• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

किसानों ने ठुकराया सरकार का प्रस्ताव, एक दिसंबर से सभी राज्यों में प्रदर्शन

Writer D by Writer D
29/11/2020
in Main Slider, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
0
Farmer protest

Farmer protest

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की सीमा पर डटे किसान संगठनों ने सरकार की बातचीत की अपील ठुकरा दी है और एक दिसंबर से सभी राज्यों में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

विरोध कर रहे किसान संगठनों के संयुक्त मंच अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि सरकार को उच्च स्तर पर किसानों से बातचीत करनी चाहिए। समिति ने कहा कि किसानों ने एक दिसंबर से सभी राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।

कल देर शाम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किसानों से बातचीत करने की अपील करते हुए कहा था कि तीन दिसंबर को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसान संगठनों के साथ बैठक करेंगे।

हिंदू जागरण मंच की लखनऊ महानगर इकाई की बैठक, पदाधिकारी मनोनीत

बयान में कहा गया है कि किसान एकजुट हैं और एक सुर में केन्द्र सरकार से तीन किसान विरोधी, जनविरोधी कानूनों और तथा बिजली विधेयक 2020 की वापसी की मांग कर रहे हैं। किसान शांतिपूर्वक व संकल्पबद्ध रूप से दिल्ली पहुंचे हैं और अपनी मांग हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पंजाब और हरियाणा से भारी संख्या कुसान में सिंघु और टिकरी बार्डर पर पहुंच रहे हैं। उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के किसानों की गोलबंदी भी सिंघु बार्डर पर हो रही है।

किसानों का आरोप है कि सरकार ने उनकी मांगों और सवालों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। सरकार की कार्यप्रणाली ने अविश्वास और भरोसे की कमी पैदा की है। किसान संगठनों का कहना है कि अगर सरकार किसानों की मांगों को सम्बोधित करने पर गम्भीर है तो उसे शर्तें लगानी बंद कर देनी चाहिए।

Tags: amit shahfarmer protestfarmer protest in delhiNational newssindhu borderburari border
Previous Post

हिंदू जागरण मंच की लखनऊ महानगर इकाई की बैठक, पदाधिकारी मनोनीत

Next Post

मोदी सरकार का किसान नहीं, अडानी-अम्बानी की आय बढ़ाने पर है जोर : राहुल गांधी

Writer D

Writer D

Related Posts

Ashish Chauhan planted trees
उत्तराखंड

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने किया वृक्षारोपण, कहा- पौधारोपण को बनाएं जन-आंदोलन

16/07/2026
Ram Mandir
Main Slider

राम मंदिर चढ़ावा मामले में चौंकाने वाला मोड़, SIT रिपोर्ट ने उठाए बड़े सवाल

16/07/2026
DRM Dayanand met CM Vishnudev Sai
छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री करेंगे सरोना और बालोद रेलवे स्टेशन का लोकार्पण, मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार

16/07/2026
Jarjish Ansari
Main Slider

श्रीकृष्ण को ‘नमाजी’ बताने वाले मौलाना के बयान पर बवाल, संतों ने पाकिस्तान भेजने की उठाई मांग

16/07/2026
CM Bhagwant Mann
Main Slider

CM भगवंत मान का दावा- पंजाब हर क्षेत्र में बनेगा नंबर-1, विपक्ष पर भी साधा निशाना

16/07/2026
Next Post
राहुल गांधी Rahul Gandhi

मोदी सरकार का किसान नहीं, अडानी-अम्बानी की आय बढ़ाने पर है जोर : राहुल गांधी

यह भी पढ़ें

Katrina Kaif

कैटरीना कैफ ने ब्रेकअप के बाद रणबीर कपूर के परिवार के लिए कही थी ये बात

27/03/2021

यूपी में मंडराया ‘डेल्टा प्लस’ का खतरा, CM योगी ने दिए अहम निर्देश

26/06/2021

रिलायंस का पूंजीकरण 13 लाख करोड़ रुपये के पार

23/07/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version