• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

गुप्त नवरात्र में इस मुहूर्त में करें कलश स्थापना, नोट करें विधि

Writer D by Writer D
06/07/2024
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Navratri

Navratri

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्र (Gupt Navratri) प्रारंभ होगी। गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। साल में 4 बार नवरात्र पड़ते हैं। तांत्रिक साधना करने वालों के लिए गुप्त नवरात्र का समय बहुत विशेष होता है। गुप्त नवरात्र (Gupt Navratri) में मां दुर्गा की तांत्रिक विधि और मंत्रों से पूजा करने से सभी प्रकार के दोष समाप्त हो जाते हैं। गुप्त नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। सभी को अपने घरों में कलश स्थापना करना चाहिए। इस कलश में सभी देवी-देवताओं का वास माना जाता है।

कलश स्थापना विधि

नवरात्र (Gupt Navratri) में पूजा के दौरान स्थापित किए गए कलश को नौ दिनों के बाद ही नदी में विसर्जित किया जाता है। यही कारण है कि गुप्त नवरात्र के दौरान मिट्टी से बने कलश की ही स्थापना करनी चाहिए, क्योंकि मिट्टी को सबसे शुद्ध और पवित्र माना जाता है। मिट्टी से बने कलश को स्थापित करने के बाद उसमें मिट्टी से बने कलश का ढक्कन, जटा वाला नारियल, कलावा, लाल कपड़ा, मौली, गंगाजल, अक्षत रखें।

कलश स्थापना शुभ मुहूर्त

आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्र (Gupt Navratri) में घट स्थापना का शुभ समय 6 जुलाई को सुबह 5.11 बजे से 7.26 बजे तक है। इस दौरान आप कलश स्थापना कर सकते हैं। इस मुहूर्त में कलश स्थापना नहीं कर पाएं, तो 6 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक भी कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

कलश स्थापना करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मिट्टी के कलश पर कोई काला धब्बा न हो। ऐसा करने से पूजा का प्रभाव बुरा हो सकता है। कलश को हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना चाहिए। कभी भी टूटा हुआ या खंडित कलश स्थापित नहीं करना चाहिए।

Tags: Gupt NavratriGupt Navratri 2024Gupt Navratri dateGupt Navratri muhurt
Previous Post

जांजगीर कुएं हादसे में मृतकों के परिजनों को साय सरकार ने की पांच-पांच लाख देने की घोषणा

Next Post

पुनर्वसु नक्षत्र के साथ होगा गुप्त नवरात्र का आरंभ, इस बार 10 दिन होगी देवी दुर्गा की पूजा

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

नहीं रहे रामगोविंद चौधरी, SGPGI में ली अंतिम सांस; सपा में शोक की लहर

25/09/2026
Main Slider

26 और 27 सितंबर को रेड अलर्ट के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित रहेंः CM धामी

25/09/2026
Main Slider

यूपी में मौसम को लेकर योगी सरकार अलर्ट, जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता के निर्देश

25/09/2026
Main Slider

UPITS: देशी-विदेशी मेहमानों ने चखी मेरठ की रेवड़ी-गजक, बोले-वाह

25/09/2026
Main Slider

सड़क किनारे रुके सीएम धामी, भुट्टा चखा और लिया सरकार के काम का फीडबैक

25/09/2026
Next Post
Gupt Navratri

पुनर्वसु नक्षत्र के साथ होगा गुप्त नवरात्र का आरंभ, इस बार 10 दिन होगी देवी दुर्गा की पूजा

यह भी पढ़ें

अमित शाह

सरदर पटेल के विराट योगदान को भारत कभी भुला नहीं सकता : शाह

31/10/2020
murder

चोर समझ साधु के वेष में आए अधेड़ की पीटकर हत्या

04/08/2022
condom

नए साल के मौके पर जमकर ऑर्डर हो रहे कंडोम, सोडा-आइस क्यूब

31/12/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version