• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मार्च 2022 तक बुंदेलखंड में हर घर नल योजना होगी लागूः योगी

Writer D by Writer D
06/01/2022
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। प्रदेश में जलशक्ति विभाग बनने के बाद पिछले चार-पांच वर्षों में यह विश्वास का प्रतीक बन गया है। पहले सिंचाई विभाग का मतलब काम कम-खर्च ज्यादा और बेइमानी और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। अब कार्य पद्धित पूरी तरह बदल चुकी है। ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल रोका गया।

ये बातें सीएम योगी ने 5214 करोड़ की 17 सिंचाई, 175 बाढ़ नियंत्रण और 11 पम्प नहर व नलकूप परियोजानाओं का लोकार्पण और 585 करोड़ की एक सिंचाई, 20 बाढ़ नियंत्रण और 03 पम्प नहर व नलकूप परियोजनाओं का शिलान्यास के मौके पर कहीं।

उन्होंने कहा कि 2017 में जब हमारी सरकार बनी थी तब प्रदेश की तस्वीर कुछ और थी। दशकों से सिंचाई परियोजनाएं लम्बित पड़ी थीं। हमारी सरकार बनने के बाद बाण सागर परियोजना पूरी हुई। इस परियोजना का शिलान्यास 1978 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने किया था। यह परियोजना 38 वर्षों तक कछुए की चाल से चलती रही। इसे हमने दो वर्षों में पूरा किया। बुंदेलखंड से जुड़ी एक दर्जन परियोजनाओं का हाल भी यही था। हाल ही में अर्जुन सहायक और उससे जुड़ी परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री ने महोबा में किया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौ जनपदों को जोड़ने वाली सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को 1972 में बनी थी। जब परियोजना समय से नहीं आगे बढ़ती तो उसकी लागत बढ़ती है और इसका लाभ आमजन को नहीं मिलता। जब सरयू नहर परियोजना बनी थी तो इसकी लागत 100 करोड़ रुपये थी और जब इसे हमने पूरा किया तो इसकी लागत 9800 करोड़ रुपये हो गई थी। इससे परियोजना की लागत 9700 करोड़ बढ़ गई। यह उन लोगों के पाप का परिणाम है, जिन्होंने समय से आमजन के जीवन में परिवर्तन लाने वाली परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया और विभाग बदनाम हुआ। हमने परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया। इसका परिणाम यह हुआ साढ़े चार वर्ष में 16.5 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की अतिरिक्त सुविधा मिल गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में जब हमारी सरकार आई तो बाढ़ सबसे बड़ी चुनौती थी। बारिश औसत होती थी पर बाढ़ के कारण व्यापक जनधन की हानि हो रही थी। उन्होंने कहा कि मैंने विभाग को सुझाव दिया कि ड्रेजिंग करके नदियों को चैनलाइज करेंगे तो बाढ़ से राहत मिल सकती है, जिसका परिणाम यह हुआ कि कम पैसा खर्च करके अच्छे परिणाम मिले। 2018 में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ आई थी। प्रदेश के 40 जनपद बाढ़ के प्रति अति संवेदनशील और संवेदनशील थे। बस्ती के पास कुछ गांव सरयू नदी के एकदम मुहाने पर थे, लेकिन ड्रेजिंग करके नदी को डायवर्ट किया गया और गांव सुरक्षित हो गए। थोड़े प्रयास के इस समस्या का समाधान हो सकता है। जिस राज्य में 38 से 40 जनपद बाढ़ से प्रभावित होते थे, उसे कम करके 4-5 जनपदों तक सीमित कर दिया गया। इस समस्या का पूर्ण समाधान हो सकता है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर समय से लागू करना होगा।

यूपी में 26 निरीक्षक बने पुलिस उपाधीक्षक

प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में निर्बाध और पर्याप्त बिजली देकर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। अब प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पैनल लग रहे हैं। गांव के हर ट्यूबवेल को फ्री में सिंचाई के जल उपलब्ध करायेंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के जल संसाधन विभाग ने पांच नदियों को जोड़ने वाली सरयू नहर परियोजना को पूरा किया है। अब 45000 करोड़ की केन-बेतावा नदी को जोड़ने की परियोजना आने वाली है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की एक ही समस्या थी, वहां पानी नहीं है। एक व्यवस्थित कार्ययोजना न होने के कारण बुंदेलखंड से सूखाग्रस्त था और पलायन होता था, लेकिन आज वहां कई परियोजना को लागू किया गया है। साथ ही केन-बेतवा परियोजना पूरी होने के बाद बुंदेलखंड के सूखे की समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा मार्च 2022 तक बुंदेलखंड में हर घर नल योजना लागू करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड की सिंचाई की समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा।

हम बाढ़ आने के पहले बाढ़ नियंत्रण का उपाय करते हैं लेकिन पहले बाढ़ आने के बाद उपाय होते थे- सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बाढ़ आने के पहले बाढ़ नियंत्रण का उपाय करते हैं लेकिन पहले बाढ़ आने के बाद उपाय होते थे, जिससे जनधन की हानि होती थी। उन्होंने कहा कि विभाग को हर हाल में 15 मई तक बाढ़ नियंत्रण के उपाय कर लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विभाग को सुझाव दिया कि नदियों की ड्रेजिंग करने से पर्याप्त मात्रा में सिल्ट निकलती है। अगर सही ढंग से आक्शन कर लें तो उसी पैसे से ये काम हो सकता है।

Tags: cm yogihar ghar nal yojnaLucknow Newsup newsyogi nes
Previous Post

मजबूती के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 870 अंक तक लुढ़का

Next Post

लाजपत राय मार्केट में लगी भीषण आग, कई दुकान जलकर रख

Writer D

Writer D

Related Posts

Potato Pinwheel
Main Slider

घर आएं गेस्ट के लिए झटपट बनाएं चटपटे पोटेटो पिनवील

19/07/2026
chutney
Main Slider

इसका जायका खाने में लगाएगा स्वाद का तड़का, देखें रेसिपी

19/07/2026
Eyebrows
Main Slider

आइब्रो को घनी बनाने के लिए अपनाएं ये उपाय

19/07/2026
Gold Facial
Main Slider

खुद से ही करें ये फेशियल, बच जाएगा पार्लर का खर्चा

19/07/2026
Mukhyamantri Shikshak Suraksha Cashless Medical Scheme turns out to be a boon
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री शिक्षक सुरक्षा कैशलेस चिकित्सा योजना बनी वरदान, मात्र 10 दिनों में 142 शिक्षकों को मिला लाभ

18/07/2026
Next Post

लाजपत राय मार्केट में लगी भीषण आग, कई दुकान जलकर रख

यह भी पढ़ें

पेगासस जासूसी कांड: पत्रकारों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जस्टिस की निगरानी में जांच की मांग

27/07/2021
Yasin Malik

टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा

25/05/2022
Amritsari Paneer Bhurji

लंच में लगाएं अमृतसरी तड़का, बनाएं टेस्टी पनीर भुर्जी

12/05/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version