• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं इस विधि से रखें कजरी तीज का व्रत

Desk by Desk
06/08/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
कजरी तीज

कजरी तीज

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया को कज्जली तीज का व्रत करने का विधान है | कज्जली तीज को कजरी तीज, बूढ़ी तीज व सातूड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है |  इस दिन भगवान श्री विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है | मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा भी की जाती है | इस दिन महिलाएं अपने सुहाग के लम्बी उम्र के लिये व्रत करती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिये ये व्रत करती हैं। इस बार कजरी तीज 6 अगस्त को मनाई जाएगी।

पेंसिल शेड्स से बनाये ब्राउन आइज को और भी खूबसूरत

इस दिन व्रत रहकर शाम को चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को रोली और अक्षत अर्पित कर हाथ में चांदी की अंगूठी और गेहूं के दाने लेकर जल से अर्घ्य देकर इस व्रत का पारण किया जाता है |

कजरी तीज का शुभ मुहूर्त

  • तृतीया तिथि प्रारंभ – सुबह 10 बजकर 50 मिनट से
  • तृतीया तिथि समाप्त – रात 12 बजकर 15 मिनट तक
  • चन्द्रोदय: रात 9 बजकर 8 मिनट पर होगा |

कजरी तीज की पूजा विधि

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें। इसके बाद हरे रंग के साफ कपड़े पहने। यह व्रत पूरे दिन व्रत रखते हैं और शाम को चंद्रोदय के बाद व्रत खोला जाता है। कजरी तीज के दिन जौ, गेहूं, चने और चावल के सत्तू में घी और मेवा मिलाकर तरह-तरह के पकवान बनाये जाते हैं। इस दिन सुहागने दान करती हैं। इसके साथ ही पूजा स्थस में घी का दीपक जलाकर मां पार्वती और भगवान शिव के मंत्रों का जाप किया जाता है।

चंद्रमा को अर्ध्य देने की विधि

कजरी तीज की शाम को पूजा करने के बादत चंद्रमा को अर्ध्य दिया जाता है। इसके लिए चंद्रमा को रोली, अक्षत और मौली अर्पित करें। इसके बाद गेंहू के दाने और चांदी की अंगूठी को हाथ लेकर चंद्रमा को  अर्ध्य देते हुए अपने स्थान पर खतड़े होकर फिर परिक्रमा करें।

चंद्रोदय के बाद भोजन करके व्रत तोड़ा जाता है।

Tags: Kajari Teej 2020Kajari Teej kab haikajari teej totkekajari teej upaykajri teej 2020kajri teej 2020 datekajri teej vrat 2020teej kab haiकजरी तीजकजरी तीज कब है 2020
Previous Post

आज के ही दिन हिरोशिमा और नागासाकी में गिराया गया था परमाणु बम

Next Post

UNSC में जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तान-चीन की चाल एक बार फिर नाकाम

Desk

Desk

Related Posts

CM Dhami
राजनीति

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय : CM धामी

25/06/2026
Pooja Pal
Main Slider

BJP ने किया नई प्रदेश टीम का ऐलान, पूजा पाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी

25/06/2026
Earthquake
Main Slider

कुछ सेकंड में तबाह हुए शहर! वेनेजुएला में भूकंप ने मचाई तबाही

25/06/2026
cucumber-curd salad
Main Slider

खीरे और दही से बनाएं गर्मियों को जायकेदार

25/06/2026
Payal
Main Slider

खास मौके के लिए चुनें खूबसूरत पायल, यहां देखें डिजाईन

25/06/2026
Next Post
सुरक्षा परिषद

UNSC में जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तान-चीन की चाल एक बार फिर नाकाम

यह भी पढ़ें

डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने अशोक सिंघल और बाल ठाकरे को पुण्यतिथि पर किया नमन

17/11/2021
Uttarakhand Budget

धामी सरकार ने किया पेश 77,40,70, 837 हजार करोड़ का बजट

15/03/2023
lightning struck the temple in mathura

माता के मंदिर पर गिरी बिजली, फट गई गुंबद की दीवार

31/08/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version