• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

भाई और बहन के प्यार पर कोरोना का वार, राखी लौटा रहे हैं भाई

Desk by Desk
23/07/2020
in Main Slider, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
रक्षाबंधन के दिन छलका दर्द

रक्षाबंधन के दिन छलका दर्द

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। भाई और बहन के प्यार पर कोरोना का वार भारी पड़ गया है। बहनों से दूर रह रहे भाई अब संक्रमण के डर से उनकी राखियां भी लौटाने को मजबूर हैं। अकेले रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में तीन हफ्तों के अंदर दो हजार से अधिक राखियां रिसीव न होने से डाकघर लौट आईं हैं और लगभग रोज सौ से अधिक राखियां लौट रही हैं।  इनमें यहां से महानगरों में भाइयों को भेजी और वहां से रामनगर भेजी गई राखियां भी हैं। रक्षाबंधन तीन अगस्त को है। इसे देखते हुए दूर रह रहे भाइयों को बहनें एक माह पहले से राखियां भेजने लगी थीं।  मगर, लोग कोरोना संक्रमण के डर से पैकेट बंद राखियां लेने से परहेज कर रहे हैं। रामनगर डाकघर के अफसरों के अनुसार रोज सौ से अधिक राखियां वापस आ रही हैं। रामनगर और आसपास के क्षेत्रों से भेजी दो हजार राखियां वापस आई हैं।

रेड जोन के लिए प्रतिबंध

केंद्र ने दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई आदि शहरों में कोई भी वस्तु कूरियर या डाक माध्यम से भेजने पर रोक लगा रखी है। ऐसे यहां रह रहे लोगों को बहनें राखी नहीं भेज पा रही हैं।

सेनेटाइज करके भी नहीं ले रहे पैकेट

कार्यवाहक पोस्ट मास्टर नरेश नौटियाल ने बताया कि रामनगर में रोज सौ से अधिक पैक राखियां आ रही हैं। उन्हें सेनेटाइज कर डाकिया पैकेट घर-घर ले जा रहे हैं। मगर कोरोना से खौफजदा लोग उन्हें नहीं रिसीव कर रहे हैं।

अब ऑनलाइन राखियां भेजेंगी बहनें

छोई निवासी बबिता नेगी, हल्दुआ निवासी शिवानी शर्मा, पीरूमदारा निवासी सुमन ने बताया कि उनके भाई उत्तराखंड से बाहर रहते हैं। भेजी राखियां वापस आ गई हैं। अब रक्षाबंधन के दिन ऑनलाइन ही भाई को मोबाइल स्क्रीन पर देखेंगी।

Tags: coronarakhiRakhi returned due to Rakshabandhanकोरोना के कारण लौटाई राखीरक्षाबंधनराखी
Previous Post

चीन की चुनौतियों पर वीडियो संवाद से अपनी और कांग्रेस की राय रखेंगे राहुल गांधी

Next Post

विश्व में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1.5 करोड़ के पार, 6.17 लाख से ज्यादा मौत

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

Karwa Chauth 2026: आज जरूर पढ़ें करवा चौथ की ये 3 व्रत कथाएं

29/10/2026
Main Slider

योगी सरकार ने बदले चरित्र प्रमाणपत्र के नियम, अब हिंसा में शामिल युवाओं को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

29/10/2026
क्राइम

बालाजी धाम से लौट रहे परिवार पर टूटा कहर, कार बस में घुसी; तीन की मौत

29/10/2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न, चारों धाम बर्फ से ढके; मसूरी में बढ़ी ठिठुरन

29/10/2026
Main Slider

‘सीटें मांगें तो जीरो याद दिलाइएगा’, कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर राजभर ने अखिलेश को दी सलाह

29/10/2026
Next Post
विश्व में कोरोना

विश्व में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1.5 करोड़ के पार, 6.17 लाख से ज्यादा मौत

यह भी पढ़ें

Yakub

बसपा के पूर्व मंत्री याकूब, पत्नी, दो बेटों समेत सात पर लगा गैंगस्टर

12/11/2022
Petrol

लगातार 18वें दिन भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं हुआ कोई बदलाव

17/03/2021
Investment

इस सरकारी स्कीम में पति-पत्नी करें निवेश, हर महीने मिलेगी इतनी पेंशन

04/01/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version