• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सहजन ,मतलब सेहत के लिए पॉवर हाउस

Writer D by Writer D
26/05/2025
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ, स्वास्थ्य
0
Drumstick

Drumstick

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) यूं ही नहीं सहजन (मोरिंगा) (Drumstick) के मुरीद हैं। दरअसल सहजन ‘सोने पर सुहागा’ वाले मुहावरे का जीवंत प्रमाण है। हरियाली के साथ यह पोषण भी देता है। यह पोषण सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, खेती और पशुओं के लिए भी मुफीद है। सहजन में फूल अमूमन तब आते हैं जब अन्य किसी फल या फूल में फूल नहीं रहते। ऐसे में इनके फूलों पर लगने वाली मधुमक्खियां परागण में भी मददगार होती हैं। परागण की खेतीबाड़ी में खासी अहमियत है। एक अनुमान के अनुसार परागण का वैश्विक फसल उत्पादन में लगभग 5 से 8 फीसद तक का योगदान होता है। यह लगभग 235 से 577 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर है। यही नहीं, सहजन के उपयोग से आप चाहे वर्मी कंपोस्ट बनाएं या मधुमक्खी पालन करें उसकी पोषण संबंधी खूबियां संबंधित उत्पाद में आकर उसके लाभ को कई गुना बढ़ा देती हैं।

यही वजह है कि योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) अपने पहले कार्यकाल से पौधरोपण में सहजन (Drumstick) को लेकर खास निर्देश देते हैं। हाल ही में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के सभी लाभार्थियों सहित ‘जीरो पावर्टी’ की श्रेणी में चिह्नित हर परिवार को ‘सहजन’ का पौधा दिया जाए। यही नहीं विकास के मानकों पर पिछड़े आकांक्षात्मक जिलों में हर परिवार को सहजन के कुछ पौध लगाने का निर्देश भी वह दे चुके हैं। योगी सरकार की गृह वाटिका के पीछे भी यही सोच रही है।

पोषण के लिए क्यों जरूरी है सहजन (Drumstick) 

देश के 32 फीसद बच्चे अंडरवेट, 67 फीसद एनिमिक

राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण 2019-2020 के मुताबिक देश के करीब 32 फीसद बच्चे अपनी उम्र के मानक वजन से कम (अंडरवेट) हैं। करीब 67 फीसद बच्चे ऐसे हैं जो अलग-अलग वजहों से एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित हैं। अपनी खूबियों के नाते ऐसे बच्चों के अलावा किशोरियों, मां बनने वाली महिलाओं के लिए सहजन वरदान साबित हो सकता है।

सहजन (Drumstick) की खूबियां

सहजन (Drumstick) सिर्फ एक पेड़ एवं वनस्पति ही नहीं बल्कि अपनी पोषण एवं औषधीय खूबियों के कारण खुद में पॉवर हाउस जैसा है। इन्हीं खूबियों के नाते इसे चमत्कारिक वृक्ष भी कहते हैं।

सहजन vकर सकता है 300 रोगों की रोकथाम

सहजन की पत्तियों एवं फलियों में 300 से अधिक रोगों की रोकथाम के गुण होते हैं। इनमें 92 तरह के विटामिन्स, 46 तरह के एंटी ऑक्सीडेंट, 36 तरह के दर्द निवारक और 18 तरह के एमिनो एसिड मिलते हैं।

तुलनात्मक रूप से सहजन (Drumstick) के पौष्टिक गुण

🔹विटामिन सी- संतरे से सात गुना।
🔹विटामिन ए- गाजर से चार गुना।
🔹कैल्शियम- दूध से चार गुना।
🔹पोटैशियम- केले से तीन गुना।
🔹प्रोटीन- दही से तीन गुना।

दैवीय चमत्कार भी कहा जाता है सहजन (Drumstick) को

दुनिया में जहां-जहां कुपोषण की समस्या है, वहां सहजन का वजूद है। यही वजह है कि इसे दैवीय चमत्कार भी कहते हैं। दक्षिणी भारत के राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक में इसकी खेती होती है। साथ ही इसकी फलियों और पत्तियों का कई तरह से प्रयोग भी। तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने पीकेएम-1 और पीकेएम-2 नाम से दो प्रजातियां विकसित की हैं। पीकेएम-1 यहां के कृषि जलवायु क्षेत्र के अनुकूल भी है। यह हर तरह की जमीन में हो सकता है। बस इसे सूरज की भरपूर रोशनी चाहिए।

पशुओं एवं खेतीबाड़ी के लिए भी उपयोगी

सहजन (Drumstick) की खूबियां यहीं खत्म नहीं होतीं। चारे के रूप में इसकी हरी या सूखी पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में डेढ़ गुने से अधिक और वजन में एक तिहाई से अधिक की वृद्धि की रिपोर्ट है। यही नहीं इसकी पत्तियों के रस को पानी के घोल में मिलाकर फसल पर छिड़कने से उपज में सवाया से अधिक की वृद्धि होती है।

सांसद थे तबसे है योगी का सहजन (Drumstick) से लगाव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहजन की इन खूबियों से तबसे वाकिफ हैं जब वह गोरखपुर के सांसद थे। यही वजह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में हरीतिमा बढ़ाने एवं यहां के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए पौधरोपण का जो काम शुरू करवाया, उसमें सहजन को भी प्राथमिकता दी गई।

केंद्र भी सहजन (Drumstick) को पीएम पोषण योजना में शामिल करने का दे चुका है निर्देश

अब तो केंद्र सरकार भी सहजन की खूबियों के नाते इसका मुरीद हो गई। करीब दो साल पूर्व केंद्र की ओर से राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे प्रधानमंत्री पोषण योजना में सहजन के साथ स्थानीय स्तर पर सीजन में उगने वाले पोषक तत्वों से भरपूर पालक, अन्य शाक-भाजी एवं फलियों को भी शामिल करें।

Tags: Drumstick
Previous Post

278 करोड़ से ग्राम पंचायतों में डिजिटल वर्कफोर्स व रिसोर्स-लर्निंग सेंटर तैयार करेगी योगी सरकार

Next Post

पूरी दुनिया में अपनी आभा बिखेर रहा है कालानमक चावल:कुलपति

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

गोरखपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा नेताओं में भिड़ंत, गाली-गलौज और थप्पड़ जड़ने का आरोप

03/10/2026
Main Slider

होमगार्ड्स के 41,424 पदों का अंतिम चयन परिणाम जारी

03/10/2026
उत्तर प्रदेश

प्रत्याशी अपने उतारकर सिंबल हमारा दिया था’, राजभर ने अखिलेश पर लगाया धोखा देने का आरोप

03/10/2026
उत्तर प्रदेश

‘नौकरियों का रेट तय करने वाले आज नकल पर ज्ञान दे रहे हैं’, अखिलेश के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्रियों का तीखा पलटवार

03/10/2026
Main Slider

धन के अभाव में किसी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी: सीएम योगी

03/10/2026
Next Post

पूरी दुनिया में अपनी आभा बिखेर रहा है कालानमक चावल:कुलपति

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें

Lalu Prasad Yadav

20 साल बहुत हुआ… वोटिंग के बीच लालू यादव ने ऐसा क्यों कहा

06/11/2025
Wednesday fast

इस विधि से करें गणेश की पूजा, पूरी होगी हर मनोकामना

05/04/2023
cm yogi

CM योगी दो दिवसीय दौरे पर आ सकते है गोरखपुर, जनता को सौपेंगे कोविड अस्पताल

05/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version