• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

विदेशी नागरिकों के फेक आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

Writer D by Writer D
08/03/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, महाराजगंज
0
fake aadhaar card

fake aadhaar card

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उत्तर प्रदेश के महराजगंज पुलिस व साइबर सेल ने इंडो-नेपाल बार्डर से सटे महराजगंज जिले के पते से विदेशी नागरिकों का फेक एड्रेस पर आधार कार्ड बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े तीन साइबर जालसाजों को भी गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पोस्ट आफिस से अटैच सेंटर से विदेशियों का आधार कार्ड बनाया जा रहा था। दस हजार रुपये की दर से सौ से अधिक विदेशी नागरिकों का आधार कार्ड यह गैंग बनवा चुका है। अब खुलासा होने से गोरखपुर से लेकर सोनौली बार्डर तक हड़कंप मच गया है।

पुलिस कार्यालय में रविवार को एसपी प्रदीप गुप्ता ने राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने वाले अति संवेदनशील साइबर अपराध का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि तीन आरोपितों के पास से 60 हजार रुपया नगद, 13 ग्राम पंचायत की मोहर के अलावा आधार कार्ड बनाने वाले उपकरण लैपटाप, स्कैनर, प्रिंटर, फिंगर स्कैनर, रेटिना स्कैनर आदि बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपितों के खिलाफ जालसाजी व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

समाज कल्याण निदेशक बालकृष्ण हटाए गए, विशेष सचिव पंचायतीराज राकेश कुमार को दी गई तैनाती

एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल के सोनौली सीमा पर विदेशी नागरिकों का फेक एड्रेस से आधार कार्ड बनाने का गिरोह संचालित है। इसके खुलासे के लिए साइबर सेल के अलावा सभी सीमावर्ती थानों की पुलिस व गोरखपुर हाइवे पर स्थित पुलिस स्टेशन को सतर्क किया गया था। रविवार को फरेंदा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश उपाध्याय व साइबर सेल के प्रभारी मनोज कुमार पंत रविवार को फरेंदा दक्षिणी बाइपास पर मौजूद थे। उसी दौरान मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि गोरखपुर के कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र के भौराबारी चौराहे से एक टेम्पो में नेपाली नागरिक आ रहे हैं। यह सभी अपना फर्जी आधार कार्ड बनवाने गए थे। इस रैकेट का संचालन सोनौली से हो रहा है। टेम्पो को रोककर जांच शुरू की गई। चालक ने अपना नाम अमरनाथ पता सोनौली का गौतमबुद्धनगर वार्ड बताया।

उसने स्वीकार किया कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर नेपाली नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जा रहा है। उसका काम सिर्फ नेपाली नागरिकों को सोनौली से आधार कार्ड सेंटर तक पहुंचाने का था। इसके बदले प्रत्येक ट्रिप पर उसे पन्द्रह सौ रुपये मिलते थे। टेम्पो में चार नेपाली महिलाएं व दो नेपाली नागरिक सवार थे। पुलिस टीम ने महिला आरक्षियों के साथ सभी को पकड़ पूछताछ के लिए थाने पर ले गई। इसके बाद पुलिस ने विमलेश विश्वकर्मा निवासी भौराबारी थाना कैम्पियरगंज जिला गोरखपुर व दिलशाद निवासी वार्ड नम्बर 11 थाना सोनौली को गिरफ्तार कर लिया।

सीएम योगी ने महिला दिवस पर दीबधाई, बोले- प्रदेश की प्रगति में मातृशक्ति की भागीदारी अविस्मरणीय

विमलेश की भौराबारी चौराहे पर विश्वकर्मा मोबाइल केयर दुकान है। एक डाक घर से उसका आधार कार्ड बनाने का कनेक्शन है। दिलशाद सोनौली का रहने वाला है। वह सोनौली में इंडो-नेपाल मनी ट्रांसफर का काम करता है। वहीं से वह नेपाली नागरिकों से दस हजार रुपया लेकर उनका महराजगंज जिले के पते पर आधार कार्ड बनवा रहा था। उसी के नेटवर्क में विमलेश व अमरनाथ जुड़े थे। पुलिस ने अमरनाथ, विमलेश व दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने बताया कि अभी तक सौ से अधिक नेपाली नागरिकों का आधार कार्ड बनवा चुके हैं। इस आधार कार्ड के जरिए नेपाल का नागरिक होते हुए भी नेपाली भारत सरकार के योजनाओं का लाभ ले रहे थे। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि तीनों को जेल भेज दिया गया।

एसपी ने बताया कि रैकेट के तीन सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि वह फर्जी दस्तावेज के आधार पर नेपाली नागरिकों का महराजगंज जिले के पते का आधार कार्ड बनवाने के लिए प्रत्येक नेपाली नागरिक से दस हजार रुपया में डील करते थे। प्रकरण में धोखाधड़ी, अपराधिक षड्यंत्र समेत कई गंभीर धाराओं के अलावा आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई कर तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि जांच में इस रैकेट से जुड़े जितने भी लोगों का नाम सामने आएगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Tags: crime newsCyber crimefake aadhaar cardIndo Nepal Borderup news
Previous Post

समाज कल्याण निदेशक बालकृष्ण हटाए गए, विशेष सचिव पंचायतीराज राकेश कुमार को दी गई तैनाती

Next Post

योगी ने महिलाओं को किया सम्मानित, ‘मिशन शक्ति’ के दूसरे चरण का किया आगाज

Writer D

Writer D

Related Posts

Mrityunjay Tiwari
Main Slider

लालू को तगड़ा झटका, RJD के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी भाजपा में शामिल

24/07/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने जन समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश

24/07/2026
Obstructing 'Vande Mataram' will prove costly.
Main Slider

अब ‘वंदे मातरम्’ में बाधा डालना पड़ेगा भारी, सरकार लाई सख्त कानून

24/07/2026
Government Jobs
Main Slider

यूपी के युवाओं के लिए खुशखबरी, 62 हजार सरकारी नौकरियों का रास्ता साफ

24/07/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

उप्र सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत संयुक्त आयुक्त निलम्बित: केशव मौर्य

24/07/2026
Next Post
cm yogi

योगी ने महिलाओं को किया सम्मानित, 'मिशन शक्ति' के दूसरे चरण का किया आगाज

यह भी पढ़ें

Rahu-Ketu

इस दिशा में भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना हो जाएंगे कंगाल

15/02/2025
bjp mp son ayush

बीजेपी सांसद के बेटे पर गोली चलवाने मामले में नया ट्विस्ट, आयुष ने पत्नी का पहले से है एक पति

09/03/2021
Birthday boy Russell's

बर्थडे ब्वॉय रसेल के टी-20 क्रिकेट में 6 हजार रन पूरे, डीसी को दिया 155 रन का लक्ष्य

29/04/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version