चाय विकास सलाहकार परिषद श्री महेश्वर सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष उत्तराखंड जैविक कृषि श्री भूपेश उपाध्याय, जड़ी बूटी सलाहकार समिति के उपाध्याक्ष श्री बलबीर धुनियाल, राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह पंवार, जड़ी बूटी समिति के उपाध्यक्ष श्री भुवन विक्रम डबराल, सचिव डॉ. एसएन पांडेय, महानिदेशक कृषि श्री रणवीर सिंह चौहान, निदेशक आईटीडीए श्री गौरव कुमार सहित विभिन्न जिलों के काश्तकार मौजूद रहे।

कीवी नीति की खास बातें

कुल लागत 894 करोड़ रुपये
6 वर्षों में 3500 हेक्टेयर भूमि पर कीवी उत्पादन का लक्ष्य
लगभग 14 हजार मीट्रिक टन वार्षिक कीवी उत्पादन का लक्ष्य
9 हजार किसानों को होगा प्रत्यक्ष लाभ

ड्रैगन फ्रूट नीति की खास बातें

कुल लागत 15 करोड़ रुपये
228 एकड़ भूमि पर ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन
350 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य
छोटे और मध्यम किसानों को लाभ

सेब तुड़ाई उपरांत प्रबंधन योजना

144.55 करोड़ रुपये की लागत
5,000 हेक्टेयर क्षेत्र को अति सघन बागवानी से आच्छादित करना
22 सी ए स्टोरेज इकाइयों एवं सॉर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयों की स्थापना
व्यक्तिगत कृषकों को 50 प्रतिशत और कृषक समूहों को 70 प्रतिशत तक अनुदान।

मिलेट नीति

135 करोड़ रुपये की लागत
दो चरणों में 68 विकासखंडों में 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेट उत्पादन के अंतर्गत लाना निवेश पर 80 प्रतिशत तक अनुदान।
प्रति हेक्टेयर पंक्ति बुआई पर 4000 रुपये और अन्य विधियों पर 2000 रुपये प्रोत्साहन।
किसानों को खरीद पर 300 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन।

Tags: cm dhami
Previous Post

फेमस महिला यूट्यूबर अरेस्ट, पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप

Next Post

अव्यवस्था जब आला अधिकारियों को दिख रही है, तो आपके जेई से लेकर एसई तक का क्या काम: डीएम

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Dhami congratulated Tejaswin Shankar.
Main Slider

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: तेजस्विन शंकर को सीएम धामी ने दी बधाई

01/08/2026
CM Dhami
Main Slider

CM धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

01/08/2026
CM Vishnudev Sai
छत्तीसगढ़

कुलगाम में आतंकियों ने ली छग के मजदूरों की जान, सीएम साय ने जताया शोक

01/08/2026
PM Modi
नई दिल्ली

आंध्र प्रदेश का नया हवाई अड्डा उत्तर आंध्र के विकास का ‘रनवे’, युवाओं के भविष्य का ‘लॉन्चपैड’ : मोदी

01/08/2026
Rain havoc in Uttarakhand
Main Slider

उत्तराखंड में नदियों का रौद्र रूप, ऋषिकेश-देवप्रयाग में अलकनंदा-गंगा का बढ़ा जलस्तर

01/08/2026
Next Post
DM Savin Bansal

अव्यवस्था जब आला अधिकारियों को दिख रही है, तो आपके जेई से लेकर एसई तक का क्या काम: डीएम

यह भी पढ़ें

Asaram Bapu

रेप केस में जेल में बंद आसाराम को बड़ी राहत, मिली 6 माह की अंतरिम बेल

29/10/2025
Mercedes-AMG

भारत में लॉंच हुई 9 गियर वाली कार, लुक देखकर हो जाएंगे फिदा

07/01/2023
CM Yogi

इस साल आंगनवाड़ी में 5 हजार कार्यकत्रियों व 60 हजार सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य: सीएम योगी

30/03/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version